ATM में कार्ड फंसा, फर्जी हेल्पलाइन से 90 हजार उड़ाए:अलीगढ़ में खिरनी गेट के PNB बूथ पर पिन देखकर ठगी का आरोप; कार्ड वापस दिलाने के बहाने गुमराह किया, FIR
एटीएम में कार्ड फंसने के बाद मदद की तलाश एक व्यक्ति को 90 हजार रुपये की चपत लगा गई। खिरनी गेट स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के एटीएम बूथ पर एक अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर पहले ATM पिन देख लिया। इसके बाद बूथ पर लगे बैनर पर दर्ज फर्जी हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने को कहा। फोन पर कार्ड अगले दिन बैंक से मिलने का भरोसा दिया गया, लेकिन इसी बीच केनरा बैंक खाते से 9 बार में 90 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित राजेंद्र कुमार की शिकायत पर सासनी गेट थाने में FIR दर्ज की गई है।
राजेंद्र कुमार निवासी आरके पुरम-2, पाला रोड ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 11 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12:45 बजे वह खिरनी गेट स्थित PNB के एटीएम बूथ पर केनरा बैंक के डेबिट कार्ड से रुपये निकालने पहुंचे थे। उन्होंने 10 हजार रुपये निकाले, लेकिन इसके बाद उनका कार्ड मशीन में फंस गया। आरोप है कि बूथ पर मौजूद एक अज्ञात व्यक्ति ने उनका पिन देख लिया और वहां लगे बैनर पर लिखे एक नंबर पर फोन करने की सलाह दी।
फोन पर राजीव बना मददगार, अगले दिन आया दूसरा कॉल
शिकायत के मुताबिक, फर्जी नंबर पर संपर्क करने पर फोन उठाने वाले ने अपना नाम राजीव बताया। उसने रविवार होने के कारण बैंक बंद होने की बात कही और अगले दिन शाखा से कार्ड मिलने का भरोसा दिया। सोमवार सुबह राजेंद्र के पास एक अन्य कॉल आई, जिसमें मोबाइल पर रॉबिन कुमार नाम प्रदर्शित हो रहा था। कॉल करने वाले ने PNB पहुंचने के बाद उसे फोन करने को कहा।
राजेंद्र के मुताबिक, जब वह बैंक पहुंचे तो एटीएम बूथ पर फर्जी नंबर वाला पर्चा या स्टिकर हट चुका था। बैंक अधिकारियों ने उन्हें बताया कि यह ठगी करने वाले गिरोह का तरीका है। तब उन्हें खाते से रकम निकाले जाने की जानकारी मिली।
9 ट्रांजेक्शन में निकाले 90 हजार रुपये
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उनके कार्ड का दुरुपयोग कर या उसे क्लोन करके केनरा बैंक खाते से नौ अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 90 हजार रुपये निकाल लिए। उन्होंने पुलिस को संदिग्ध मोबाइल नंबर, बैंक स्टेटमेंट और कॉल हिस्ट्री से जुड़े साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है। राजेंद्र ने 13 अक्टूबर को शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी।
CDR और CCTV फुटेज की जांच की मांग
पीड़ित ने संदिग्ध मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवाकर उसकी लोकेशन का पता लगाने और एटीएम बूथ के CCTV फुटेज की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने 1930 साइबर हेल्पलाइन और साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने बुधवार रात मामले में FIR दर्ज कर ली है। अब जांच में संदिग्ध नंबरों, एटीएम फुटेज और बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपियों की पहचान करना अहम होगा।
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