व्हाइट हाउस में घुसपैठ ! ट्रंप प्रशासन ने दो संदिग्ध 'जिहादियों' को बनाया सलाहकार, एक के लश्कर और अल-कायदा से रिश्ते
दि राइजिंग न्यूज। वॉशिंगटन डीसी । 18 मई 2025। अमेरिका की राजनीति में एक बड़ा विवाद उस समय खड़ा हो गया जब सामने आया कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने दो विवादास्पद मुस्लिम नेताओं को व्हाइट हाउस के धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) के सलाहकार बोर्ड में नियुक्त किया। ये दोनों नाम हैं — इस्माइल रॉयर और शेख हमजा यूसुफ। इन दोनों पर कट्टरपंथी गतिविधियों और जिहादी संगठनों से जुड़ाव के गंभीर आरोप लग चुके हैं।
दि राइजिंग न्यूज। वॉशिंगटन डीसी । 18 मई 2025।
अमेरिका की राजनीति में एक बड़ा विवाद उस समय खड़ा हो गया जब सामने आया कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने दो विवादास्पद मुस्लिम नेताओं को व्हाइट हाउस के धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) के सलाहकार बोर्ड में नियुक्त किया। ये दोनों नाम हैं — इस्माइल रॉयर और शेख हमजा यूसुफ। इन दोनों पर कट्टरपंथी गतिविधियों और जिहादी संगठनों से जुड़ाव के गंभीर आरोप लग चुके हैं।
इस्माइल रॉयर: पूर्व आतंकवादी, अब व्हाइट हाउस सलाहकार!
इस्माइल रॉयर, जिनका असली नाम रान्डेल टॉड रॉयर है, अमेरिका के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश और लश्कर-ए-तैयबा व अल-कायदा को सहयोग देने के जुर्म में 13 साल जेल की सजा काट चुके हैं।
2004 में उन्होंने हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी में भूमिका स्वीकार की थी।
वह 2001 के बाद "वर्जीनिया जिहाद नेटवर्क" में शामिल हुआ और लश्कर की ट्रेनिंग कैंपों की यात्राएं करवाने में मदद करता था।
रॉयर ने खुद एक इंटरव्यू में कहा था:
"लश्कर-ए-तैयबा के लोग मुझे अच्छे लगे, और मुझे अल-कायदा से चिढ़ थी... मैंने खुद मस्जिद में लोगों को लश्कर के ट्रेनिंग कैंपों में जाने को प्रेरित किया।"
रॉयर का नाम उन संदिग्धों में है, जो अमेरिका में आतंकवाद को "धार्मिक भ्रम" के नाम पर वैधता देने की कोशिश कर चुके हैं।
शेख हमजा यूसुफ: फायरब्रांड मौलवी और "ब्रिटिश इस्लाम" का प्रचारक
दूसरे व्यक्ति, शेख हमजा यूसुफ, कैलिफोर्निया स्थित ज़ैतूना कॉलेज के सह-संस्थापक हैं और उनके संबंध हमास और मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे आतंकी संगठनों से जोड़े गए हैं।
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उन्होंने 9/11 से दो दिन पहले एक संदिग्ध व्यक्ति जमील अल-अमीन के समर्थन में भाषण दिया था, जिस पर एक पुलिस अफसर की हत्या का आरोप था।
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उन्होंने शेख उमर अब्देल रहमान (1993 वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बम हमले का मास्टरमाइंड) के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई को “अन्यायपूर्ण” बताया।
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9/11 हमलों के बाद FBI ने उनसे पूछताछ भी की थी।
अमेरिका में उठे तीखे सवाल
पत्रकार लॉरा लूमर ने इन नियुक्तियों को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर उजागर किया, जिसके बाद अमेरिकी राजनीति और सुरक्षा तंत्र में हड़कंप मच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे व्यक्तियों को नीति-निर्माण में शामिल करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।