अखिलेश ने गैर-यादव OBC को कैबिनेट में जगह नहीं दी:फर्रुखाबाद में सांसद प्रकाश पाल बोले- सपा ने पिछड़ों और दलितों के हक छीने
फर्रुखाबाद में राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गैर-यादव पिछड़े वर्गों को मंत्रिमंडल में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं देने का आरोप लगाया। प्रकाश पाल ने कहा कि केंद्र सरकार में 27 OBC मंत्री हैं और उत्तर प्रदेश सरकार में भी उपमुख्यमंत्री समेत कई मंत्री पिछड़े वर्गों से हैं। इसके विपरीत, उनके मुताबिक 2012 की सपा सरकार में गैर-यादव OBC समाजों को कैबिनेट में जगह नहीं मिली थी। सपा सरकार में गैर-यादव OBC को प्रतिनिधित्व न देने का आरोप प्रकाश पाल ने कहा कि सपा सरकार के दौरान मंत्रिमंडल में एक ही जाति के नेताओं को प्रमुखता मिली। उन्होंने दावा किया कि कुर्मी, कुशवाहा, शाक्य, सैनी, लोधी, पाल, गुर्जर और जाट समाज को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व नहीं मिला। उन्होंने भाजपा के नारे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ का उल्लेख करते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सभी वर्गों की भागीदारी रहेगी। सपा के PDA नारे पर निशाना साधते हुए पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी चार बार सरकार में रही, लेकिन अब नए नाम और पहचान के सहारे राजनीति कर रही है। उन्होंने PDA के अर्थ और उसमें शामिल वर्गों को लेकर भी अखिलेश यादव पर सवाल उठाए। राज्यसभा चुनाव और विपक्षी गठबंधन पर भी साधा निशाना पाल ने राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए सपा पर परिवार और आर्थिक रूप से प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी तीसरा प्रत्याशी उतारने की बात कर रही थी, लेकिन नामांकन के अंतिम दिन पीछे हट गई। पाल ने दावा किया कि भाजपा के कई लोग विपक्ष के संपर्क में हैं और कहा कि भाजपा की नजर 2027 में उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर है। उन्होंने राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन पर भी निशाना साधा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध पर पाल ने कहा कि उनके मुताबिक चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराया है और इससे मतदाता सूची को शुद्ध करने का काम हुआ है। विपक्ष के आरोपों को उन्होंने लोकतंत्र को बदनाम करने की कोशिश बताया। अदालत के फैसले के बाद कार्रवाई शिक्षक भर्ती में OBC आरक्षण को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रकाश पाल ने कहा कि कुछ अधिकारियों से गलतियां हुई थीं और उन्हें दंडित किया गया है। उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में है और सरकार पिछड़े वर्गों को न्याय देने के पक्ष में है। अदालत का निर्णय आते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। 2027 में सरकार की उपलब्धियों को मुद्दा बनाएगी भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव के मुद्दों पर पाल ने कहा कि भाजपा अपनी सरकार की उपलब्धियों के आधार पर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने सपा सरकार पर पिछड़ों, दलितों और सामान्य वर्ग के लोगों के अधिकारों का हनन करने, जमीनों पर कब्जे और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने प्रचार में इन मुद्दों को भी उठाएगी। दारा सिंह चौहान की वापसी का किया जिक्र भाजपा छोड़कर जा चुके OBC नेताओं की वापसी के सवाल पर पाल ने कहा कि दारा सिंह चौहान पार्टी में लौट चुके हैं। उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा छोड़ने के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि इससे उनके और उनकी बेटी के राजनीतिक भविष्य पर असर पड़ा। पाल ने दावा किया कि दूसरे नेताओं ने भी इससे सबक लिया है।
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