MLC चुनाव प्रचार का आज अंतिम दिन:जीत के लिए प्रत्याशियों ने झोंकी ताकत, सपा-भाजपा में टक्कर
उत्तर प्रदेश शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए आज प्रचार का अंतिम दिन है। चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को वोटिंग होनी है। वोटिंग से ठीक 24 घंटे पहले आज 21 अक्टूबर की रात को चुनाव प्रचार थम जाएगा। प्रचार थमने के साथ ही प्रत्याशियों की धड़कनें भी बढ़ी हुई हैं। इस चुनाव में सपा और भाजपा के बीच ही मुख्य टक्कर है। दोनों ही दल एक दूसरे के आमने-सामने मजबूत चुनाव लड़ रहे हैं। आज बुधवार की शाम चुनाव प्रचार थम जाएगा। विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माने जा रहे इलेक्शन के लिए भाजपा-सपा दोनों ने ताकत झोंक दी है। मेरठ में इन प्रत्याशियों में है टक्कर मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में श्रीचंद शर्मा BJP, नितिन कुमार तोमर SP से मुख्य प्रत्याशी हैं। इनके अलावा कुलदीप मलिक, तनुज गंभीर, पंकज कुमार, बाकिर हुसैन, स्वराज पाल, सुशील, डॉ. सुशील कुमार पुंडीर और हरकेश सिंह सहित अन्य निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा से दिनेश गोयल, सपा से प्रमेंद्र सिंह भाटी में मुख्य टक्कर है। इसके अलावा अमित जैन, दुष्यंत, मोहम्मद अकरम रजा, राहुल कुशवाहा, विक्रांत त्यागी और विजय कुमार त्यागी सहित कई निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। कुल 18 प्रत्याशी एमएलसी चुनाव में मैदान में हैं।
सपा-भाजपा दोनों दलों ने झोंकी ताकत
सपा और भाजपा दोनों के लिए ही एमएलसी चुनाव अहम बन चुका है। क्योंकि इस चुनाव को विधानसभा चुनाव 2027 से पहले का सेमिफाइनल माना जा रहा है। ऐसे में दोनों ही दल अपनी पूरी ताकत दिखाना चाहती हैं। क्योंकि एमएलसी चुनाव के नतीजे कहीं न कहीं आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जनता के मन में दलों की एक तस्वीर पेश करेंगे।
एमएलसी चुनाव में 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी। चार दिन बाद 27 अक्टूबर को गिनती होगी और रिजल्ट आएगा। यूपी में 11 सीटों पर हो रहा चुनाव
केवल 11 सीटों पर हो रहा है लेकिन कई कारणों से बेहद अहम हो गया हैं। यही कारण है कि योगी सरकार के एक दर्जन मंत्री और भाजपा-सपा के 100 से ज्यादा सांसदों-विधायकों ने अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए ताकत झोंक दी है। दोनों दलों के बीच कांटे की टक्कर भी दिखाई दे रही है। इन सीटों पर हो रहा चुनाव
यह चुनाव बैलेट पेपर से होगा। यूपी में 11 सीटों पर सभी 75 जिले कवर हो रहे हैं। एमएलसी की 11 सीटों में 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन खंड की हैं। स्नातक में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक की सीटें हैं। इसी तरह शिक्षक के लिए लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन की सीटें हैं। इन जिलों के लिए हो रहा है चुनाव
मेरठ खंड स्नातक में 9 जिले आते हैं। इससमें मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली के वोटर वोट देंगे।
आगरा खंड स्नातक में 12 जिले के वोटर वोट देंगे। इसमें आगरा, अलीगढ़, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा, हाथरस, कासगंज, इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज और औरैया शामिल हैं।
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक में 10 जिले हैं। इसमें प्रयागराज (इलाहाबाद), कौशांबी, फतेहपुर, बांदा, चित्रकुट, हमीरपुर, महोबा, झांसी, जालौन और ललितपुर जिले शामिल हैं।
लखनऊ खंड शिक्षक सीट में 9 जिलों लखनऊ, हरदोई, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, सीतापुर, उन्नाव, बाराबंकी, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर शामिल है।
वाराणसी खंड शिक्षक में 8 जिले हैं। इसमें वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया के वोटर शामिल हैं।
बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक में 9 जिले हैं। बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, रामपुर और संभल शामिल हैं।
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक में सबसे ज्यादा 17 जिले शामिल हैं। इसमें गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, अयोध्या (फैजाबाद), अंबेडकर नगर, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, आजमगढ़, मऊ, अमेठी और सुल्तानपुर के कुछ क्षेत्र शामिल हैं।
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