अयोध्या में 20 दिन से तेंदुए की दहशत:मीरनघाट से गुप्तारघाट तक डंडे-टॉर्च लेकर रातभर गश्त कर रहे, बच्चों को घरों में बंद किया

Oct 05, 2026 - 06:58
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अयोध्या में 20 दिन से तेंदुए की दहशत:मीरनघाट से गुप्तारघाट तक डंडे-टॉर्च लेकर रातभर गश्त कर रहे, बच्चों को घरों में बंद किया
अयोध्या के छावनी क्षेत्र में इन दिनों शाम ढलते ही सन्नाटा गहराने लगता है। मीरनघाट से गुप्तारघाट तक करीब 20 दिन से तेंदुए की दहशत है। 20 सितंबर को पहली बार स्थानीय लोगों ने तेंदुए को देखा था। इसके बाद ईटीआर रेंज की बाउंड्री के पास दीवार पर बैठे तेंदुए का वीडियो सामने आया। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में डर और बढ़ गया। दैनिक भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि तेंदुए के डर से लोग शाम होते ही घरों में कैद हो जाते हैं। बकरियों और मवेशियों की रखवाली के लिए पशुपालक रात तक पहरा दे रहे हैं। कई जगह लोग समूह बनाकर डंडे और टॉर्च लेकर गश्त कर रहे हैं। बकरियों की रखवाली के लिए रात में पहरा गुप्तारघाट के पास करीब 100 निषाद परिवार रहते हैं। यहां रिंकू निषाद अपने साथियों के साथ बकरियों के पास गश्त करते मिले। उन्होंने बताया कि तेंदुआ बकरियों को अपना शिकार बनाने के लिए इलाके में आता है। एक बार तेंदुए को यहां देखा भी गया है। इसलिए थोड़ी-थोड़ी देर में आसपास गश्त की जाती है। रिंकू ने कहा कि शाम के बाद बकरियों को खुले में छोड़ना मुश्किल हो गया है। हर आवाज और झाड़ियों की हलचल पर नजर रहती है। परिवार के लोग भी सतर्क रहते हैं। डंडे-टॉर्च लेकर निकल रहे लोग निर्मलीकुंड के पास शाम के समय सात-आठ लोग हाथों में डंडे और टॉर्च लेकर गश्त करते दिखाई दिए। यह इलाका सेना की फायरिंग रेंज के जंगल से सटा है। स्थानीय निवासी राम मिलन ने बताया कि करीब 15 दिनों से यहां तेंदुए की दहशत है। उन्होंने कहा कि शाम के बाद कोई अकेले बाहर नहीं निकलता। जरूरी काम होने पर लोग समूह में जाते हैं। हाथ में डंडा और टॉर्च जरूर रखते हैं। काम से लौटने वाले लोगों के सुरक्षित घर पहुंचने तक कुछ लोग रास्तों पर निगरानी करते हैं। बच्चों को लेकर ज्यादा चिंता निर्मलीकुंड निवासी देवीचरण निषाद ने बताया कि तेंदुए की दहशत इतनी है कि शाम होते ही लोग बच्चों को घर के अंदर बुला लेते हैं। खुले में खेलना और अकेले बाहर निकलना बंद हो गया है। बालकृष्ण निषाद ने बताया कि इस क्षेत्र में पिछले करीब पांच साल से तेंदुए की आवाजाही देखी जा रही है। पिछले वर्ष भी एक तेंदुआ यहां फंस गया था। उसका वीडियो सामने आया था। बाद में वन विभाग ने उसे पकड़कर जंगल में छोड़ दिया था। वर्ष 2022 में भी तेंदुए की मौजूदगी सामने आई थी। 2 किमी दायरे में मूवमेंट के संकेत वन विभाग के अनुसार तेंदुए की गतिविधियां मुख्य रूप से शाम 6 बजे से रात 8:30 बजे के बीच देखी गई हैं। करीब दो किलोमीटर के दायरे में उसकी आवाजाही के संकेत मिले हैं। पदचिह्न और ट्रैप कैमरों के जरिए वन विभाग उसकी दिशा और मूवमेंट पर नजर रख रहा है। गुप्तारघाट के निर्मलीकुंड से लेकर सरयू निवास तक तेंदुए की आवाजाही की सूचना मिली है। यही वजह है कि इस पूरे क्षेत्र में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। पुलिस कॉलोनी के सामने पिंजड़ा, कैमरे भी लगाए मीरनघाट पुलिस चौकी के सामने जंगल के पास वन विभाग ने बड़ा पिंजड़ा लगाया है। इसके आसपास ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। पुलिस कॉलोनी में 20 से अधिक परिवार रहते हैं। ऐसे में यहां तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चिंता ज्यादा है। वन विभाग की दो टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। रेंजर रत्नेंद्र के मुताबिक, तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की कोशिश की जा रही है। उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरयू के उफान के बाद छावनी में पहुंचा अयोध्या मंडल के डीएफओ प्रखर गुप्ता के मुताबिक, सरयू में बाढ़ और तेज बहाव के दौरान वन्यजीवों के लिए अपने प्राकृतिक क्षेत्र में रहना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में तेंदुआ नदी किनारे के सुरक्षित और शांत इलाकों की ओर आ सकता है। छावनी क्षेत्र में बड़ा वन क्षेत्र है। यहां घनी झाड़ियां और शांत वातावरण तेंदुए के छिपने के लिए अनुकूल हैं। सरयू का जलस्तर कम होने के बाद उसके वापस प्राकृतिक क्षेत्र में लौटने की संभावना भी है। 29 सितंबर को कैमरे में आया था नजर डीएफओ ने बताया कि तेंदुआ आखिरी बार 29 सितंबर को ट्रैप कैमरे में कैद हुआ था। कैमरे में दिखे तेंदुए की उम्र कम यानी किशोर होने का अनुमान है। पदचिह्नों के आधार पर भी यह माना जा रहा है कि वह क्षेत्र से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल वन विभाग कैमरों के जरिए लगातार निगरानी कर रहा है। लोगों से अपील की गई है कि अंधेरे में अकेले मॉर्निंग वॉक या किसी दूसरे काम से बाहर न निकलें। झाड़ियों और सुनसान स्थानों से दूर रहें। तेंदुआ दिखाई देने पर उसके करीब जाने या भीड़ लगाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें। तेंदुआ कब पकड़ा जाएगा, यह अभी साफ नहीं है। लेकिन तब तक मीरनघाट से गुप्तारघाट तक शाम का समय लोगों के लिए डर, पहरे और सतर्कता का समय बना हुआ है।

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