भ्रूण लिंग परीक्षण वाले मामलों की जांच पुलिस नहीं करेगी:सुप्रीम कोर्ट बोला- अस्पताल पर छापा मारने का अधिकार भी नहीं, अब स्पेशल टीम ही कार्रवाई करेगी
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि भ्रूण लिंग परीक्षण-PCPNDT एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जांच पुलिस नहीं कर सकती। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में कानून के तहत नियुक्त अधिकारी ही कार्रवाई करेंगे। प्री कॉन्सेप्शन एंड प्री नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (पीसीपीएनडीटी) एक्ट का मकसद भ्रूण का लिंग पता लगाने के लिए प्रसव से पहले की जाने वाली जांच तकनीकों के इस्तेमाल पर रोक लगाना है। यह फैसला जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने सुनाया। कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीसीपीएनडीटी एक्ट से जुड़े मामले तकनीकी होते हैं। इनमें मेडिकल जानकारी और संवेदनशीलता की जरूरत हो सकती है। पुलिस की भूमिका सिर्फ सहायक की रहेगी बेंच ने कहा, इस एक्ट के तहत जांच करने की जिम्मेदारी पुलिस की नहीं है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि कानून के मुताबिक पुलिस सिर्फ सहायक के तौर पर मदद करेगी। स्पेशल अफसर के पास ही शिकायत और जांच का अधिकार PCPNDT एक्ट की धारा 17(4) के तहत नियुक्त किए गए विशेष अधिकारी के पास ही इन अपराधों की शिकायत दर्ज करने और उनकी जांच करने का अधिकार होगा। प्री कॉन्सेप्शन एंड प्री नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स-PCPNDT एक्ट क्या है PCPNDT कानून का मकसद लिंग जांचने पर पूरी तरह रोक लगाना है। यह कानून देश में लगातार कम हो रही लड़कियों की संख्या और भ्रूण हत्या को रोकने के लिए लाया गया था। इसके तहत देश के हर क्लिनिक और लैब का सरकारी रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है जहां अल्ट्रासाउंड या जेनेटिक जांच की मशीनें होती हैं। बिना रजिस्ट्रेशन के ऐसी मशीन रखना भी अपराध है। ------------------- ये खबर भी पढ़ें: चरखी दादरी में भ्रूण लिंग जांच करने वाले एक्सपोज:BAMS लेडी डॉक्टर समेत 3 गिरफ्तार; सोनीपत हेल्थ विभाग ने मारी थी रेड सोनीपत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सिविल सर्जन डॉ. अनुराधा जैन के नेतृत्व में अंतर-जिला कार्रवाई करते हुए चरखी दादरी में कथित भ्रूण लिंग जांच के मामले का खुलासा किया है। पीसी-पीएनडीटी एक्ट के तहत की गई इस कार्रवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीन आरोपियों को पकड़ा। जिनमें BAMS डॉक्टर विभूति, रविंद्र एक्स-रे टेक्नीशियन और प्रियादीप रिसेप्शनिस्ट शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर…
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