ED ने आजम खान पर कराई FIR:मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में चंदे और इमारतों के हिसाब में हेराफेरी का आरोप
रामपुर जेल में बंद सपा नेता आजम खान से पूछताछ के बाद ईडी ने उन पर केस दर्ज कराया है। आजम के अलावा जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण से जुड़ी दो कंपनियों समेत एक अज्ञात पर भी ईडी ने केस दर्ज कराया है। अजीमनगर थाना प्रभारी ने बताया कि ये एफआईआर प्रवर्तन निदेशालय के एक डिप्टी डायरेक्टर ने मोहम्मद अली जौहर विश्ववधालय में दिए गए चंदे की रकम और इमारतों में लगे रुपयों के हिसाब किताब में हेराफेरी के आरोप में दर्ज कराई है। बता दें कि लखनऊ से पहुंची 3 अफसरों की टीम ने मंगलवार को सुबह 9:20 बजे से लेकर शाम 5:30 बजे तक जेल की बैरक नंबर-1 में आजम खान से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी। जेल सूत्रों के मुताबक जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट में धांधली को लेकर सवाल किए गए। इसपर आजम खान पहले तो बीमारी का बहाना बनाते रहे। बाद में कुछ सवालों के जवाब उन्होंने दिये थे। इसके बाद रात को FIR कराई गई। सूत्रों के मुताबिक, ED ने लखनऊ की PMLA कोर्ट (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) से आजम से 4 दिन पूछताछ की इजाजत ली है। पूछताछ अगले तीन दिन यानी 16 अक्टूबर तक चलेगी। कल आजम से चंदा कहां-कहां से मिला? इसे लेकर पूछताछ की गई थी। ED के 4 अफसर एक गाड़ी से सुबह 9:10 बजे लखनऊ से रामपुर की जिला जेल पहुंचे। जेल के रजिस्टर में एंट्री कराने के बाद सीधे आजम की बैरक में चले गए। उनसे जौहर विश्वविद्यालय और ट्रस्ट को मिले करोड़ों के चंदे, निर्माण कार्यों पर खर्च की गई रकम के बारे में सवाल किए। इससे पहले जांच एजेंसी वित्तीय लेन-देन और रकम के इस्तेमाल के आपस में लिंक को लेकर आजम से जुड़े कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) दीपक गोयल, जौहर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. जहीरुद्दीन, सपा विधायक नसीर अहमद खान और ठेकेदार सलीम शामिल हैं। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ट्रस्ट को करोड़ों रुपये की धनराशि कहां से मिली। इसे किन तरीकों से विश्वविद्यालय तक पहुंचाया गया। जांच के दौरान संबंधित कंपनियों, फर्मों, ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच हुए लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। अक्टूबर को सपा विधायक से पूछताछ हुई थी 6 अक्टूबर को रामपुर की चमरौआ विधानसभा सीट से सपा विधायक नसीर अहमद खान से ED ने 7 घंटे पूछताछ की थी। नसीर जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव रह चुके हैं। ईडी ने सपा विधायक को समन भेजकर पूछताछ के लिए लखनऊ बुलाया था। पूछताछ के दौरान ट्रस्ट में लिए जाने वाले फैसलों, चंदे और जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्यों में उनकी भूमिका को लेकर सवाल किए गए थे। अगस्त में 10 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी ईडी ने 19 अगस्त को रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में जौहर ट्रस्ट, विश्वविद्यालय और आजम खान से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान वित्तीय लेन-देन, चंदे और निर्माण कार्यों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई थी। इसके बाद एजेंसी ने मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर जांच आगे बढ़ाई। आजम की जौहर यूनिवर्सिटी और उसके विवाद के बारे में जानिए जौहर यूनिवर्सिटी आजम खान ने बनवाई थी। इसका नाम स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नाम पर रखा गया है। उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के विरोध में कई आंदोलनों की शुरुआत की थी। मुस्लिम लीग और कांग्रेस, दोनों के अध्यक्ष रहे थे। 2005 में यूपी में जब सपा सरकार थी, तब आजम खान नगर विकास मंत्री थे। उसी दौरान 15 अप्रैल, 2005 को रामपुर विकास प्राधिकरण बनाया गया था। शुरुआत में प्राधिकरण के दायरे में रामपुर नगर पालिका के साथ 23 गांव शामिल किए गए थे। 18 सितंबर, 2006 को आजम ने सिंगनखेड़ा गांव में जौहर यूनिवर्सिटी की नींव रखी। उस समय सिंगनखेड़ा गांव प्राधिकरण के क्षेत्र में नहीं आता था। जुलाई, 2024 में प्राधिकरण ने अपनी सीमा बढ़ाई और आसपास के 39 गांव अपने दायरे में शामिल कर लिए। इनमें सिंगनखेड़ा गांव भी शामिल था। यहीं से पूरा विवाद शुरू हुआ। सपा की सरकार जाने पर प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी की इमारतों की जांच कराई। इसमें पता चला कि 40 इमारतों में सिर्फ मेडिकल कॉलेज और प्रशासनिक भवन का नक्शा मंजूर है। बाकी 38 इमारतों का नक्शा मंजूर नहीं कराया गया। इसी आधार पर यूनिवर्सिटी को नोटिस दिया गया। प्राधिकरण ने कहा कि 30 जुलाई तक इन 38 इमारतों को खुद गिरा दें, नहीं तो प्रशासन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। हालांकि, अब यह मामला कोर्ट में है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें
'मेरा सहारा था, न्यूजीलैंड से आकर बेटों ने मार डाला':रामपुर में पत्नी बोली- गलती तो हम दोनों की थी, ससुराल से भागकर शादी की थी ‘पहले पति की मौत के बाद नवजोत ने मुझे सहारा दिया था। अगर गलती थी, तो हम दोनों की थी। जो सही लगा, हमने किया। शादी के बाद हम डरकर भागते रहे। मेरे दोनों बेटे और ससुरालवाले धमकी देते थे कि तुम दोनों की जान ले लेंगे। धीरे-धीरे सब सही हो रहा था। तभी बेटों ने पति को मार दिया। उनको सख्त सजा मिलनी चाहिए।’ यह कहना है उस महिला का, जिसके दूसरे पति की उसी के बेटे ने न्यूजीलैंड से आकर हत्या कर दी। बेटे मां की दूसरी शादी से नाराज थे। पूरी खबर पढ़ें
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