तमिलनाडु में विजय सरकार का बड़ा फेरबदल, 23 नए मंत्रियों को जिम्मेदारी; कांग्रेस को मिला शिक्षा और पर्यटन विभाग
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय ने सरकार बनने के कुछ दिनों बाद बड़ा मंत्रिमंडल फेरबदल किया है। 23 नए मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कांग्रेस को शिक्षा और पर्यटन जैसे अहम विभाग सौंपे गए हैं।
दि राइजिंग न्यूज़ | चेन्नई | 21 मई 2026
तमिलनाडु में विजय सरकार का बड़ा मंत्रिमंडल फेरबदल
तमिलनाडु में नई सरकार बनने के कुछ ही दिनों बाद मुख्यमंत्री विजय ने अपने मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल कर सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद 23 नए मंत्रियों को अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इसके साथ ही कई वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री विजय ने सरकार के शुरुआती दौर में ही यह साफ संकेत दे दिया है कि वह प्रशासन और राजनीति दोनों स्तर पर मजबूत पकड़ बनाए रखना चाहते हैं। सरकार की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह फेरबदल केवल विभागों के बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए नई सरकार की प्राथमिकताओं को भी सामने रखा गया है। मुख्यमंत्री विजय ने प्रशासनिक सुधार, तकनीक आधारित शासन और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल का पुनर्गठन किया है।
मुख्यमंत्री विजय ने अपने पास रखे सबसे अहम विभाग
मुख्यमंत्री विजय ने सरकार के सबसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास ही रखे हैं। लोक प्रशासन, गृह, पुलिस, नगर प्रशासन और शहरी विकास जैसे बड़े विभागों की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री स्वयं संभालेंगे। इसके अलावा विशेष कार्यक्रम क्रियान्वयन, गरीबी उन्मूलन और ग्रामीण ऋण राहत जैसे विभाग भी उनके पास रहेंगे।राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मुख्यमंत्री विजय सरकार के शुरुआती महीनों में प्रशासनिक नियंत्रण अपने हाथ में रखना चाहते हैं। यही वजह है कि कानून व्यवस्था और प्रशासन से जुड़े विभाग किसी दूसरे मंत्री को नहीं सौंपे गए। सरकार के करीबी सूत्रों का मानना है कि मुख्यमंत्री आने वाले समय में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव और नई योजनाओं की शुरुआत कर सकते हैं।
कई वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में किया गया बड़ा बदलाव
मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान कई वरिष्ठ नेताओं की जिम्मेदारियों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। मंत्री एन आनंद को ग्रामीण विकास, पंचायत और सिंचाई विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में विकास योजनाओं को तेज करने के लिए अनुभवी नेताओं को अहम विभाग दिए गए हैं।वहीं आर निर्मलकुमार को बिजली, वैकल्पिक ऊर्जा, कानून, जेल, चुनाव और न्यायालय से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन विभागों को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि राज्य में ऊर्जा और कानून व्यवस्था दोनों बड़े राजनीतिक मुद्दे रहे हैं। सरकार का दावा है कि विभागों के पुनर्गठन से योजनाओं का संचालन तेज और अधिक प्रभावी होगा।
आपदा प्रबंधन और राजस्व विभाग में भी बड़ा बदलाव
राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी के ए सेंगोत्तैयन को सौंपी गई है। वह अब आपदा प्रबंधन, राजस्व प्रशासन और विधानसभा मामलों की निगरानी करेंगे। हाल के वर्षों में तमिलनाडु में बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं बढ़ी हैं, इसलिए इस विभाग को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।सरकार का कहना है कि आपदा प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा प्रशासनिक स्तर पर भी कई नई व्यवस्थाएं लागू करने की तैयारी की जा रही है ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तेजी से कार्रवाई की जा सके।
नए चेहरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
राज्य सरकार ने इस बार कई नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में शामिल कर अहम विभाग सौंपे हैं। मत्स्य पालन, पशुपालन, दुग्ध विकास, कृषि और पर्यावरण जैसे विभाग नए मंत्रियों को दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि नए नेताओं को मौका देने से प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा आएगी।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस फैसले के जरिए मुख्यमंत्री विजय ने युवाओं और नए नेताओं को आगे बढ़ाने का संदेश देने की कोशिश की है। साथ ही क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने का भी प्रयास किया गया है ताकि सरकार को हर वर्ग का समर्थन मिल सके।
कांग्रेस को भी मिला सरकार में अहम हिस्सा
इस मंत्रिमंडल विस्तार में कांग्रेस को भी अहम भागीदारी दी गई है। कांग्रेस नेता राजेश कुमार को पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं कांग्रेस विधायक पी विश्वनाथन को उच्च शिक्षा विभाग दिया गया है। इसे सहयोगी दलों को साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय सरकार गठबंधन सहयोगियों को साथ लेकर चलने का स्पष्ट संदेश देना चाहती है। कांग्रेस को शिक्षा और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभाग देकर सरकार ने यह संकेत दिया है कि सहयोगी दलों की भूमिका सरकार में मजबूत बनी रहेगी।
तकनीक और डिजिटल व्यवस्था पर सरकार का बड़ा जोर
नई सरकार ने तकनीक और डिजिटल प्रशासन को भी अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है। इसी के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं के लिए अलग विभाग बनाया गया है। इसकी जिम्मेदारी कुमार आर को दी गई है।सरकार का कहना है कि आने वाले वर्षों में डिजिटल तकनीक के जरिए प्रशासनिक कामकाज को तेज और पारदर्शी बनाया जाएगा। इसके तहत सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन करने, तकनीक आधारित निगरानी बढ़ाने और डिजिटल सुविधाओं को गांवों तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।
वित्त और कल्याण विभागों में भी नई जिम्मेदारियां
इसके अलावा पिछड़ा वर्ग कल्याण, श्रम कल्याण, कौशल विकास, मानव संसाधन प्रबंधन और वित्त जैसे विभाग भी अलग-अलग मंत्रियों को सौंपे गए हैं। वित्त, योजना और विकास विभाग की जिम्मेदारी एन मैरी विल्सन को दी गई है। वहीं निषेध और आबकारी विभाग विघ्नेश के पास रहेगा।सरकार का कहना है कि सभी विभागों में जवाबदेही तय करने और योजनाओं को तेजी से लागू करने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया गया है। आने वाले समय में रोजगार, शिक्षा और कल्याण योजनाओं पर सरकार विशेष ध्यान देने वाली है।
तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी हलचल
तमिलनाडु की राजनीति में इस बड़े फेरबदल को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई सरकार बनने के तुरंत बाद इतने बड़े स्तर पर विभागों का पुनर्गठन यह संकेत देता है कि मुख्यमंत्री विजय अपनी सरकार को पूरी तरह नए अंदाज में आगे बढ़ाना चाहते हैं।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस नए मंत्रिमंडल के फैसले और कामकाज पर पूरे देश की नजर रहेगी। अब यह देखना अहम होगा कि विजय सरकार अपने प्रशासनिक बदलावों और नई योजनाओं के जरिए जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाती है।