नीट पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, बेटे के लिए प्रश्नपत्र खरीदने वाला डॉक्टर गिरफ्तार

नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र के लातूर से एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने अपने बेटे के लिए कथित प्रश्नपत्र खरीदे थे। जांच में मुख्य आरोपी ‘एम सर’ के बड़े शिक्षा नेटवर्क और करोड़ों के खेल का भी खुलासा हुआ है।

नीट पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, बेटे के लिए प्रश्नपत्र खरीदने वाला डॉक्टर गिरफ्तार

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 21 मई 2026

देश को झकझोर देने वाले नीट पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिली है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र के लातूर से एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है, जिस पर अपने बेटे के लिए कथित तौर पर प्रश्नपत्र खरीदने का आरोप लगा है। जांच में सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर ने लीक नेटवर्क से जुड़े मुख्य आरोपी शिवराज मोटेगांवकर उर्फ ‘एम सर’ से संपर्क कर मोटी रकम के बदले कथित गेस पेपर हासिल किए थे। इस गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है और शिक्षा व्यवस्था पर फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

बेटे को परीक्षा में पास कराने के लिए खरीदा था कथित प्रश्नपत्र

जांच एजेंसियों के अनुसार गिरफ्तार डॉक्टर मनोज शिरुरे ने अपने बेटे को परीक्षा में बेहतर अंक दिलाने के लिए इस नेटवर्क से संपर्क किया था। आरोप है कि उसने लातूर के चर्चित कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर से कथित प्रश्नपत्र खरीदे थे।जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए अभिभावकों और छात्रों से भारी रकम वसूली जा रही थी। एजेंसियों को शक है कि परीक्षा से पहले चुनिंदा लोगों तक गोपनीय जानकारी पहुंचाई गई थी। अब डॉक्टर की गिरफ्तारी के बाद कई और अभिभावकों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ सकती है।

पुणे में पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी

सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय जांच एजेंसी ने डॉक्टर मनोज शिरुरे को पुणे में लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं, जिसके बाद गिरफ्तारी का फैसला लिया गया।इस मामले में किसी अभिभावक की यह पहली गिरफ्तारी मानी जा रही है। इससे पहले जांच एजेंसियां मुख्य रूप से पेपर लीक नेटवर्क चलाने वालों और बिचौलियों पर कार्रवाई कर रही थीं। अब अभिभावकों की भूमिका सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।

अब तक 11 लोगों की हो चुकी गिरफ्तारी

नीट पेपर लीक मामले में अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें महाराष्ट्र, राजस्थान और हरियाणा से जुड़े आरोपी शामिल हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था और इसमें अलग-अलग स्तर पर लोग जुड़े हुए थे।गिरफ्तार आरोपियों में कुछ महिलाएं भी शामिल हैं। एजेंसियों को शक है कि पेपर लीक का यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और प्रतियोगी परीक्षाओं को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई कर रहा था। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

एम सर’ के नेटवर्क को लेकर चौंकाने वाले खुलासे

जांच के दौरान मुख्य आरोपी शिवराज मोटेगांवकर उर्फ ‘एम सर’ को लेकर कई बड़े खुलासे सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि वह लातूर में आठ एकड़ जमीन पर बड़ा शैक्षणिक संस्थान खोलने की तैयारी कर रहा था। निर्माणाधीन परिसर में स्कूल और कॉलेज शुरू करने की योजना बनाई गई थी।जांच एजेंसियों को शक है कि इस पूरे नेटवर्क से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल बड़े कारोबार और शैक्षणिक संस्थानों में निवेश के लिए किया जा रहा था। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं बल्कि शिक्षा माफिया से जुड़ा बड़ा संगठित नेटवर्क हो सकता है।

शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक और धन के बल पर प्रश्नपत्र खरीदने के आरोपों ने देशभर में चिंता बढ़ा दी है। छात्र और अभिभावक लगातार परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होने की आशंका ने पूरे देश में नाराजगी पैदा कर दी है। ऐसे नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। यही वजह है कि अब इस मामले में सख्त जांच और कठोर कार्रवाई की मांग लगातार तेज हो रही है।

