अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा नेतन्याहू वही करते हैं जो मैं कहता हूं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि नेतन्याहू उनके निर्देशों का पालन करते हैं और वह इजरायल को बड़े सैन्य फैसलों से रोकने की क्षमता रखते हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके बिना इजरायल का अस्तित्व संकट में पड़ सकता था।

अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा नेतन्याहू वही करते हैं जो मैं कहता हूं

दि राइजिंग न्यूज़ | वॉशिंगटन | 21 जून 2026


ट्रंप का नेतन्याहू पर बड़ा दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपने संबंधों को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि नेतन्याहू उनके सुझावों और निर्देशों को गंभीरता से लेते हैं और कई मामलों में वही करते हैं जो वह कहते हैं।

ट्रंप ने यह भी कहा कि उनका इजरायल के साथ संबंध मजबूत है, लेकिन कई बार उन्हें नेतन्याहू को “संतुलित” रखने की जरूरत पड़ती है ताकि क्षेत्र में तनाव और सैन्य कार्रवाई बढ़ न जाए।


ईरान और सैन्य नीति पर ट्रंप की टिप्पणी

इसे वॉशिंगटन और यरुशलम के बीच संबंधों पर ट्रंप के प्रभाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने आगे दावा किया कि वह इजरायल को पड़ोसी देशों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बढ़ाने से रोक सकते हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इजरायल को लेबनान पर हमला करने से रोक पाएंगे, तो उन्होंने कहा, 'हां, मैं रोक दूंगा.' उन्होंने आगे कहा, 'वह (नेतन्याहू) मेरा बहुत सम्मान करते हैं और वही करते हैं जो मैं कहता हूं.' इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने बार-बार यह दावा किया कि ईरान के साथ हालिया संघर्ष में उन्होंने ही इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित की. ट्रंप ने कहा कि अपने पहले कार्यकाल में 2015 के ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका को बाहर निकालने का उनका फैसला तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने में अहम साबित हुआ और इससे इजरायल को संभावित बड़े खतरे से बचाया गया. 


“मेरे बिना इजरायल का अस्तित्व नहीं”

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'अगर मैं नहीं होता, तो इजरायल तबाह हो चुका होता.' उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ उनकी नीतियों के बिना आज इजरायल का अस्तित्व नहीं होता. ट्रंप ने हालिया ईरान विरोधी सैन्य अभियानों के दौरान नेतन्याहू के साथ करीबी तालमेल का भी जिक्र किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इस अभियान में अमेरिका की भूमिका सबसे बड़ी थी. अमेरिकी सैन्य ताकत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'हमारे पास हथियार हैं. पूरा नियंत्रण हमारे पास है.' ट्रंप की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब वह खुद को एक मजबूत वैश्विक नेता के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को प्रभावित करने और सहयोगी देशों की नीतियों को दिशा देने की क्षमता रखता है.