सीजफायर टूटा, फिर भड़का मध्य पूर्व
इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच हुआ संघर्षविराम कुछ ही घंटों में टूट गया। दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों में सात लोगों की मौत हो गई। घटनाक्रम के बाद ईरान ने समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर फिर से रोक लगाने की घोषणा कर दी है।
दि राइजिंग न्यूज़ | येरूशलम | 21 जून 2026
कुछ घंटों में टूट गया संघर्षविराम
मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच शुक्रवार को लागू हुआ संघर्षविराम एक दिन भी नहीं टिक सका। समझौते के कुछ ही घंटों बाद दक्षिणी लेबनान में फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू हो गई, जिससे क्षेत्र में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है।
इजरायली हमलों में सात लोगों की मौत
लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के नबातियेह क्षेत्र में इजरायली युद्धपोतों और ड्रोन द्वारा रातभर हमले किए गए। इन हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हमलों के कारण कई आवासीय इमारतें और घर भी क्षतिग्रस्त हो गए।स्थानीय सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि संघर्षविराम लागू होने के शुरुआती घंटों में ही सैन्य गतिविधियां जारी रहीं, जिससे समझौते के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इजरायल ने कार्रवाई को बताया जरूरी
इजरायली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि सेना क्षेत्र में मौजूद खतरों का जवाब देने के लिए स्वतंत्र है। उनके अनुसार ब्यूफोर्ट कैसल और अली ताहेर रिज जैसे रणनीतिक इलाकों में अभियान जारी रखा गया।इजरायल ने हिज्बुल्लाह पर संघर्षविराम की शर्तों का उल्लंघन करने और अपने सैन्य ढांचे को सुरक्षित रखने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। हालांकि हिज्बुल्लाह की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज
संघर्षविराम टूटने के बाद ईरान ने भी कड़ा कदम उठाया है। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर फिर से रोक लगाने की घोषणा की है।ईरान का आरोप है कि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने युद्ध समाप्ति समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया। तेहरान का कहना है कि दक्षिणी लेबनान से सैन्य गतिविधियां जारी रहना और संघर्षविराम का उल्लंघन समझौते की भावना के खिलाफ है।
अमेरिका और ईरान समझौते पर संकट
ताजा घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए अंतरिम शांति समझौते के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। इस समझौते का उद्देश्य क्षेत्र में तनाव कम करना और लंबे समय से जारी संघर्षों को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाना था।होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। यहां किसी भी प्रकार की रोक या अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है।
अचानक ईरान पहुंचे पाकिस्तान के गृहमंत्री
इस बीच पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी भी अचानक ईरान पहुंच गए हैं। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में राजनीतिक और सैन्य घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं।ईरानी समाचार एजेंसी के अनुसार, नकवी अपनी यात्रा के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच चल रही वार्ताओं की प्रगति पर नजर रख सकते हैं। माना जा रहा है कि क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी उनकी बैठकों का हिस्सा रहेंगे।
बढ़ती अनिश्चितता से चिंतित दुनिया
संघर्षविराम के टूटने, लेबनान में बढ़ती हिंसा और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नए प्रतिबंधों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद क्षेत्र में शांति की संभावनाएं फिलहाल कमजोर होती दिखाई दे रही हैं और दुनिया की निगाहें अब आने वाले दिनों के घटनाक्रम पर टिकी हैं।