अखिलेश के PDA रथ की कीमत जानकर रह जाएंगे हैरान!
अखिलेश यादव की प्रस्तावित समाजवादी पीडीए यात्रा के लिए तैयार प्रचार रथ करीब 15 मीटर लंबी विशेष बस है। इसमें बुलेटरोधी शीशे, उठाने वाली छत व्यवस्था, बैठक कक्ष, रसोई, स्नानघर, निगरानी कैमरे और बाहरी दृश्य पट्टी जैसी सुविधाएं हैं। रिपोर्टों के अनुसार इसे तैयार करने और उन्नत करने में करीब 2 से 5 करोड़ रुपये तक का खर्च बताया गया है।
दि राइजिंग न्यूज | लखनऊ | 18 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी ने अपने चुनावी अभियान की तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रस्तावित ‘समाजवादी PDA यात्रा’ के लिए विशेष प्रचार रथ तैयार किया गया है। करीब 15 मीटर लंबी यह आलीशान बस सामान्य प्रचार वाहनों से काफी अलग है और इसमें सुरक्षा से लेकर जनसभा तथा यात्रा के दौरान काम आने वाली कई सुविधाएं शामिल की गई हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, इस बस को तैयार और उन्नत करने में करीब 2 से 5 करोड़ रुपये तक का खर्च बताया जा रहा है।
करीब 15 मीटर लंबी है प्रचार बस
अखिलेश यादव के प्रचार रथ के रूप में तैयार की गई यह बस करीब 15 मीटर लंबी बहु-धुरी वाली मर्सिडीज बस बताई जा रही है। इसे सामान्य यात्री बस की तरह नहीं रखा गया है, बल्कि चुनावी यात्रा और जनसभाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से तैयार किया गया है। बस में सुरक्षा व्यवस्था के साथ बैठकों, आराम और प्रचार से जुड़ी सुविधाएं भी दी गई हैं। इसके बाहरी हिस्से को समाजवादी पार्टी के लाल रंग में तैयार किया गया है।
सुरक्षा के लिए लगाए गए विशेष इंतजाम
इस प्रचार रथ में सुरक्षा को भी विशेष महत्व दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार बस में बुलेटरोधी शीशे लगाए गए हैं, जबकि छत तक पहुंचने के लिए उठाने वाली विशेष यांत्रिक व्यवस्था भी मौजूद है। इसकी मदद से अखिलेश यादव यात्रा के दौरान जरूरत पड़ने पर बस की छत से लोगों को संबोधित कर सकते हैं। इस तरह वाहन को केवल सफर के लिए नहीं, बल्कि चलते-फिरते प्रचार मंच के रूप में तैयार किया गया है।
अंदर बैठक से लेकर रसोई और स्नानघर तक की सुविधा
बस के अंदर करीब छह लोगों के बैठने और बैठक करने की व्यवस्था बताई गई है। इसमें आराम करने के लिए सोफा और बिस्तर वाला स्थान, रसोई, सामान रखने के लिए अलग जगह तथा स्नानघर जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं। यात्रा के दौरान लंबे समय तक इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए वातानुकूलन और निगरानी कैमरों की व्यवस्था भी की गई है। इस वजह से यह वाहन एक सामान्य प्रचार बस के बजाय चलती-फिरती आधुनिक यात्रा व्यवस्था जैसा दिखाई देता है।
बाहर लगी बड़ी दृश्य पट्टी से होगा प्रचार
प्रचार रथ के बाहर बड़ी प्रकाशीय दृश्य पट्टी लगाई गई है, जिस पर तस्वीरें और चलचित्र दिखाए जा सकते हैं। इसके अलावा बस में इंटरनेट संपर्क और वीडियो बातचीत जैसी सुविधाएं भी बताई गई हैं। इन व्यवस्थाओं के जरिए यात्रा के दौरान प्रचार सामग्री लोगों तक पहुंचाने और पार्टी के संदेश को अधिक प्रभावी तरीके से प्रदर्शित करने की तैयारी है। इस तरह बस को सड़क पर चलने वाले प्रचार मंच के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
बस को तैयार करने में कितना खर्च आया
