भीषण गर्मी का कहर! यूपी में 48 डिग्री पार, लू से तपा पूरा प्रदेश
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर जारी है। बांदा समेत कई जिलों में तापमान 48 डिग्री के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।
दि राइजिंग न्यूज़ | उत्तर प्रदेश | 20 मई 2026
उत्तर भारत में गर्मी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
पूरा उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में तापमान लगातार 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि दोपहर के समय सड़कें सूनी दिखाई दे रही हैं और अस्पतालों में हीटस्ट्रोक के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है।मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि आने वाले तीन से पांच दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है। कई जिलों में रेड अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट जारी कर प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार गर्मी ने पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और यह स्थिति आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक बनती जा रही है।
उत्तर प्रदेश बना सबसे गर्म प्रदेश, बांदा में 48.2 डिग्री दर्ज
उत्तर प्रदेश इस समय देश का सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य बन गया है। बुंदेलखंड क्षेत्र में हालात सबसे गंभीर बताए जा रहे हैं। बांदा जिले में तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने लोगों की जिंदगी बेहाल कर दी है। सड़कें तपती भट्ठी में बदल चुकी हैं और दिन के समय बाहर निकलना जान जोखिम में डालने जैसा महसूस हो रहा है।मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, फतेहपुर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, जालौन, महोबा, हमीरपुर और झांसी समेत कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय घरों में रहने, लगातार पानी पीने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी शरीर में पानी की कमी और चक्कर जैसी समस्याओं को तेजी से बढ़ा रही है।
दिल्ली-एनसीआर में लू का हमला, पांच दिन तक राहत नहीं
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। राजधानी में दिन का तापमान लगातार 45 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जबकि कई इलाकों में यह 46 डिग्री के पार पहुंचने की आशंका जताई गई है। तेज गर्म हवाओं और उमस ने लोगों को पूरी तरह परेशान कर दिया है।भारतीय मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट को बढ़ाकर ऑरेंज अलर्ट कर दिया है। विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक भीषण लू चलने की संभावना है और तापमान 43 डिग्री से नीचे जाने की उम्मीद बेहद कम है। रात के समय भी गर्मी कम नहीं हो रही, जिससे लोगों की नींद और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी आग उगल रहा मौसम
राजस्थान के कई जिलों में सूरज मानो आग बरसा रहा है। चित्तौड़गढ़ में तापमान 46.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कई इलाकों में रात का तापमान भी 30 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। गर्म हवाओं ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है और बाजारों में सन्नाटा दिखाई देने लगा है।पंजाब और हरियाणा में भी हालात बेहद गंभीर हैं। कई जिलों में तापमान 47 डिग्री के करीब पहुंच चुका है। किसान और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है क्योंकि खुले में काम करना लगभग असंभव हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को धूप से बचने और अधिक से अधिक तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है।
महाराष्ट्र और विदर्भ क्षेत्र में भीषण लू की चेतावनी
उत्तर भारत के साथ-साथ महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। अकोला, अमरावती और वर्धा जैसे जिलों में भीषण लू की चेतावनी जारी की गई है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है।लगातार बढ़ती गर्मी खेती, जल संकट और बिजली खपत पर भी बड़ा असर डाल रही है। कई इलाकों में पानी की मांग अचानक बढ़ गई है, जबकि बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। प्रशासन ने अस्पतालों को सतर्क रहने और आपातकालीन सेवाएं मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
कहीं लू तो कहीं भारी बारिश, मौसम का डबल अटैक
देशभर में मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिल रहा है। जहां उत्तर और पश्चिम भारत के कई हिस्से भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे हैं, वहीं पूर्वोत्तर भारत, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी भी दी है।बिहार, ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी उमस और तेज गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से अब मौसम पहले की तुलना में ज्यादा अस्थिर और खतरनाक होता जा रहा है। इसका असर खेती, स्वास्थ्य और सामान्य जीवन पर साफ दिखाई देने लगा है।
एल नीनो और जलवायु परिवर्तन से बढ़ रहा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार इस बार की भीषण गर्मी के पीछे एल नीनो प्रभाव एक बड़ी वजह माना जा रहा है। हाल ही में सामने आए एक अध्ययन में कहा गया है कि एल नीनो के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है। इससे लू की अवधि लंबी और ज्यादा खतरनाक हो जाती है।जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार बढ़ते वैश्विक तापमान ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। आने वाले वर्षों में हीटवेव की घटनाएं और अधिक खतरनाक हो सकती हैं। ऐसे में सरकारों को पहले से तैयारी, बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था और लोगों को जागरूक करने पर ज्यादा ध्यान देना होगा।