आठ एकड़ में खड़ा हो रहा था बड़ा शिक्षा संस्थान

जांच एजेंसियों के अनुसार शिवराज मोटेगांवकर लातूर के खोपेगांव इलाके में बड़े स्तर पर स्कूल और कॉलेज शुरू करने की तैयारी कर रहा था। इसके लिए आठ एकड़ जमीन पर बहुमंजिला इमारत का निर्माण तेजी से कराया जा रहा था। अधिकारियों को शक है कि इस निर्माण में पेपर लीक नेटवर्क से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।जांच के दायरे में अब जमीन खरीद, निर्माण में लगे पैसों और फंडिंग के स्रोतों को भी शामिल किया गया है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इतने बड़े स्तर पर पैसा कहां से आया और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही।

जांच के बाद कोचिंग संस्थान को किया गया सील

केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद पुणे नगर निगम ने आरोपी के कोचिंग संस्थान पर भी बड़ा कदम उठाया। बुधवार को शिवराज मोटेगांवकर के चर्चित कोचिंग संस्थान को सील कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने तक संस्थान में किसी भी तरह की गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी।सूत्रों के मुताबिक एजेंसियों ने आरोपी की पत्नी और बेटे से भी पूछताछ की है। अधिकारियों को शक है कि परिवार के कुछ लोगों को भी आर्थिक लेनदेन और नेटवर्क की जानकारी हो सकती है। आने वाले दिनों में जांच और तेज होने की संभावना है।

पांच लाख से पचास लाख तक में बिक रहे थे कथित प्रश्नपत्र

जांच एजेंसियों के सामने पेपर लीक गिरोह का पूरा तरीका भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह गिरोह छात्रों और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति देखकर रकम तय करता था। कथित गेस पेपर के बदले पांच लाख से लेकर पचास लाख रुपये तक वसूले जाते थे।गिरोह पहले केवल टोकन राशि लेता था और बाद में बाकी रकम की मांग की जाती थी। इसके लिए परिवारों से खाली चेक और जरूरी दस्तावेज तक अपने पास रख लिए जाते थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था।

प्रश्नपत्र मिलने के बाद ली जाती थी पूरी रकम

जांच में सामने आया है कि गिरोह छात्रों को कथित प्रश्न बैंक उपलब्ध कराता था और दावा करता था कि यही असली प्रश्नपत्र है। इसके बाद परीक्षा समाप्त होने और उत्तर सूची आने के बाद रकम का बाकी हिस्सा लिया जाता था।हालांकि परीक्षा के बाद कई परिवारों ने पूरी रकम देने से इनकार कर दिया। कुछ लोगों का कहना था कि सभी सवाल प्रश्नपत्र से मेल नहीं खा रहे थे। इसी विवाद के दौरान कई ऐसे सुराग मिले, जिससे जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क तक पहुंच सकीं।

गुप्त सूचना के बाद शुरू हुई बड़ी कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार खुफिया एजेंसियों से जानकारी मिलने के बाद राजस्थान की विशेष जांच टीम ने आठ मई की रात कार्रवाई शुरू की थी। उसी समय गिरोह कथित खरीदारों से पैसे वसूलने में लगा हुआ था। जांच के दौरान कई छात्रों और परिवारों के यहां छापेमारी की गई।एक छात्र से पूछताछ के दौरान दलाल का फोन आने के बाद जांच एजेंसियों को बड़े सबूत मिले। इसके बाद कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई शुरू की गई और पूरे नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हो गईं।

कई आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए

इस मामले में गिरफ्तार कई आरोपियों को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं एक आरोपी की केंद्रीय जांच एजेंसी हिरासत भी बढ़ाई गई है। अदालत ने कुछ आरोपियों के हस्ताक्षर और दस्तावेजों के नमूने लेने की अनुमति भी दे दी है।जांच एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पूरे मामले में कई बड़े नाम और आर्थिक लेनदेन सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

इक्कीस जून को फिर होगी परीक्षा

नीट परीक्षा इस वर्ष तीन मई को देश और विदेश के कई परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई थी। परीक्षा में लाखों छात्रों ने हिस्सा लिया था, लेकिन गड़बड़ी की शिकायतों के बाद पूरे देश में विवाद खड़ा हो गया। बाद में परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।अब इक्कीस जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने का दावा किया है। साथ ही सोशल मीडिया और संदेश माध्यमों पर फैलाए जा रहे भ्रामक दावों पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।