हत्या या आत्महत्या- डूबने से हुई इंजीनियरिंग छात्र की मौत:पिता रक्षामंत्री के आवास पर तैनात, रैपिडो बुक किया फिर मिली लाश
प्रयागराज में इंजीनियरिंग छात्र कुमार गौरव की मौत डूबने से हुई थी। मंगलवार को छात्र के शव का पोस्टमार्टम हुआ तो डूबने से मौत की पुष्टि हुई। अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि इंजीनियर छात्र ने सुसाइड कर लिया या फिर उसे गंगा नदी में फेंक दिया गया। दो दिनों तक पानी में पड़े रहने की वजह से शव फूल गया, ऐसे में जबरन गंगा में फेंकने वाले फोरेंसिक साक्ष्य नहीं मिल सके। इंजीनियरिंग छात्र गौरव के पिता एसएसबी जवान हैं और इन दिनों रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात हैं। मौत से पहले गौरव ने अपनी मां को फोन कर बताया था कि वह रेलवे स्टेशन पहुंच गया है। अब रैपिडो बुक कर घर आ रहा है। बाद में बताया कि रैपिडो वाले ने किसी और को भेजा है। अब सवाल यह है कि रास्ते में ऐसा क्या हुआ जो गौरव मेजा के बजाय हंडिया पहुंच गया। हत्या और आत्महत्या के बीच उलझा केस मामला आत्महत्या और हत्या के बीच उलझ गया है। हादसा इसलिए नहीं माना जा रहा है कि रेलवे स्टेशन से उतरने के बाद छात्र को यमुनापार के मेजा स्थित घर जाना था जबकि उसका शव गंगानार के हंडिया इलाके में मिला। तमाम सवालों के जवाब पुलिस के पास भी नहीं हैं। 12 अक्टूबर सोमवार को प्रयागराज के हंडिया इलाके में लाक्षागृह गंगा घाट किनारे 22 साल के एक युवक का शव मिला था। हंडिया पुलिस ने शव पानी से निकलवाया तो उसकी शिनाख्त मेजा थाना क्षेत्र के अमिलिया कला उरुवा गांव के रहने वाले कुमार गौरव उर्फ राज के रूप में हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। संगम स्टेशन से मां को फोन किया था मेजा के रहने वाले एसएसबी जवान कुंतल कुमार का बेटा गौरव लखनऊ स्थित डीडी पंत पॉलीटेक्निक कॉलेज में इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेड में डिप्लोमा द्वितीय वर्ष का छात्र था। उसके पिता इन दिनों रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात हैं और अवकाश पर घर आए हुए हैं। गौरव 9 अक्टूबर को ट्रेन से लखनऊ से प्रयागराज संगम स्टेशन आया था। स्टेशन पर उतरने के बाद उसने मां उषा देवी को काल कर बताया कि घर आने के लिए उसने रैपिडो बुक किया। फिर उसने बताया कि रैपिडो जो बुक किया था वह नहीं आया उसने किसी दूसरे को भेजा है। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया और उससे संपर्क टूट गया। रात तक नहीं आया तो दूसरे दिन गुमशुदगी जब गौरव कई घंटे बाद भी घर नहीं पहुंचा और उसका मोबाइल आफ रहा तो घरवालों तलाश शुरू की। 10 अक्टूबर को घरवाले संगम स्टेशन पहुंचे। पूछताछ के बाद दारागंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। 12 अक्टूबर की सुबह हंडिया के लाक्षागृह घाट किराने स्थानीय लोगों ने गंगा में शव देख पुलिस को सूचना दी। गौरव के जेब से मोबाइल और कमरे की चाबी मिली थी। घरवालों का कहना है कि गौरव की हत्या की गई है। हालांकि वह किसी पर शक नहीं जता सके। रैपिडो बुकिंग वाले पर आशंका जताई जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद गौरव का शव मंगलवार शाम मेजा स्थित घर ले जाया गया। मां उषा देवी और छोटा भाई सौरभ शव से लिपट बिखलते रखे। पिता कुंतल का भी रो रोकर बुरा हाल है। हंडिया थाना प्रभारी ओम प्रकाश का कहना है कि गंगा किनारे पानी में लाश मिली थी। शव फूल गया था। जांच की जा रही है। मोबाइल से डिटेल मिली है, कई लोगों से पूछताछ की गई है।
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