गोरखपुर चाय बेचने वाली बहनों से मिले DM:IAS की तैयारी के लिए कोचिंग की व्यवस्था करेंगे, बोले- आर्थिक मदद भी की जाएगी

Oct 05, 2026 - 15:32
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गोरखपुर चाय बेचने वाली बहनों से मिले DM:IAS की तैयारी के लिए कोचिंग की व्यवस्था करेंगे, बोले- आर्थिक मदद भी की जाएगी
गोरखपुर में IAS की तैयारी करते हुए चाय बेचने वाली बहनों से डीएम दीपक मीणा ने सोमवार को मुलाकात की। बड़ी बहन वर्तिका उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई के लिए कोचिंग की व्यवस्था करने के लिए वादा किया है। साथ ही हर संभव आर्थिक मदद करने का भी आश्वासन दिया है। DM ने तीनों बहनों के साहस की सराहना की। उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए कहा। DM ने पूछा- क्या मदद कर सकता हूं वर्तिका ने बताया कि जब कल रात में कॉल आया तो हमें बहुत अच्छा लगा। उसके बाद उनके डीएम सर के पीए के कहे मुताबिक हम लोग सोमवार की सुबह 10 बजे DM आवास पर पहुंच गए। थोड़ी देर बाद डीएम सर ने अपने केबिन में बुलाया और हमसे सबसे पहले हालचाल पूछा। उन्होंने कहा कि बहुत अच्छा कर रहे हो आपलोग। पढ़ाई के बारे में बातचीत हुई। उन्होंने पूछा कि क्या मदद कर सकता हूं। हमने उनसे तैयारी के लिए किसी बेहतरीन गाइडेंस की बात कही। उन्होंने कहा कि अभ्युदय में कोचिंग की व्यवस्था करवाता हूं। आप लोग पढ़ाई पर ध्यान दीजिये। समय ज्यादा देना पड़ेगा। वर्तिका के मुताबिक डीएम ने उनसे हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उनका कहना है कि लखनऊ तक बात पहुंचाएंगे, शासन से भी फोन आ सकता है। जो कुछ भी आपसे पूछा जाए बता दीजिएगा। लगभग आधे घंटे तक तीनों बहनें वहां थीं। रविवार रात को किया था कॉल DM दीपक मीणा की ऑफिस से रविवार रात करीब 9 बजे बहनों के पास कॉल गया था। उस समय परिवार के बारे पूछा और सुबह डीएम आवास पर मिलने के लिए बुलाया गया था। पैरालाइज पिता के दवा का खर्च भी उठाती महराजगंज की रहने वाली तीनों बहनें वर्तिका, वंदिता और अवंतिका गोरखपुर के बरगदवां में परिवार के साटन किराए के मकान में रहती हैं। पिता राम सकल उपाध्याय 2017 में पैरालाइज हो गए थे। जिसके बाद से ही परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। घर में कोई और कमाने वाला नहीं है इसलिए पिता की दवाई, पढ़ाई और घर खर्च की जिम्मेदारी तीनों बहनों के कंधों पर आ गई। बड़े भाई शिवम उपाध्याय की पढ़ाई भी छूट गयी थी। इसलिए कहीं अच्छी जॉब नहीं मिलती। ऐसे में बहनों ने परिवार की मदद के लिए पहले कई जगह नौकरी की, बच्चो को ट्यूशन पढ़ाया लेकिन उससे कुछ हो नहीं पा रहा था। तब उन्होंने अपना बिजनेस शुरू करने का मन बनाया। और माता- पिता को मना कर चाय की दुकान खोली। पिछले 4 महीने से लगातार मेहनत कर रही पिछले 4 महीने से DDU के गेट के सामने चाय बेच रही हैं। उन्होंने 8000 लगा कर बिलीवर बिस्ट्रो नाम से स्टॉल लगाया। पहले सिर्फ चाय से शुरुआत की और अब मेन्यू में मैगी कॉफी और अन्य चीजें भी शामिल कर ली हैं। तीनों बहनें आगे चलकर IAS और IPS बनना चाहती हैं। बड़ी बहन वर्तिका को DM बनना है, दूसरी बहन वंदिता IPS की तैयारी में लगी है, जबकि छोटी बहन अवंतिका भी IAS बनना चाहती है। दिन भर दुकान चलाने के बाद तीनों बहनें रात में 2 बजे तक यूट्यब के जरिए पढ़ाई करती हैं। खुद से नोट्स बनाती और सेल्फ स्टडी पर फोकस करती हैं। फिर सुबह उठकर दुकान खोलने की तैयारी में जुट जाती हैं।

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