इस विशेष प्रचार रथ को तैयार करने और उसमें आवश्यक बदलाव करने की लागत को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग अनुमान सामने आया है। एक रिपोर्ट में इसे करीब 5 करोड़ रुपये तक बताया गया है, जबकि अन्य रिपोर्टों में वाहन के नवीनीकरण और उन्नयन की अनुमानित लागत करीब 2 से 5 करोड़ रुपये बताई गई है। इसलिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे करोड़ों रुपये की लागत वाला विशेष प्रचार वाहन कहा जा सकता है। वास्तविक खर्च का आधिकारिक ब्योरा सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।
बस पर सामाजिक न्याय और PDA का संदेश
इस प्रचार रथ के दोनों तरफ समाजवादी PDA यात्रा से जुड़े संदेश लिखे गए हैं। बस पर सामाजिक न्याय, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े संदेशों को प्रमुखता दी गई है। एक तरफ अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ सामाजिक न्याय और PDA से संबंधित संदेश दिखाई देते हैं, जबकि दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की तस्वीर के साथ सामाजिक आंदोलन और सामाजिक न्याय से जुड़े संदेश दिए गए हैं। इससे साफ है कि प्रचार रथ की सज्जा में राजनीतिक संदेश को प्रमुख स्थान दिया गया है।
कई प्रमुख नेताओं की तस्वीरें भी लगाई गईं
प्रचार बस पर डॉ. भीमराव आंबेडकर, राम मनोहर लोहिया, जनेश्वर मिश्र और बेनी प्रसाद वर्मा समेत कई प्रमुख नेताओं की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। पार्टी की ओर से इस सज्जा के जरिए सामाजिक न्याय और सामाजिक भागीदारी से जुड़े अपने राजनीतिक संदेश को सामने रखने की कोशिश की गई है।此前 के चुनावी प्रचार रथ की तरह इस बार भी बस को पार्टी के विचार और चुनावी संदेशों के अनुरूप नया रूप दिया गया है। रिपोर्टों में बस पर करीब 18 महापुरुषों की तस्वीरें लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
पहले भी चुनावी अभियानों में इस्तेमाल हो चुकी है बस
अखिलेश यादव इससे पहले भी चुनावी अभियानों में इसी तरह की विशेष बस का इस्तेमाल कर चुके हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इसी बस का अलग-अलग चुनावों में अलग नाम और संदेश के साथ उपयोग किया गया है। वर्ष 2017 में इसे समाजवादी विकास रथ और वर्ष 2022 में समाजवादी विजय यात्रा के प्रचार से जोड़ा गया था। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इसे समाजवादी PDA यात्रा के संदेश के साथ नए रूप में तैयार किया गया है।
अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से यात्रा की तैयारी
समाजवादी पार्टी की प्रस्तावित PDA यात्रा को लेकर अक्टूबर के आखिरी सप्ताह की संभावना बताई जा रही है। हालांकि अभी यात्रा की अंतिम तारीख, पूरा मार्ग और कार्यक्रम सार्वजनिक रूप से तय नहीं किए गए हैं। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक विशेष रूप से तैयार की गई बस लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय पहुंच चुकी है और इसे आगे के प्रचार कार्यक्रमों में इस्तेमाल किया जाना है। यात्रा के जरिए पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने राजनीतिक संदेश को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।
2024 के लोकसभा चुनाव में PDA रहा था प्रमुख मुद्दा
समाजवादी पार्टी ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में PDA को अपने प्रमुख राजनीतिक संदेशों में शामिल किया था। उत्तर प्रदेश में पार्टी ने 80 लोकसभा सीटों में से 37 सीटों पर जीत दर्ज की थी। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी इसी सामाजिक समीकरण से जुड़े संदेशों को प्रचार अभियान में आगे बढ़ा रही है। प्रस्तावित यात्रा के जरिए अखिलेश यादव पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच पहुंच बनाने की कोशिश करेंगे।
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