हमारे भविष्य के लिए भैया ने बाबा को मार डाला:फर्रुखाबाद में बहनें बोली- वो लगातार जमीन बेच रहे थे, मां-पिता की मौत के बाद भाई ही सहारा था
पापा-मम्मी की मौत के बाद भैया ही हम दोनों बहनों को पाल रहे थे। बाबा पहले भी एक बार जमीन बेच चुके थे। दोबारा फिर से उन्होंने 10 बिस्वा जमीन बेच दी थी। इसी बात से भैया परेशान था और उसने बाबा को गोली मार दी। उसे हमारे भविष्य की चिंता थी। परिवार में कोई हमसे मतलब नहीं रखता। मेरी मां को भी टॉर्चर किया जाता था। अब हमें पता नहीं हमारा क्या होगा। ये कहना है बाबा की हत्या करने वाले आरोपी की दो बहनों का। फर्रुखाबाद में रविवार (4 अक्टूबर) शाम को जमीन बेचने से गुस्साए पोते ने बाबा को गोली मार दी थी। बाबा साधु भेष में घर के पास कुटिया बनाकर रहते थे। घटना के बाद से आरोपी फरार है। दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर मृतक के घर पहुंची और परिजनों से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… मां-पिता मौत के बाद अकेले रहते थे बच्चे जहानगंज थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव में गजेंद्र सिंह (72) का घर है। परिवार में पत्नी मीना के अलावा दो बेटे मुकेश और चंदन थे। मुकेश बाहर रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी और बेटा शिवा (20) गांव में दादी मीना के साथ रहते हैं। दूसरे बेटे चंदन की 13 साल पहले मौत हो गई थी। 3 साल पहले चंदन की पत्नी की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई। उसके तीन बच्चे अंकित (20), अन्नू (16) और तन्नू (15) हैं। मां और पिता की मौत के बाद अंकित अपनी दोनों बहनों के साथ उसी घर में दादी-बाबा से अलग रहता था। अन्नू और तन्नू दोनों 11वीं में पढ़ाई कर रही हैं। अंकित खेती करता था और कुछ दिन से एक स्कूल में वैन चलाने लगा था। घर से कुछ दूर कुटिया बनाकर रह रहे थे गजेंद्र के नाम पर करीब 23 बीघा जमीन थी। कई साल से गजेंद्र घर से 500 मीटर दूर एक कुटिया बनाकर रह रहे थे। उन्होंने साधु का भेष भी रख लिया था। 3 साल पहले गजेंद्र ने 2 बीघा जमीन बेच दी थी। कुछ दिन से गजेंद्र की तबीयत खराब थी। इलाज के लिए उन्होंने दोबारा 2 बीघा जमीन बेच दी थी। इसी बात से गुस्साए अंकित ने रविवार शाम 315 बोर के तमंचे से बाबा को दो गोली मार दी। एक गोली कंधे में और दूसरी पेट में लगी, जिससे गजेंद्र घायल होकर गिर गए। गोली मारने के बाद कुछ देर अंकित वहीं बैठा रहा। अंकित की बहनें गांव वालों से बचाकर उसे दूसरे घर पर ले गईं, जहां से वो फरार हो गया। दूसरे पोते शिवा ने बाइक से गजेंद्र को हॉस्पिटल पहुंचाया। कन्नौज मेडिकल कॉलेज में गजेंद्र की मौत हो गई। अंकित अभी फरार है और पुलिस ने उसकी तलाश में दबिश दे रही है। पढ़िए आरोपी की बहन ने क्या बताया… आरोपी अंकित की बहन अन्नू सिंह ने बताया कि पापा की मौत के बाद मेरी दादी-ताऊ और बुआ लोग मिलकर मेरी मम्मी को परेशान करती थीं। मम्मी की जिस दिन मौत हुई उस दिन भी इन लोगों ने झगड़ा किया था। ताऊ जी मम्मी को पीटते थे। एक बार तो मां ने जहर खाकर जान देने की भी कोशिश की थी। मम्मी की मौत हो गई तो ये लोग हमसे कोई मतलब नहीं रखते थे न ही कोई सपोर्ट करते थे। भैया को बाबा ने 5 बीघा जमीन दे दी थी। हम दोनों बहनों के नाम पर भी 1-1बीघा जमीन कर दी थी। भैया इसी पर खेती करता था और भैंस वगैरह से हमारा खर्च चल रहा था। 