IPL 2026 में चोटों का संकट, कई टीमों के स्टार खिलाड़ी बाहर
IPL 2026 में चोटों का संकट, कई टीमों के स्टार खिलाड़ी बाहर
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 शुरू होने से पहले ही टीमों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। इस बार टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले ही कई स्टार खिलाड़ी चोटिल हो गए हैं या शुरुआती मैचों से बाहर हो चुके हैं, जिससे टीमों की रणनीति और संतुलन पर गहरा असर पड़ा है।
सबसे ज्यादा असर (KKR) पर देखने को मिल रहा है। टीम के तेज गेंदबाज आकाश दीप बैक इंजरी के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं, जबकि हर्षित राणा घुटने की सर्जरी के चलते लंबा समय नहीं खेल पाएंगे। इसके अलावा मथीशा पथिराना भी कैल्फ इंजरी के कारण शुरुआती मुकाबले मिस कर सकते हैं। इस तरह KKR को अपने बॉलिंग अटैक में बड़ा बदलाव करना पड़ा है।
(SRH) भी चोटों से जूझ रही है। टीम के कप्तान पैट कमिंस वर्कलोड और फिटनेस समस्याओं से गुजर रहे हैं, जबकि जैक एडवर्ड्स चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो चुके हैं। इससे टीम की गेंदबाजी और ऑलराउंड संतुलन पर असर पड़ा है।
(RR) को भी बड़ा झटका लगा है, जहां सैम करन ग्रोइन इंजरी के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। उनके बाहर होने से टीम के मिडिल ऑर्डर और ऑलराउंड विकल्प कमजोर हुए हैं।
(RCB) के लिए भी स्थिति आसान नहीं है। जोश हेजलवुड फिटनेस समस्याओं के चलते शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं रहेंगे, जिससे टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण पर असर पड़ेगा।
वहीं (CSK) को नाथन एलिस की हैमस्ट्रिंग इंजरी ने परेशान किया है, जबकि (DC) के मिचेल स्टार्क भी शुरुआती मुकाबलों से बाहर रह सकते हैं। (PBKS) के लॉकी फर्ग्यूसन भी फिटनेस कारणों से पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं।
इस पूरे हालात में सबसे बड़ी समस्या यह सामने आई है कि ज्यादातर चोटें तेज गेंदबाजों को लगी हैं। इससे टीमों का बॉलिंग कॉम्बिनेशन बिगड़ गया है और कप्तानों को नई रणनीति बनानी पड़ रही है। कई टीमों को अपने स्क्वॉड में बदलाव करते हुए नए या युवा खिलाड़ियों को मौका देना पड़ रहा है।
टीम मैनेजमेंट ने कुछ खिलाड़ियों के रिप्लेसमेंट की भी घोषणा की है और उम्मीद जताई जा रही है कि कुछ खिलाड़ी टूर्नामेंट के बीच में वापसी कर सकते हैं। हालांकि, शुरुआती मैचों में इन चोटों का असर साफ देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर, IPL 2026 की शुरुआत से पहले ही “इंजरी क्राइसिस” सबसे बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। अब देखना यह होगा कि कौन सी टीम इस चुनौती से बेहतर तरीके से निपटती है और टूर्नामेंट में आगे बढ़ती है।