जौहर विश्वविद्यालय पर सियासी घमासान!
रामपुर के जौहर विश्वविद्यालय को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, जबकि भाजपा का कहना है कि प्रशासन केवल कानून के अनुसार कार्रवाई कर रहा है। छात्रों का विरोध प्रदर्शन भी जारी है।
दि राइजिंग न्यूज़ | रामपुर | 27 जुलाई 2026
रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। विश्वविद्यालय पर संभावित प्रशासनिक कार्रवाई की चर्चाओं के बीच विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन के बाद अब इस मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश में भी बड़े आंदोलन की तैयारियां दिखाई दे रही हैं। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दल इसे शिक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों का मामला बताते हुए सरकार को लगातार घेर रहे हैं। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि प्रशासन केवल कानून के अनुसार अपना दायित्व निभा रहा है और किसी भी कार्रवाई को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।
छात्र आंदोलन के बाद अब रामपुर बना राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र
दिल्ली में हाल ही में हुए छात्र आंदोलन के बाद अब जौहर विश्वविद्यालय का मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गया है। विश्वविद्यालय के छात्रों का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है और विपक्ष इसे व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप देने की कोशिश कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विरोध लगातार बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में यह प्रदेश की सबसे बड़ी राजनीतिक बहस बन सकता है। इसी कारण सभी प्रमुख दल इस मुद्दे पर खुलकर अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं।
कांग्रेस ने भी बढ़ाया दबाव, अजय राय पहुंचे रामपुर
कांग्रेस ने भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकार के खिलाफ अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय रामपुर पहुंचे और उन्होंने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जौहर विश्वविद्यालय पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों के भविष्य को लेकर सरकार को संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के परिवार से मुलाकात करने का भी कार्यक्रम बनाया, जिससे विपक्षी एकजुटता का स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
पूर्व मंत्री और अपनी जनता पार्टी के प्रमुख स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने लखनऊ में अपने समर्थकों के साथ विरोध प्रदर्शन किया और जौहर विश्वविद्यालय को बचाने की मांग उठाई। मौर्य ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक दुर्भावना के चलते कार्रवाई करना चाहती है। उनका कहना है कि शिक्षा संस्थानों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए और किसी भी निर्णय में निष्पक्षता दिखाई जानी चाहिए।
समाजवादी पार्टी लगातार सक्रिय, प्रतिनिधिमंडल पहुंचा रामपुर
समाजवादी पार्टी इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अधिक सक्रिय दिखाई दे रही है। पार्टी पहले अपने विधायकों और बाद में सांसदों का प्रतिनिधिमंडल रामपुर भेज चुकी है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं और समाज माध्यम के जरिए अपनी बात जनता तक पहुंचा रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे जौहर विश्वविद्यालय की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे और किसी भी प्रकार की कार्रवाई का विरोध करेंगे।
भारतीय जनता पार्टी का पलटवार, कहा- कानून के अनुसार हो रही कार्रवाई
भारतीय जनता पार्टी ने जौहर विश्वविद्यालय को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर कार्य कर रहे हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि किसी भी व्यक्ति, संस्था या विश्वविद्यालय के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है और प्रत्येक निर्णय उपलब्ध अभिलेखों तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर लिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य किसी संस्था को निशाना बनाना नहीं, बल्कि कानून का निष्पक्ष पालन सुनिश्चित करना है।