राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़: 'यही चारों असली चोर' कहकर दर्ज कराई तहरीर

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले ने नया मोड़ ले लिया है। स्थानीय निवासी संतोष दुबे ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़:  'यही चारों असली चोर' कहकर दर्ज कराई तहरीर

दि राइजिंग न्यूज़ | अयोध्या | 16 जून 2026

चढ़ावा चोरी मामले में नई शिकायत

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। अयोध्या निवासी संतोष दुबे ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट से जुड़े कुछ प्रमुख लोगों के खिलाफ तहरीर देकर मामले की विस्तृत जांच की मांग की है। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

चार लोगों पर लगाए गंभीर आरोप

संतोष दुबे ने अपनी तहरीर में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत चार लोगों के नाम का उल्लेख करते हुए कहा है कि चढ़ावा चोरी प्रकरण में इनकी भूमिका की जांच आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। शिकायतकर्ता का कहना है कि मंदिर परिसर में लगे सुरक्षा तंत्र और निगरानी व्यवस्था के बावजूद यदि चढ़ावे से जुड़ा कोई सामान या धनराशि गायब हुई है तो इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

तहरीर में संतोष दुबे ने पुलिस और प्रशासन से अनुरोध किया है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

ट्रस्ट और प्रशासन की नजर

शिकायत सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त तहरीर का परीक्षण किया जाएगा और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं राम जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से अभी तक इस शिकायत पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आस्था से जुड़ा संवेदनशील मामला

राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े किसी भी विवाद पर लोगों की नजर बनी रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मामले की पारदर्शी जांच होने से तथ्यों की स्पष्टता सामने आएगी और किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम की स्थिति दूर होगी।

जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट

फिलहाल यह मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और चढ़ावा चोरी प्रकरण में वास्तविक जिम्मेदारी किसकी बनती है। पूरे मामले पर अयोध्या सहित देशभर के श्रद्धालुओं की नजर बनी हुई है।