बेटे को डॉक्टर बनाना चाहते थे..अब साथ उठेगी अर्थी:चंडीगढ़ से जवान का शव लाते समय बेटे समेत 4 की मौत, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एंबुलेंस ट्रक में घुसी

Oct 04, 2026 - 15:20
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बेटे को डॉक्टर बनाना चाहते थे..अब साथ उठेगी अर्थी:चंडीगढ़ से जवान का शव लाते समय बेटे समेत 4 की मौत, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एंबुलेंस ट्रक में घुसी
देवरिया के रुद्रपुर क्षेत्र के गहिला दुधैला गांव निवासी सैनिक सत्यवान सिंह अपने बच्चों के भविष्य को लेकर कई सपने संजोए थे। वह बेटे गौरव सिंह को डॉक्टर और बेटी दीक्षा सिंह को इंजीनियर बनाना चाहते थे। दीक्षा बीटेक की पढ़ाई कर रही थी, जबकि गौरव नीट की तैयारी कर रहा था। लेकिन रविवार को परिवार पर ऐसी त्रासदी टूटी, जिसने एक साथ पिता और बेटे को छीन लिया। सत्यवान सिंह सेना में सेवा दे रहे थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग मेरठ कैंप में थी। पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। वह परिवार के साथ चंडीगढ़ में रह रहे थे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार के लोग उनका पार्थिव शरीर लेकर पैतृक गांव घैला दुधैला के लिए रवाना हुए। इसी दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हलियापुर क्षेत्र में एंबुलेंस हादसे का शिकार हो गई। एंबुलेंस ट्रक में घुस गई। हादसे में सत्यवान के बेटे गौरव सिंह और एंबुलेंस चालक जसपाल की मौके पर मौत हो गई। सत्यवान के भाई रामसमुझ सिंह और रिश्तेदार राजन चौधरी की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। पिता की अंतिम यात्रा में साथ था बेटा परिजनों के अनुसार, गौरव नीट की तैयारी कर रहा था। उसने नीट की परीक्षा भी दी थी, लेकिन सफलता नहीं मिली थी। इसके बावजूद वह डॉक्टर बनने के लक्ष्य की तैयारी में जुटा था। सत्यवान चाहते थे कि उनका बेटा डॉक्टर बने और बेटी इंजीनियर। परिवार के मुताबिक, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर वह लगातार प्रयासरत थे। सत्यवान के बड़े भाई रामसमुझ सिंह भी परिवार के साथ जुड़े हुए थे। वह डाक विभाग में पोस्टमैन के पद पर कार्यरत थे और परिवार में उन्हें बड़े बाबू के नाम से जाना जाता था। रामसमुझ की पत्नी शीला देवी और बेटे विवेक, विकास व विशाल हैं। मां-बेटी दूसरी गाड़ी से गांव पहुंचीं सत्यवान की मौत की सूचना मिलने के बाद उनके बड़े भाई रामसमुझ सिंह अपने बेटे के साढ़ू राजन चौधरी को साथ लेकर चंडीगढ़ गए थे। वहां से वे सत्यवान का पार्थिव शरीर लेकर लौट रहे थे। सत्यवान की पत्नी सरोजनी सिंह और बेटी दीक्षा भी दूसरी सैन्य गाड़ी से पार्थिव शरीर के साथ चल रही थीं। रास्ते में दोनों गाड़ियां अलग हो गईं और सैन्य वाहन आगे निकल गया। इससे सरोजनी सिंह और दीक्षा गांव पहुंच गईं, जबकि पीछे से पार्थिव शरीर लेकर आ रही एंबुलेंस हादसे का शिकार हो गई। घटना की जानकारी गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। घैला दुधैला गांव में मातम पसरा है। एक ही हादसे में परिवार के कई सदस्यों की मौत से ग्रामीण भी स्तब्ध हैं। परिवार के कई लोगों की मौत से गांव में मातम सैनिक सत्यवान सिंह की मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर को लेकर लौट रही एंबुलेंस के हादसे में परिवार के कई लोगों की जान चली गई। हादसे में सत्यवान के बेटे गौरव सिंह, भाई रामसमुझ सिंह और रिश्तेदार राजन चौधरी की मौत हुई। एंबुलेंस चालक जसपाल की भी हादसे में जान चली गई। एक साथ कई मौतों की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों का कहना है कि सत्यवान के बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर परिवार ने कई सपने संजोए थे, लेकिन हादसे ने सबकुछ बदल दिया। गांव में शोक का माहौल है। ……………………………………………………… यह खबर भी पढ़ें- ‘चाची को क्या जवाब देंगे... सब खत्म हो गया’:सुबेदार का भतीजा बोला- ‘शॉर्टकट’ के चक्कर में बेटे समेत चार की मौत, सुबेदार का शव लेकर आ रहे थे सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर रविवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे के बाद घटना स्थल और हलियापुर थाने का माहौल गमगीन हो गया। अपने ही परिवार के चार चिरागों को खोने के गम में भतीजे दरोगा सिंह का कलेजा फट पड़ा। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने जब वह अपनी बात रख रहे थे, तो उनके सब्र का बांध टूट गया। यहां पढ़ें पूरी खबर

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