अली बोला-पिताजी ने कहा था अफजल को कुछ काम दिलाओ:अतीक के बेटे ने कहा- जिसने FIR की, उसने मेरी जमीन बेचकर पैसे कमाए
माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद के खिलाफ करेली थाने में दर्ज जमीन कब्जाने और रंगदारी मांगने के मामले में प्रयागराज की जिला अदालत में ट्रायल शुरू हो गया है। एडीजे कोर्ट-16 में जज शैलेंद्र मणि त्रिपाठी के सामने अली ने अपना बयान दर्ज कराया। उसने कहा कि शिकायतकर्ता अफजल से उसके और परिवार के अच्छे संबंध थे। पिता अतीक के कहने पर उसने अफजल को उन जमीनों पर काम दिलाया था, जिनमें उनके परिवार का पैसा लगा था। अली ने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस की जांच और चार्जशीट को गलत बताया। उसका दावा है कि अफजल ने उन्हीं जमीनों से काफी फायदा कमाया, जिन पर उसके परिवार का पैसा लगा था। अब शिकायतकर्ता अफजल से सवाल-जवाब होंगे और बचाव पक्ष के वकील उससे जिरह करेंगे। अब पढ़िए अतीक के बेटे का बयान … दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत दर्ज बयान में अली ने आरोपों से इनकार किया। उसने कहा कि अफजल का उसके पास काफी आना-जाना था और दोनों परिवारों के बीच अच्छे संबंध थे। अली के मुताबिक, उसके पिता अतीक अहमद ने उससे कहा था कि अफजल को कुछ काम दिला दो, ताकि वह पैसे कमा सके। इसके बाद उसने अफजल को उन जमीनों पर काम करने के लिए कहा, जिनमें उसके परिवार का पैसा लगा हुआ था। अली ने दावा किया कि अफजल ने इन जमीनों से काफी लाभ कमाया। उसने कहा कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और उसे फर्जी तरीके से फंसाया गया है। गवाह को धमकी देने के आरोप से भी इनकार मुकदमे के गवाह मो. अफजल की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसमें आरोप लगाया गया कि अली के समर्थक मो. इरशाद उर्फ गुड्डू और मो. अरशद गवाही को प्रभावित करने के लिए धमकी दे रहे हैं। इस पर अली ने कहा कि वह दोनों को नहीं जानता और न ही कभी उनसे मिला है। उसका कहना था कि जिस समय की घटना बताई जा रही है, उस दौरान वह जेल में बंद था। अली ने यह भी कहा कि वह साकिब से कभी नहीं मिला और अताउल्ला को भी नहीं जानता। वहीं, अमीर हमजा से अच्छे संबंध होने और उसके दूर का रिश्तेदार होने की बात कही। कोर्ट में पेशी के समय की 2 तस्वीरें देखिए… चार्जशीट को बताया फर्जी अदालत में आरोपपत्र को लेकर सवाल पूछे जाने पर अली ने कहा कि वह उस समय जेल में था। उसके मुताबिक, शिकायतकर्ता उससे जेल में मुलाकात भी कर चुका था। अली ने चार्जशीट को फर्जी बताते हुए कहा कि रिमांड की प्रक्रिया के दौरान उसे इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। उसने विवेचक की जांच पर सवाल उठाते हुए खुद को निर्दोष बताया। अब अदालत में शिकायतकर्ता अफजल से सवाल-जवाब होंगे। 2002 में हुई थी वादी के भाई की हत्या अतीक अहमद के जिंदा रहने के दौरान 2002 में कसारी मसारी के रहने वाले मो. अशरफ (अतीक का भाई नहीं) की घर के सामने ही हत्या हो गई थी। आरोप अतीक गैंग पर लगे थे। तब अतीक परिवार और अशरफ के परिवार के बीच दुश्मनी चल रही थी। हालांकि, बाद में सुलह-समझौता हो गया था। अशरफ के भाई अफजल ने करेली थाने में साल-2023 में FIR कराई थी। मुकदमा दर्ज कराने वाले कसारी-मसारी के अफजल ने अपनी FIR में जिस अमीर हमजा को गवाह बनाया, अब वही एक आरोपी का सगा रिश्तेदार हो गया है। अमीर हमजा की शादी FIR में दर्ज एक आरोपी अल्तमश की बहन से 6 महीने पहले हुई है। सगी रिश्तेदारी और एक ही बिरादरी की वजह से अब सुलह की गुंजाइश बन गई है। क्या है पूरा मामला? जमीन पर कब्जे और 30 लाख रुपए मांगने का आरोप कसारी-मसारी निवासी अफजल ने वर्ष 2023 में करेली थाने में अली अहमद, फैजान, अल्तमस, असाद कालिया और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। उस समय अली नैनी जेल में बंद था। अफजल के मुताबिक, एनूद्दीनपुर गांव में उसकी जमीन है। 