अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की किरकिरी

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के एक बयान के बाद पाकिस्तान की प्रेस फ्रीडम और पारदर्शिता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल खड़े हो गए हैं। वेंस ने ईरान-अमेरिका समझौते की देरी को पाकिस्तान में प्रेस स्वतंत्रता की कमी से जोड़ा। इस बीच पाकिस्तान 180 देशों की सूची में 153वें स्थान पर है, जिससे उसकी स्थिति और भी विवादों में आ गई है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की किरकिरी

दि राइजिंग न्यूज़ | वॉशिंगटन | 21 जून 2026


जेडी वेंस ने उठाए पाकिस्तान में प्रेस फ्रीडम पर सवाल

अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया समझौते के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की स्थिति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बयान देते हुए पाकिस्तान में प्रेस की आजादी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि समझौते के दस्तावेज जारी करने में हुई देरी के पीछे एक कारण पाकिस्तान और कुछ अन्य देशों में प्रेस स्वतंत्रता का सीमित स्तर भी हो सकता है।वेंस के अनुसार, ऐसे देशों में यह अपेक्षा नहीं की जाती कि महत्वपूर्ण समझौतों को सार्वजनिक कर जनता के सामने रखा जाए, जैसा कि अमेरिका में किया जाता है।


प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में पाकिस्तान की स्थिति

वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में पाकिस्तान 180 देशों में 153वें स्थान पर है, जो वहां मीडिया की स्थिति को लेकर गंभीर संकेत देता है। पत्रकारों के लिए पाकिस्तान को लंबे समय से एक चुनौतीपूर्ण देश माना जाता रहा है। हाल ही में हुए संवैधानिक बदलावों ने भी प्रेस की स्वतंत्रता को प्रभावित किया है, जिससे अभिव्यक्ति और मीडिया की स्वतंत्रता पर सवाल और गहरे हो गए हैं।


समझौते और राजनयिक विवाद से बढ़ी शर्मिंदगी

पाकिस्तान इस समझौते को अपनी बड़ी कूटनीतिक सफलता के रूप में पेश कर रहा था, लेकिन घटनाक्रम ने उसकी स्थिति को उल्टा प्रभावित किया। पहले स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर समारोह की घोषणा की गई थी, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया।इसके बाद अमेरिका और ईरान ने डिजिटल माध्यम से समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए, जिससे पाकिस्तान की योजना अधूरी रह गई। इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में पाकिस्तान की स्थिति को और अधिक चर्चा और आलोचना के घेरे में ला दिया है।