5 साल तक मां नहीं बनी तो चुरा लिया बच्चा:फैमिली ग्रुप में लिखा-मेरे बेटा हुआ, सहारनपुर पुलिस ने महिला को उत्तराखंड से पकड़ा

Sep 24, 2026 - 18:15
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5 साल तक मां नहीं बनी तो चुरा लिया बच्चा:फैमिली ग्रुप में लिखा-मेरे बेटा हुआ, सहारनपुर पुलिस ने महिला को उत्तराखंड से पकड़ा
सहारनपुर में बच्चा पैदा न होने पर एक 43 साल की महिला चोर बन गई। उसने स्टाफ नर्स का भेष बनाकर जिला महिला अस्पताल से नवजात चोरी कर लिया। पुलिस पीछे पड़ी तो बचने के लिए अपना मोबाइल बंद कर लिया। कई बार वाहन बदले और अस्पताल में पहना कोट तक जला दिया। पुलिस ने 250 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले। चेहरा दिख नहीं रहा था तो पुलिस की नजर उसके जूतों पर टिक गई। 18 पुलिसकर्मियों ने कैमरे से कैमरा जोड़कर उसका रास्ता ट्रैक किया और आखिरकार उत्तराखंड के बहादराबाद तक पहुंच गए। बुधवार देर रात पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से चोरी किया नवजात भी सकुशल बरामद किया। पूछताछ में महिला ने पुलिस को बताया कि वह 5 साल तक एक युवक के साथ लिव-इन-रिलेशन में रही। लेकिन, उसने बच्चा न होने पर छोड़ दिया था। अब विस्तार से पढ़िए… टीका लगाने बहाने पिता से लिया बच्चा, फिर भाग निकली देहात कोतवाली क्षेत्र के शेखपुरा कदीम निवासी नाजिम की पत्नी शबाना ने 21 सितंबर को जिला महिला अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। नाजिम नवजात को टीका लगवाने के लिए ऑपरेशन थिएटर के पास पहुंचा था। इसी दौरान आशु वहां पहुंची। उसने खुद को अस्पताल का स्टाफ बताया और कहा कि बच्चे को टीका लगना है। उसने नाजिम से बच्चा लिया और टीके का कार्ड लाने के लिए उसे वार्ड की ओर भेज दिया। नाजिम कार्ड लेकर लौटा तो महिला और बच्चा दोनों गायब थे। काफी तलाश के बाद भी कुछ पता नहीं चला। अस्पताल प्रशासन को सूचना दी गई और पुलिस ने जांच शुरू की। पहले ही कर ली थी अस्पताल की रेकी पुलिस जांच में सामने आया कि आशु ने वारदात प्लानिंग करके की थी। वह अस्पताल आती-जाती रही थी। उसने अस्पताल की व्यवस्था, लोगों की आवाजाही और बाहर निकलने के रास्तों को समझा। इसके बाद उसने स्टाफ से मिलती-जुलती ड्रेस का इंतजाम किया। वारदात वाले दिन उसी ड्रेस में अस्पताल पहुंची और लोगों के बीच कर्मचारी बनकर घूमती रही। उसे पता था कि टीकाकरण के दौरान परिजन बच्चे को स्टाफ के हवाले कर सकते हैं। इसी मौके का फायदा उठाकर उसने नाजिम से बच्चा ले लिया। चेहरा नहीं दिखा तो जूतों से तलाश शुरू की नवजात के गायब होने के बाद थाना जनकपुरी और SOG की छह टीमें जांच में जुटीं। अस्पताल और आसपास के कैमरों की फुटेज खंगाली गई। 250 से ज्यादा CCTV फुटेज देखने के बाद महिला के आने-जाने का रास्ता तैयार किया गया। कई कैमरों में चेहरा साफ नहीं दिख रहा था। महिला लगातार वाहन बदल रही थी। ऐसे में पुलिस ने उसके कपड़ों और जूतों को सुराग बनाया। एक फुटेज में दिखे जूतों का दूसरी फुटेज में मिलान किया गया। वाहन बदलने के बाद भी जूते वही रहे और पुलिस उसकी अगली कड़ी तक पहुंचती गई। कोट जला दिया, मोबाइल भी नहीं चलाया आशु ने पहचान छिपाने के लिए अस्पताल से निकलने के बाद स्टाफ नर्स का कोट जला दिया। उसने रास्ते में मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी नहीं किया। इसके बावजूद CCTV की कड़ियों से पुलिस उसके पीछे पहुंचती रही। जांच के दौरान महिला बस से टेंपो, फिर बाइक और ई-रिक्शा से आगे बढ़ती मिली। पुलिस ने हर जगह फुटेज का मिलान कर उसके सफर का रूट तैयार किया। बहादराबाद पहुंचकर परिवार को मैसेज भेजा- बेटा हुआ है एसपी सिटी ने बताया- नवजात को लेकर बहादराबाद पहुंचने के बाद आशु ने फैमिली ग्रुप में मैसेज किया कि उसके बेटा हुआ है। परिवार और आसपास के लोगों ने उसकी बात पर भरोसा कर लिया। घर सजाया गया और बेटे के जन्म की खुशी मनाई गई। इस तरह सहारनपुर से चोरी किए गए बच्चे को आशु ने अपने परिवार के सामने अपनी संतान के रूप में पेश कर दिया। पहले पति से अलग हुई, फिर अंकुर के साथ रहने लगी सहारनपुर में तीतरों कस्बा निवासी आशु की शादी फतेहपुर थाना क्षेत्र के सोनू से हुई थी। उसके तीन बच्चे हैं। दो बेटियों की शादी हो चुकी है। पारिवारिक विवाद के बाद ससुराल पक्ष ने उसे साथ रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने भगवानपुर की एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू की। यहीं उसकी मुलाकात अंकुर से हुई और दोनों साथ रहने लगे। करीब पांच साल तक दोनों साथ रहे, लेकिन इस दौरान उनकी कोई संतान नहीं हुई। बाद में अंकुर ने भी उसका साथ छोड़ दिया। मां से पहचान के बाद सौंपा बच्चा, अब DNA जांच 23 सितंबर की देर रात बहादराबाद से गिरफ्तारी के बाद पुलिस नवजात को लेकर सहारनपुर पहुंची। जिला महिला अस्पताल में उसकी मां शबाना से बच्चे की पहचान कराई गई। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नवजात को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस अब मामले में DNA जांच भी कराएगी। ………………………………… यह खबर भी पढ़ें नोएडा बस अग्निकांड- 2 घंटे तक लाशें जलती रहीं:चमड़ी जलकर सीटों से चिपकीं, महिला की शिनाख्त नातिन ने पायल से की नोएडा में बुधवार आधी रात महोबा जा रही स्लीपर AC बस में आग लग गई। बस में सवार 9 यात्री जिंदा जल गए। इनमें 8 पुरुष और एक महिला ऊषा देवी थीं। यह खबर भी पढ़ें

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