1 महीने से भैया एक स्कूल की वैन भी चलाने लगा था। बोली- गांव के लोग भैया को पीट रहे थे बाबा ने फिर से ढाई बीघा जमीन बेच दी थी। भैया इस बात से परेशान थे कि अगर बाबा ऐसे ही जमीन बेचते रहेंगे तो हमारा खर्चा कैसे चलेगा। उन्होंने जमीन बेचने को मना भी किया था, लेकिन बाबा ने बयाना ले लिया। बाबा को गोली मारने के बाद भैया भागा नहीं था। हम लोग जब पहुंचे तो गांव के लोग उसे पीट रहे थे। मेरी दादी कह रही हैं कि अगर ननिहाल पक्ष से कोई आया तो उन्हें भी मारेंगे। अब हम दोनों बहनें कहां रहेंगे कुछ पता नहीं है। अब पढ़िए दादी ने क्या बताया… वहीं, गजेंद्र की पत्नी मीना का कहना है कि बेटे और बहू की मौत के बाद कभी भी नाती और नातिन ने ठीक से बात नहीं की। यहां तक की कभी एक गिलास पानी भी नहीं दिया। इसके बाद भी अगर लड़कियां रहना चाहें तो हम रखने के लिए तैयार हैं। बोलीं- ननिहाल पक्ष के लोगों ने बच्चों को भड़काया दादी का कहना है कि ननिहाल पक्ष के लोगों के सिखाने की वजह से बच्चों ने हमसे दूरी बनाई थी। जब बहू की मौत हुई थी उस समय ननिहाल पक्ष के लोग यहां आए थे। उन्होंने बहू का अंतिम संस्कार तभी होने दिया था जब दोनों बेटियों के नाम एक-एक बीघा जमीन का बैनामा करा दिया था। अभी इलाज के लिए पैसा नहीं था इसलिए जमीन बेची थी। मेरे पति तो घर पर रहते भी नहीं थे। मंदिर के पास कुटिया बनाकर रहा करते थे। मेरी बड़ी बहू उनके लिए खाना बनाकर भेजती थी। अन्नू और तन्नू हमसे कोई बात नहीं करती हैं। उनके ननिहाल पक्ष ने ही सब किया है। अन्नू-तन्नू अगर चाहेंगी तो हमारे साथ रहेंगी। लेकिन वो वही करती हैं, जो उनके ननिहाल पक्ष के लोग कहते हैं। 15 लाख थी जमीन की कीमत, 1 लाख बैनामा वहीं गांव के लोगों ने बताया कि गांव में जमीन काफी महंगी है। गजेंद्र ने जो जमीन बेची है उसकी कीमत करीब 15 लाख रुपए है। इसका 1 लाख रुपए बैनामा भी गजेंद्र ले चुके थे। गजेंद्र के बड़े बेटे मुकेश ने भतीजे अंकित ठाकुर के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीओ मोहम्मदाबाद आलोक कुमार ने बताया… केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की तलाश में 2 टीम दबिश दे रही हैं। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मृतक के घर के बाहर पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें… कानपुर में सरकारी डॉक्टर ने खुद को गोली से उड़ाया:7 साल पहले शादी हुई थी, रात 2 बजे लाइसेंसी रिवाल्वर से सुसाइड किया कानपुर में सरकारी डॉक्टर ने सुसाइड कर लिया। उन्होंने लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को सीने में गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर पत्नी कमरे में पहुंची तो डॉक्टर जमीन पर खून से लथपथ पड़े थे। परिवार के लोग डॉक्टर संदीप सिंह (47) को रीजेंसी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर संदीप सिंह सर्जन थे और कानपुर देहात में तैनात थे। पढ़ें पूरी खबर…
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