भरत एनकाउंटर पर सवालों में घिरी सम्राट सरकार

भोजपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर बिहार की सम्राट सरकार घिरती नजर आ रही है। सत्ताधारी बीजेपी के भीतर से ही डिप्टी सीएम सहित कई नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और जांच की मांग की है। मामले में पुलिस अधिकारियों पर पहले ही कार्रवाई और सस्पेंशन हो चुका है।

भरत एनकाउंटर पर सवालों में घिरी सम्राट सरकार

दि राइजिंग न्यूज़ | भोजपुर | 21 जून 2026

एनकाउंटर पर उठे सवाल

बिहार के भोजपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस मामले में अब सत्ताधारी बीजेपी के भीतर से ही पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं, जिससे सम्राट चौधरी सरकार पर दबाव बढ़ गया है।

बीजेपी नेताओं ने जताई चिंता

डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने इस घटना को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रशासन से लापरवाही हुई है। उन्होंने संकेत दिया कि पुलिस इस स्थिति को बेहतर तरीके से संभाल सकती थी।उन्होंने कहा कि सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त है, लेकिन निर्दोष लोगों को नुकसान नहीं होना चाहिए। साथ ही उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की बात भी कही।

जांच और प्रक्रिया पर सवाल

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले आरोपी के आपराधिक इतिहास की ठीक से जांच होनी चाहिए थी और अगर बिना जान लिए स्थिति को संभाला जा सकता था, तो उस विकल्प पर विचार किया जाना चाहिए था।अधिकारियों के अनुसार मामले में कुछ पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है और जांच जारी है।

न्यायिक जांच की मांग

बीजेपी नेता ऋतुराज सिन्हा ने इस घटना की विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो को देखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।उन्होंने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि कार्रवाई में नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

विधायक ने भी उठाए सवाल

बक्सर से बीजेपी विधायक आनंद मिश्रा ने कहा कि यदि पुलिस समय पर और सही तरीके से कार्रवाई करती, तो स्थिति को बेहतर ढंग से संभाला जा सकता था।उन्होंने मामले में शामिल अधिकारियों के सस्पेंशन और निष्पक्ष जांच की मांग का समर्थन किया।

सरकार पर बढ़ा दबाव

सत्ताधारी दल के भीतर से ही सवाल उठने के बाद सरकार और पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अब मामले में पारदर्शी जांच और स्पष्ट जवाबदेही की मांग तेज हो गई है।फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से आगे की जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।