अंकिता भंडारी केस में उर्मिला सनावर से 4 घंटे पूछताछ:एक्ट्रेस बोलीं- 48 मिनट की रिकॉर्डिंग गायब, आधी-अधूरी जानकारी लेकर आई थी CBI

Oct 19, 2026 - 06:13
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अंकिता भंडारी केस में उर्मिला सनावर से 4 घंटे पूछताछ:एक्ट्रेस बोलीं- 48 मिनट की रिकॉर्डिंग गायब, आधी-अधूरी जानकारी लेकर आई थी CBI
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में CBI ने रविवार को सहारनपुर में अभिनेत्री उर्मिला सनावर से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। टीम दोपहर करीब 2 बजे गोविंद नगर स्थित उनके घर पहुंची थी। पूछताछ के बाद उर्मिला ने जांच पर असंतुष्टि जताते हुए कथित 48 मिनट की रिकॉर्डिंग, आठ घंटे के फुटेज और मोबाइल के IMEI नंबर का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि CBI अधूरी जानकारी लेकर आई थी। साथ ही कहा कि वह मीडिया के सामने लाइव नार्को टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। जिन सवालों की उम्मीद थी, वे नहीं पूछे गए उर्मिला सनावर ने कहा- पूछताछ में कई ऐसे सवाल नहीं पूछे गए, जिनकी मुझे उम्मीद थी। अंकिता भंडारी मामले और सुरेश राठौर से जुड़े कुछ अहम पहलुओं पर अधिकारियों को सवाल करने चाहिए थे। बातचीत के दौरान मैंने जांच अधिकारियों को कई ऐसी जानकारियां भी दीं, जिनके बारे में उन्हें पहले जानकारी नहीं थी। हालांकि, पूछताछ को लेकर सीबीआई की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। 48 मिनट की रिकॉर्डिंग और फुटेज पर सवाल उर्मिला ने दावा किया कि 48 मिनट की पूरी रिकॉर्डिंग एसआईटी ने जमा नहीं कराई। करीब आठ घंटे के फुटेज भी हैं। सवाल यह है कि ये सामग्री जांच एजेंसी तक क्यों नहीं पहुंची। मोबाइल के आईएमईआई नंबर और घटना से जुड़े वीडियो के बारे में पहले ही जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद जांच एजेंसी के पास सभी तथ्य क्यों नहीं थे? उन्होंने आगे कहा- सीबीआई अभी आधी-अधूरी जानकारी लेकर हमारे घर आई थी।” हालांकि, रिकॉर्डिंग और फुटेज को लेकर किए गए उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ज्वालापुर विधानसभा सीट को लेकर हुआ विवाद उर्मिला के मुताबिक, सीबीआई ने उनसे सुरेश राठौर के साथ विवाद की वजह पूछी। इस पर उन्होंने कहा- मेरे और सुरेश राठौर के बीच मतभेद की वजह ज्वालापुर विधानसभा सीट को लेकर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा थी। पिछले साल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने मुझे इस सीट से चुनाव की तैयारी करने के लिए कहा था। उनसे कहा गया था कि मैं दलित उम्मीदवार हूं और मुझे ज्वालापुर से तैयारी करनी चाहिए। इसके बाद हमारे बीच विवाद बढ़ गया। सुरेश राठौर ज्वालापुर विधानसभा सीट को अपनी राजनीतिक विरासत के रूप में देखते थे। सुरेश राठौर और दुष्यंत गौतम के विवाद का भी जिक्र उर्मिला ने कहा- मैंने सीबीआई को सुरेश राठौर और दुष्यंत कुमार गौतम के बीच कथित विवादों के बारे में जानकारी दी। मैंने अधिकारियों को बताया कि सुरेश राठौर किस तरह दुष्यंत गौतम को आरोपी ठहराते थे। उन्होंने वनंत्रा रिजॉर्ट और चीला घाट से जुड़े पहलुओं का भी जिक्र किया। उर्मिला के मुताबिक इन मामलों के बारे में सुरेश राठौर ने मुझे कुछ जानकारियां दी थीं, लेकिन उन्होंने मामले से संबंधित गलत जानकारी दी थी। दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल बनाए जाने की चर्चा पर उर्मिला ने कहा, “अंकिता भंडारी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर विचार स्थगित किया जाना चाहिए।” उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दिल्ली प्रदर्शन और अंकिता के माता-पिता का मुद्दा उठाया उर्मिला ने दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान अंकिता भंडारी के माता-पिता के साथ पुलिस के कथित व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान अंकिता के माता-पिता के साथ अभद्रता की गई। इसके बाद सरकार ने जल्दबाजी में जांच टीम को मेरे और सुरेश राठौर के घर भेजा। माता-पिता को सरकारी नौकरी और आवास मिलने के दावों को नकारा उर्मिला ने अंकिता भंडारी के माता-पिता को आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी और आवास मिलने संबंधी दावों को गलत बताया। उन्होंने कहा- अंकिता के माता-पिता आज भी की-पैड वाला मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हैं। परिवार को लाखों या करोड़ों रुपये की सहायता, सरकारी नौकरी और आवास मिलने की बातें सही नहीं हैं। परिवार लंबे समय से अपनी बेटी को न्याय दिलाने की मांग कर रहा है।” हालांकि, परिवार को मिली सहायता या सुविधाओं के संबंध में उन्होंने कोई आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। पहले अंकिता मर्डर केस के बारे में जानिए- अब उर्मिला सनावर ने वीडियो में क्या कहा? वो पढ़िए- उर्मिला सनावर ने कहा- अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई में पत्रकारों और मीडिया ने शुरू से उनका साथ दिया है। मामले को आगे बढ़ाने और जांच तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका रही है। मैं चाहती हूं कि सीबीआई अफसर जब मेरे पास आए, मेरे पत्रकार साथी भी साथ हों, ताकि पूछताछ पूरी तरह से निष्पक्ष रहे। उर्मिला ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच के आदेश दिए गए थे। जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में होने की बात कही गई थी, लेकिन उन्हें लगता है कि जांच उस निगरानी में नहीं हो रही है। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने अपने बयान में सुरेश राठौर, दुष्यंत कुमार गौतम और आरती गौड़ का नाम लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले से जुड़े लोग झूठ बोल रहे हैं। सुरेश राठौर के वायरल ऑडियो को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। कहा कि ऑडियो सामने आने के बाद सुरेश राठौर ने नशे में होने और दवा लेने की बात कही। हालांकि, उनके बयान में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। अंकिता के माता-पिता ने इंडिया गेट पर धरना दिया बुधवार को अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दिल्ली में इंडिया गेट पर धरना दिया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी उनके साथ धरने पर बैठे। प्रियंका भी उनके साथ रहीं। परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील की है कि CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर रोक लगाई जाए और इसे रद्द किया जाए। 12 अक्टूबर को दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त किया गया था।

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