शेयर बाजार में भारी तबाही: सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी भी धड़ाम
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा टूट गया जबकि निफ्टी भी करीब 300 अंक लुढ़क गया। अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार में डर का माहौल पैदा कर दिया।
दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 18 मई 2026 ।
विदेशी संकट ने भारतीय शेयर बाजार को किया लाल, निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूबे
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में ऐसा भूचाल आया जिसने निवेशकों की चिंता कई गुना बढ़ा दी। सोमवार सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा तूफान आया कि कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स 900 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी भी करीब 300 अंक लुढ़क गया।वैश्विक तनाव, पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती दुश्मनी का सीधा असर भारतीय बाजार पर देखने को मिला। बाजार खुलने के साथ ही निवेशकों में घबराहट फैल गई और बड़े पैमाने पर बिकवाली शुरू हो गई।
शुरुआती कारोबार में ही बाजार हुआ धराशायी
सोमवार को बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 430 अंकों की कमजोरी के साथ 74,807 के स्तर पर खुला। वहीं राष्ट्रीय शेयर बाजार का निफ्टी 161 अंक टूटकर 23,482 के स्तर पर खुला।लेकिन बाजार खुलने के बाद गिरावट लगातार बढ़ती चली गई। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 945 अंक तक टूटकर 74,292 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 298 अंक फिसलकर 23,345 के स्तर तक गिर गया।बाजार में लगभग सभी बड़े क्षेत्रों में बिकवाली देखने को मिली। बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, धातु, वाहन और तेल कंपनियों के शेयरों में भारी दबाव बना रहा।
निवेशकों में मची घबराहट
शेयर बाजार में अचानक आई इस बड़ी गिरावट ने छोटे और बड़े निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अस्थिरता के कारण बाजार पर दबाव बढ़ा है। निवेशकों को डर है कि यदि पश्चिम एशिया का तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।
पश्चिम एशिया संकट बना सबसे बड़ी वजह
अमेरिका-ईरान टकराव ने बढ़ाई दुनिया की चिंता
भारतीय बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को दी गई नई चेतावनी के बाद पूरी दुनिया के बाजारों में डर का माहौल बन गया।ट्रंप ने अपने सामाजिक माध्यम मंच पर ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसने जल्द समझौता नहीं किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।इसके जवाब में ईरान ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि वह किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। ईरानी अधिकारियों ने साफ कहा कि यदि उन पर हमला हुआ तो पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी और उसके सहयोगी देशों के ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।इसी बयानबाजी के बाद वैश्विक निवेशकों में डर बढ़ गया और दुनिया भर के बाजारों में बिकवाली शुरू हो गई।
कच्चे तेल की कीमतों में विस्फोटक तेजी
तेल संकट की आशंका से बाजार सहमा
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें दो सप्ताह के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं।ब्रेंट कच्चा तेल करीब 1.3 प्रतिशत की तेजी के साथ 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। वहीं अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतों में भी करीब 1.7 प्रतिशत का उछाल देखा गया।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध जैसे हालात और बिगड़ते हैं तो तेल आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो सकती है। इसका असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर सबसे ज्यादा पड़ेगा।भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। ऐसे में तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा भी गहरा सकता है।
एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट
भारतीय बाजार अकेला नहीं था जहां गिरावट देखने को मिली। सोमवार को लगभग सभी प्रमुख एशियाई बाजार लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।जापान का निक्केई सूचकांक गिरावट के साथ खुला। दक्षिण कोरिया के कोस्पी और कोसडैक सूचकांकों में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलिया का प्रमुख बाजार भी कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।हालांकि जापान का टोपिक्स सूचकांक मामूली बढ़त बनाने में सफल रहा, लेकिन एशियाई बाजारों में कुल मिलाकर माहौल बेहद कमजोर रहा।
अमेरिकी बाजार में भी दिखा डर
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। अमेरिका के प्रमुख सूचकांक भारी नुकसान के साथ बंद हुए। अमेरिकी बाजार में गिरावट का असर सोमवार को एशियाई और भारतीय बाजारों पर साफ दिखाई दिया।वैश्विक निवेशकों को डर है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ा तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
क्या आगे और गिर सकता है बाजार
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है। यदि पश्चिम एशिया संकट और गहराता है तो विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से और पैसा निकाल सकते हैं।कि फिलहाल निवेशकों को घबराकर फैसले लेने से बचना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत कंपनियों पर ध्यान बनाए रखना चाहिए।
सोमवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद खराब साबित हुआ। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, अमेरिका-ईरान टकराव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाजार को गहरे लाल निशान में धकेल दिया।आने वाले दिनों में वैश्विक हालात किस दिशा में जाते हैं, उसी पर बाजार की अगली चाल निर्भर करेगी। फिलहाल निवेशकों में डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।