नीट पुनर्परीक्षा 2026 : रास्ते में एक्सीडेंट, सिर में पट्टी और एग्जाम सेंटर पर नो एंट्री अभ्यर्थी ने बयां किया दर्द

देशभर में नीट पुनर्परीक्षा 2026 दोपहर 2 बजे से शुरू हुई। परीक्षा से पहले सुबह से ही सुरक्षा, ट्रांसपोर्ट, रिपोर्टिंग टाइम और एंट्री नियमों को लेकर सख्ती देखने को मिली। कई राज्यों में छात्रों को फ्री बस सेवा मिली, जबकि कई जगह देर से पहुंचने पर छात्रों को प्रवेश नहीं दिया गया और अभिभावकों ने विरोध जताया।

नीट पुनर्परीक्षा 2026 : रास्ते में एक्सीडेंट, सिर में पट्टी और एग्जाम सेंटर पर नो एंट्री अभ्यर्थी ने बयां किया दर्द

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 21 जून 2026


नीट पुनर्परीक्षा 2026 पूरे देश में शुरू, कड़ी सुरक्षा और सख्त नियम लागू

देशभर में नीट पुनर्परीक्षा 2026 रविवार को दोपहर 2 बजे से शुरू हुई। परीक्षा का आयोजन 5000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर किया गया, जहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त इंतजाम किए गए। हर परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और कई जगह ड्रोन सर्विलांस तक का इस्तेमाल किया गया।सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की आवाजाही शुरू हो गई थी और प्रशासन ने साफ निर्देश दिए थे कि रिपोर्टिंग टाइम का सख्ती से पालन किया जाए।


सुबह से दोपहर तक फ्री बस सेवा और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था

सुबह से ही कई राज्यों में छात्रों के लिए विशेष बस सेवाएं शुरू की गईं। ओडिशा में छात्रों को एडमिट कार्ड दिखाने पर फ्री बस यात्रा की सुविधा दी गई, जिससे वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच सके। आंध्र प्रदेश में भी सरकार ने फ्री बस सेवा चलाई।मुंबई में BEST ने हड़ताल के बावजूद लगभग 180 विशेष बसें चलाईं ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कई छात्रों ने इस सुविधा को राहत भरा बताया।


11:30 बजे से एंट्री शुरू, 1:30 बजे गेट बंद

एनटीए के नियमों के अनुसार सुबह 11:30 बजे से परीक्षा केंद्रों में प्रवेश शुरू कर दिया गया था। दोपहर 1:30 बजे के बाद सभी गेट बंद कर दिए गए और किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया गया।इसी सख्ती के कारण कई जगह छात्रों को प्रवेश नहीं मिला, जिससे परिजनों में नाराजगी देखने को मिली।


1:30 बजे के बाद देरी से पहुंचे छात्रों को नहीं मिली एंट्री

भोपाल में एक सड़क हादसे के कारण देरी से पहुंचे दो छात्रों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। परिजनों ने बताया कि हादसे के कारण इलाज में समय लग गया, लेकिन प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए प्रवेश से इनकार कर दिया।इसी तरह कई अन्य केंद्रों पर भी देर से पहुंचने वाले छात्रों को बाहर रोक दिया गया।


2:00 बजे परीक्षा शुरू, कई केंद्रों पर कड़ी निगरानी

दोपहर 2 बजे नीट पुनर्परीक्षा पूरे देश में शुरू हुई। दिल्ली में 97 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 58 हजार छात्र शामिल हुए। यूपी में 3.5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 75 केंद्र बनाए गए। गुजरात में करीब 80 हजार छात्र 210 से अधिक केंद्रों पर परीक्षा में बैठे।हर केंद्र पर पुलिस, महिला पुलिसकर्मी और सुरक्षा कर्मियों की अलग-अलग टीमें तैनात रहीं।


कई जगह विवाद और नाराजगी की स्थिति भी बनी

अहमदाबाद के एक परीक्षा केंद्र पर कलावा और हिजाब को लेकर जांच के दौरान विवाद की स्थिति सामने आई। कुछ छात्रों के धार्मिक प्रतीक हटवाए जाने को लेकर असंतोष भी देखने को मिला।कई जगहों पर प्रवेश न मिलने और सख्त नियमों को लेकर अभिभावकों ने विरोध जताया।


सरकार और प्रशासन की निगरानी में परीक्षा संपन्न

शिक्षा मंत्रालय और एनटीए ने पूरे परीक्षा संचालन की निगरानी की। सरकार ने छात्रों की सुविधा के लिए कई जगह कूलिंग जोन और सहायता केंद्र भी बनाए।शिक्षा मंत्री ने कहा कि परीक्षा और रिजल्ट प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है।


पूरे देश में मिला-जुला माहौल

नीट पुनर्परीक्षा 2026 का आयोजन एक तरफ कड़ी सुरक्षा और सुव्यवस्थित व्यवस्था के बीच हुआ, वहीं दूसरी तरफ कुछ जगहों पर नियमों की सख्ती और प्रवेश से जुड़ी समस्याओं के कारण छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी भी देखने को मिली।