गोरखपुर में बाप की ट्रेनिंग से बेटा बना चोर:3 माह में 6 घरों में दिनदहाड़े चोरी की, मिट्टी में दबाकर रखा था 50 लाख का गहना
गोरखपुर में बाप की ट्रेनिंग से 20 साल का बेटा शातिर चोर बन गया। हर 15 दिन पर दिनदहाड़े रेलवे कॉलोनी के घरों का पिछला दरवाजा तोड़कर चोरी करता था। चोरी की रकम से घर का खर्च चलाता था। वहीं सोने-चांदी के गहने घर के आंगन की मिट्टी में दबा देता था। 3 माह में 6 रेलकर्मियों के घरों में चोरी करके आरोपी ने पुलिस को बड़ी चुनौती दी थी। शाहपुर पुलिस और एंटी थेप्ट टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर चोरी में शामिल बाप-बेटे को गिरफ्तार 6 चोरी की घटनाओं का रविवार को पर्दाफाश कर दिया शाहपुर पुलिस और एंटी थेप्ट टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर चोरी में शामिल बाप-बेटे को गिरफ्तार 6 चोरी की घटनाओं का रविवार को पर्दाफाश कर दिया। आरोपियों से पूछताछ में अहम जानकारी मिली है। पुलिस ने उनके घर के आंगन में खुदाई कर 50 लाख के गहने और 90 हजार 500 रुपया नकद बरामद किया है। सीसीटीवी और मुखबिर की मदद से पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस अब अन्य वारदातों में उनकी भूमिका की जांच कर रही है। घटना शाहपुर थाना क्षेत्र की रेलवे कॉलोनी की है। पिता करता था रेकी, बेटा घरों में करता था चोरी पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रत्नेश अग्रहरी और उसके पिता रविंद्र प्रसाद अग्रहरी के रूप में हुई है। दोनों मोहनापुर पासी टोला, पादरी बाजार के निवासी हैं। रविंद्र प्लंबर का काम करता था और रेलवे कॉलोनी में उसका आना-जाना था। पुलिस का कहना है कि पिता बंद क्वार्टरों की रेकी करता था। इसके बाद बेटा मौका देखकर दिन के समय रेलवे क्वाटर के पिछले दरवाजे को तोड़कर अंदर प्रवेश करता था। फिर घरों से जेवर व नकदी चोरी करता था। बाप-बेटा चोरी का माल अपने घर के आंगन में मिट्टी खोदकर छिपा देते थे। तीन बहनों की हो चुकी है शादी पुलिस के मुताबिक, रविंद्र प्रसाद अग्रहरी के आरोपी रत्नेश अग्रहरी समेत तीन बेटे और 3 बेटियां हैं। बेटियां बड़ी हैं, इसके बाद 20 साल का बेटा रत्नेश है। दो बेटे नाबालिग हैं। एक बेटी भागकर दूसरी जाति के लड़के से शादी कर ली है। जबकि दो बहनों की महाराष्ट्र में शादी हुई है। घर पर रविंद्र प्रसाद अपनी पत्नी और 3 बेटों के साथ शाहपुर मोहनापुर में रहता है। रविंद्र पलंबर का काम करता था। इधर उसका काम छूट जाने की वजह से घर की आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। रविंद्र पहले तिवारीपुर इलाके में रह चुका है। वहां चोरी की घटना में भी इसका नाम पहले आ चुका है। हाफ-पैंट और टीशर्ट पहनकर चोरी करता था रत्नेश पुलिस की पूछताछ में आरोपी रविंद्र प्रसाद ने बताया कि एक बार रेलवे कालोनी में चोरी हुई थी। तब उस घर के मालिक ने पीछे की दीवार ऊंची कराई थी। छोटी बाउंड्री होने की वजह से चोर उसी रास्ते अंदर आए थे। यहीं से रेलवे कालोनी में चोरी का आइडिया मिला। इसके बाद कक्षा 2 तक पढ़ाई कर चुका बेटे रत्नेश को चोरी करने की ट्रेनिंग दी। बाप से ट्रेनिंग लेकर रत्नेश रेलवे कालोनी के घरों में पीछे से प्रवेश करता था। एक घंटे में ही वह घर खंगाल देता था। दोपहर में 12 से 2 बजे के बीच वह हाफ-पैंट और टीशर्ट पहनकर चोरी की घटना को अंजाम देता था। इसके बाद साइकिल पर चोरी का माल लादकर घर निकल जाता था। असुरन चौकी पीछे एक घर में चोरी की घटना की थी। यहां सीसीटीवी फुटेज में पहली बार उसका चेहरा दिखाई दिया था। जिससे पुलिस को काफी मदद मिली। 50 लाख के जेवर और 90 हजार रुपए बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से 415 ग्राम सोने और 1 किलो 648 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। इसके अलावा 90 हजार 500 रुपए नकद भी मिले हैं। बरामद जेवरों की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपए बताई गई है। सोने के आभूषणों में हार, अंगूठियां, झुमके, मंगलसूत्र, चेन, लॉकेट और अन्य जेवर शामिल हैं। वहीं, चांदी के आभूषणों में पायल, कमरधनी, ब्रेसलेट, बिछिया और सिक्के बरामद हुए हैं। तीन महीने में हुई थीं छह चोरियां शाहपुर क्षेत्र की रेलवे कॉलोनी में पिछले तीन महीनों के दौरान अलग-अलग तारीखों पर छह घरों में चोरी हुई थी। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू की थी। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली। एसपी क्राइम अयोध्या सिंह ने बताया बरामदगी के आधार पर सभी छह मामलों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है। पुलिस को पूछताछ में चोरी की अन्य घटनाओं के खुलासे की भी उम्मीद है।
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