भाजपा के तीन पदाधिकारियों पर छेड़छाड़-गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप:अलीगढ़ में कोर्ट ने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच के दिए निर्देश, पीड़िता ने खुद को एक नेता की पत्नी बताया
भाजपा से जुड़े तीन पदाधिकारियों पर एक महिला ने छेड़छाड़, मारपीट, गंभीर यौन उत्पीड़न, जातिसूचक टिप्पणी और हत्या की धमकी के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि 19 मार्च को अलीगढ़ न्यायालय से लौटते समय सारसौल चौराहे के पास फॉरच्यून होटल के बाहर तीनों ने उसे घेर लिया और विरोध करने पर उसके साथ अभद्रता व मारपीट की। मामला विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट की अदालत पहुंचा। अदालत ने प्रथमदृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए बन्नादेवी पुलिस को तीनों के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना के निर्देश दिए हैं।
आरोपियों में सौरभ चौधरी पुत्र प्रेमपाल सिंह निवासी खेरेश्वर मंदिर के पीछे, नीलकंठ कॉलोनी, हरिदासपुर, थाना लोधा, पंकज दिवाकर पुत्र ज्ञान सिंह निवासी लोधी बिहार, थाना सासनीगेट और लोकेश नागर निवासी डिफेंस कॉलोनी, थाना क्वार्सी, अलीगढ़ शामिल हैं। महिला का आरोप है कि तीनों भाजपा के अलग अलग संगठनों में पदाधिकारी हैं और पूर्व में छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं। जिनमें सौरभ युवा मोर्चा में उपाध्यक्ष, जबकि पंकज भाजपा एससी मोर्चा में महामंत्री व लोकेश मंडल स्तर पर पदाधिकारी हैं।
खुद को सौरभ की पत्नी और पूर्व छात्र पदाधिकारी बताया
महिला ने अदालत में दिए प्रार्थनापत्र में खुद को अनुसूचित जाति की महिला बताते हुए यह भी कहा है कि वह सौरभ चौधरी की पत्नी है। उसने खुद को एक छात्र संगठन की पूर्व पदाधिकारी भी बताया है। महिला के मुताबिक, सौरभ और उसके साथियों से उसका लंबे समय से विवाद चल रहा है और इसी को लेकर वह न्यायालय में चल रहे मुकदमों की पैरवी के लिए आती-जाती रही है।
कोर्ट के सामने लगाया 19 मार्च की घटना का आरोप
महिला के अनुसार 19 मार्च को दोपहर करीब 2:30 बजे वह न्यायालय से काम निपटाकर नोएडा जा रही थी। सारसौल चौराहे के पास फॉरच्यून होटल के बाहर तीनों आरोपी पहले से मौजूद थे। आरोप है कि उसे देखकर तीनों ने अश्लील टिप्पणियां कीं और छेड़छाड़ शुरू कर दी। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की गई। प्रार्थनापत्र में महिला ने तीनों पर उसका मुंह दबाने और उसके साथ गंभीर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, उसने बचने के लिए शोर मचाया तो आसपास के लोग जुटने लगे। भीड़ को आता देखकर आरोपी भाग निकले। जाते समय पुलिस में शिकायत करने पर हत्या कराने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
पहले शिकायतों पर कार्रवाई न होने का आरोप
महिला का कहना है कि उसने पहले भी संबंधित थानों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। 18 मई 2026 को भी एसएसपी को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजने का दावा प्रार्थनापत्र में किया गया है। महिला ने अपने प्रार्थनापत्र के साथ शपथपत्र, एसएसपी को भेजी शिकायत, डाक रसीद, आधार कार्ड और जाति प्रमाणपत्र समेत दस्तावेज अदालत में दाखिल किए।
पुलिस रिपोर्ट में नहीं मिला था पुष्टिकारक साक्ष्य
अदालत ने मामले में क्षेत्राधिकारी से रिपोर्ट भी तलब की थी। पुलिस रिपोर्ट में कहा गया कि महिला और सौरभ चौधरी के बीच कई वर्षों से विवाद है और दोनों पक्षों की ओर से मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं। जांच के दौरान लगाए गए आरोपों के संबंध में कोई पुष्टिकारक साक्ष्य नहीं मिलने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार पंकज दिवाकर और लोकेश नागर ने अपने जाति प्रमाणपत्र पुलिस को उपलब्ध कराए, जिनके मुताबिक दोनों अनुसूचित जाति से संबंधित हैं।
कोर्ट ने कहा- पुलिस विवेचना से सामने आएगी सच्चाई
विशेष न्यायाधीश प्रतिभा सक्सेना-II ने आदेश में कहा कि प्रार्थनापत्र में वर्णित तथ्य प्रथमदृष्टया गंभीर प्रकृति के अपराध की ओर संकेत करते हैं और ऐसे तथ्य हैं, जिनकी वास्तविकता पुलिस विवेचना से सामने आ सकती है। अदालत ने धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत प्रार्थनापत्र स्वीकार करते हुए बन्नादेवी थाना प्रभारी को सौरभ चौधरी, पंकज दिवाकर और लोकेश नागर के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में सौरभ चौधरी का कहना है कि उनका महिला से विवाद चल रहा है। पूर्व में मुकदमे चल रहे हैं। उसने हमारे ही कुछ साथियों की साजिश के तहत झूठा अपराध बनाया है। जिस दिन की घटना बताई है। उस दिन घटनास्थल पर एक आयोजन था। जिसमें जिले के सभी अधिकारी व उनके सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। अपनी बात रखेंगे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)