एड्स कंट्रोल सोसाइटी के संविदाकर्मियों ने सौंपा 10 सूत्रीय मांगपत्र:मऊ में 5 से 11 अक्टूबर तक काली पट्टी बांधकर विरोध

Oct 06, 2026 - 13:15
0
एड्स कंट्रोल सोसाइटी के संविदाकर्मियों ने सौंपा 10 सूत्रीय मांगपत्र:मऊ में 5 से 11 अक्टूबर तक काली पट्टी बांधकर विरोध
मऊ में एड्स कंट्रोल सोसाइटी कर्मचारी संघ के दर्जनों संविदा कर्मचारियों ने मंगलवार को जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धनंजय कुमार को 10 सूत्रीय मांगों से संबंधित पत्रक सौंपा। कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के निस्तारण की मांग करते हुए चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी। संगठन के जिलाध्यक्ष एवं जिला चिकित्सालय मऊ के लैब टेक्नीशियन जीवन चतुर्वेदी ने बताया कि एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कार्यरत कर्मचारियों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। कर्मचारियों की ओर से पूर्व में स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन देने के साथ लखनऊ के 1090 चौराहे पर धरना-प्रदर्शन भी किया जा चुका है। इसके बावजूद मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेश संगठन ने आंदोलन का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि 5 से 11 अक्टूबर तक सभी कर्मचारी कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। 12 से 14 अक्टूबर तक ड्यूटी शुरू होने के बाद दो घंटे कार्य बहिष्कार किया जाएगा। भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 15 अक्टूबर को लखनऊ के ईको गार्डन में विशाल धरना और 16 अक्टूबर से भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है। मऊ जिले में आईसीटीसी, एआरटी और एसटीआई से जुड़े करीब 25 कर्मचारी कार्यरत हैं। ऑटो रिन्यूअल की मांग की कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में केंद्र सरकार से प्राप्त अनापत्ति प्रमाण पत्र और 19 फरवरी 2026 को विधान परिषद के सभापति की सहमति के आधार पर एड्स नियंत्रण कर्मचारियों का नियमितीकरण शामिल है। नियमितीकरण होने तक अधिवर्षता आयु तक नौकरी की सुरक्षा और ऑटो रिन्यूअल की मांग की गई है। आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट इसके अलावा तीन वर्षों से लंबित 20 प्रतिशत अतिरिक्त मासिक पारिश्रमिक की पत्रावली का निस्तारण, एनएचएम की तर्ज पर 30 लाख रुपये के ग्रुप टर्म इंश्योरेंस का लाभ, पिछले तीन वर्षों में हटाए गए कर्मचारियों का पुनः समायोजन, 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को सरकारी भर्तियों में अतिरिक्त अंक और आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट देने की मांग की गई है। कर्मचारियों ने प्रदेश स्तर पर म्यूचुअल स्थानांतरण लागू करने, परियोजना निदेशक की सहमति के बाद ही कार्यस्थल से अन्यत्र ड्यूटी लगाने, एचआईवी संक्रमित सेवाग्राहियों के लिए बिहार और दिल्ली की तर्ज पर मासिक पेंशन का प्रावधान करने तथा शाम चार बजे के बाद नो वर्चुअल मीटिंग, नो रिपोर्टिंग और नो कॉलिंग का आदेश जारी करने की मांग भी रखी है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User