7 अगस्त, 2023 को उसे सूचना मिली कि कुछ लोग जमीन पर कब्जा करने पहुंचे हैं। वह अपने भतीजे अमीर हमजा के साथ मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक आरोपी वहां से जा चुके थे। शिकायत में आरोप लगाया गया कि करीब आधे घंटे बाद खेत से लौटते समय एनूद्दीनपुर मस्जिद के पास फैजान, अल्तमस और एक अज्ञात व्यक्ति ने उसकी बाइक रोक ली और मारपीट की। अफजल का आरोप था कि अल्तमस ने कहा कि जेल में बंद अली और असाद ने जमीन उन्हें देने का संदेश भेजा है, क्योंकि वहां प्लॉटिंग करनी है। इसके लिए 30 लाख रुपए देने की मांग की गई। रकम या जमीन नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। सादे स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराने का दावा अफजल ने FIR में कहा था कि आरोपियों ने उससे जबरन सादे स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करा लिए। शिकायत के मुताबिक, उसे एक सप्ताह का समय दिया गया और चेतावनी दी गई कि या तो 30 लाख रुपए दे या जमीन छोड़ दे। ऐसा नहीं करने पर फर्जी एग्रीमेंट बनाकर जमीन अली के नाम कराने की धमकी दी गई। पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 386, 341, 323, 504, 506 और 120-B के तहत मुकदमा दर्ज किया था। ये धाराएं जानलेवा हमले, रंगदारी, रास्ता रोकने, मारपीट, अपमान, धमकी और आपराधिक साजिश से जुड़ी हैं। 2002 में हुई थी अफजल के भाई की हत्या वर्ष 2002 में कसारी-मसारी निवासी मो. अशरफ की उसके घर के सामने हत्या कर दी गई थी। वह अतीक अहमद का भाई नहीं था। इस हत्या में अतीक गैंग पर आरोप लगे थे। उस समय दोनों परिवारों के बीच दुश्मनी बताई गई थी, हालांकि बाद में सुलह-समझौता हो गया था। अशरफ के भाई अफजल ने ही वर्ष 2023 में अली और अन्य लोगों के खिलाफ करेली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। गवाह अमीर हमजा की रिश्तेदारी भी चर्चा में अफजल ने इस मामले में अमीर हमजा को गवाह बनाया था। खबर के मुताबिक, अमीर हमजा की शादी करीब छह महीने पहले FIR में नामजद आरोपी अल्तमस की बहन से हुई है। इस रिश्तेदारी के चलते मामले में समझौते की संभावना की चर्चा भी हो रही है। हालांकि, इसका मुकदमे पर क्या असर पड़ेगा, यह आगे की न्यायिक कार्यवाही से स्पष्ट होगा। अली 4 साल से जेल में बंद है अली 4 साल से जेल में बंद है। 30 जुलाई, 2022 को उसने प्रयागराज कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद उसे नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया था। 17 जून, 2025 को उसकी बैरक से कैश बरामद हुआ था। इसके बाद उसे सिक्योरिटी सेल में भेज दिया गया था। 1 अक्टूबर, 2025 को उसे झांसी जेल शिफ्ट किया गया था। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें अतीक अहमद के 21 साल के बेटे की मौत, कार डिवाइडर से टकराई, आखिरी शब्द- मुझे बचा लो माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान (21) की सड़क हादसे में मौत हो गई। वह 6 अगस्त सुबह 5 बजे प्रयागराज से झांसी जेल में बंद बड़े भाई अली से मिलने जा रहा था। क्रेटा कार में अबान के साथ उसके 4 दोस्त थे। पढ़िए पूरी खबर
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