बरेली बवाल में पुलिस को बड़ी सफलता, फरार आरोपी गफ्फार खान उत्तराखंड से गिरफ्तार

बरेली बवाल मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दंगाइयों तक अवैध हथियार पहुंचाने के आरोपी गफ्फार खान को उत्तराखंड के किच्छा से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से फरार था और अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।

बरेली बवाल में पुलिस को बड़ी सफलता, फरार आरोपी गफ्फार खान उत्तराखंड से गिरफ्तार

दि राइजिंग न्यूज़ | बरेली | 21 मई 2026

उत्तर प्रदेश के बरेली में पिछले वर्ष हुए सांप्रदायिक बवाल और हिंसा मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी गफ्फार खान को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि गफ्फार खान दंगे के दौरान उपद्रवियों और मुख्य आरोपियों तक अवैध हथियार पहुंचाने का काम करता था। आरोपी को उत्तराखंड के किच्छा इलाके से गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद बरेली बवाल और अवैध हथियार नेटवर्क को लेकर कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

 बरेली बवाल के बाद से फरार चल रहा था आरोपी

पुलिस के अनुसार गफ्फार खान पिछले कई महीनों से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थीं। आखिरकार बहेड़ी पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर उत्तराखंड के किच्छा इलाके में कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया गया।जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से अपना नेटवर्क चला रहा था। वह लगातार अलग-अलग राज्यों में संपर्क बनाकर छिपने की कोशिश कर रहा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

 दंगाइयों तक हथियार पहुंचाने का गंभीर आरोप

पुलिस जांच में सामने आया है कि गफ्फार खान पर बरेली बवाल के दौरान उपद्रवियों को अवैध असलहे उपलब्ध कराने का गंभीर आरोप है। बताया जा रहा है कि इसी नेटवर्क के जरिए दंगाइयों तक पिस्तौल और कारतूस पहुंचाए गए थे।पुलिस का दावा है कि यह केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं बल्कि अंतरराज्यीय हथियार तस्करी से जुड़ा बड़ा नेटवर्क था। आरोपी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई अपराधियों के संपर्क में था। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इस नेटवर्क के तार और किन राज्यों तक फैले हुए हैं।

 पोस्टर विवाद के बाद भड़की थी हिंसा

बता दें कि 26 सितंबर 2025 को बरेली में एक पोस्टर विवाद के बाद माहौल अचानक बिगड़ गया था। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और इलाके में हिंसा तथा पथराव शुरू हो गया। हालात इतने खराब हो गए थे कि पुलिस को कई जगहों पर बल प्रयोग करना पड़ा।पुलिस के मुताबिक उस दौरान भीड़ ने सुरक्षा बलों पर हमला किया था और फायरिंग की घटनाएं भी सामने आई थीं। इस मामले में कई लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए थे। जांच के दौरान ही हथियार सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ था।

 पहले ही जेल जा चुके हैं पांच आरोपी

पुलिस ने बताया कि इस मामले में कुल छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। इनमें से पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। गफ्फार खान अकेला ऐसा आरोपी था जो लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।अब उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि पूरे नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर कई और संदिग्ध लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस इस मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।

 फरवरी में हुआ था हथियार नेटवर्क का खुलासा

इस पूरे अवैध हथियार नेटवर्क का खुलासा 19 फरवरी 2026 को हुआ था। पुलिस ने शेरगढ़ तिराहे के पास चेकिंग के दौरान दो आरोपियों को कार से भारी मात्रा में पिस्तौल और कारतूस के साथ पकड़ा था। पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे।आरोपियों ने बताया था कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश से अवैध हथियार लाकर उत्तराखंड समेत कई इलाकों में सप्लाई करता था। जांच में गफ्फार खान का नाम सामने आने के बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। अब गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

 कई आपराधिक मामलों में पहले से दर्ज हैं मुकदमे

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गफ्फार खान पर पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उस पर मारपीट, धमकी, अवैध खनन और गैंगस्टर कानून के तहत भी मुकदमे चल रहे हैं। यही वजह है कि पुलिस उसे लंबे समय से बेहद खतरनाक आरोपी मान रही थी।अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पूरे नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों की तलाश जारी है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरेली बवाल के दौरान अवैध हथियारों की सप्लाई के पीछे और कौन-कौन लोग सक्रिय थे।

पुलिस को शक, बवाल के पीछे था बड़ा नेटवर्क

जांच एजेंसियों को शक है कि बरेली हिंसा केवल स्थानीय विवाद नहीं था, बल्कि इसके पीछे संगठित नेटवर्क सक्रिय था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर दंगाइयों तक इतनी बड़ी मात्रा में हथियार कैसे पहुंचे। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।सूत्रों के मुताबिक पुलिस अब आरोपी के मोबाइल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और संपर्कों की भी जांच कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हथियार सप्लाई का यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और किन-किन इलाकों तक फैला हुआ था।


इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा, पुलिस अलर्ट पर

गफ्फार खान की गिरफ्तारी के बाद बरेली और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस सतर्क हो गई है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति पैदा न हो सके। कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि दंगे और अवैध हथियारों के नेटवर्क में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।