लखनऊ के जवाहर भवन में भीषण आग! मची अफरा-तफरी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित जवाहर भवन में सोमवार को भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग चौथी मंजिल पर स्थित कैंटीन से शुरू हुई। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि सभी कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल आए और किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली।
दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 20 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित सरकारी कार्यालयों के प्रमुख प्रशासनिक परिसरों में शामिल जवाहर भवन में सोमवार को अचानक भीषण आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग भवन की चौथी मंजिल पर स्थित कैंटीन से शुरू हुई और कुछ ही देर में आसपास के कमरों तथा अन्य हिस्सों तक फैलने लगी। आग लगते ही भवन के भीतर धुएं का घना गुबार भर गया, जिससे वहां कार्यरत कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कई कर्मचारियों ने तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, जबकि कुछ लोगों ने प्रारंभिक स्तर पर उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों से आग बुझाने का प्रयास भी किया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना सामने नहीं आई। हालांकि शुरुआती अनुमान के अनुसार भवन के भीतर रखे फर्नीचर, अभिलेखों, विद्युत उपकरणों और अन्य सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
चौथी मंजिल की कैंटीन से शुरू हुई आग
प्रत्यक्षदर्शियों और जवाहर भवन में कार्यरत कर्मचारियों के अनुसार आग की शुरुआत चौथी मंजिल पर स्थित कैंटीन से हुई। शुरुआत में हल्का धुआं दिखाई दिया, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कर्मचारियों ने तत्काल भवन में लगे अग्निशमन यंत्रों का उपयोग कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई। धुएं के कारण पूरे तल पर दृश्यता बेहद कम हो गई और कर्मचारियों को तत्काल भवन खाली करना पड़ा।कर्मचारियों ने बताया कि यदि समय रहते सभी लोगों को बाहर नहीं निकाला जाता, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। आग की सूचना मिलते ही भवन प्रशासन ने सभी कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का कार्य शुरू किया। कैंटीन में रखे सामान, फर्नीचर और विद्युत उपकरण पूरी तरह आग की चपेट में आ गए। शुरुआती प्रयास विफल होने के बाद तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी गई, जिसके बाद राहत कार्य तेज कर दिया गया।
दमकल विभाग ने चलाया व्यापक राहत और बचाव अभियान
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां कुछ ही समय में जवाहर भवन पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने सबसे पहले भवन के भीतर मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने को प्राथमिकता दी। इसके बाद विभिन्न दिशाओं से लगातार पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। आग ऊपरी मंजिल पर होने के कारण राहत कार्य में विशेष सावधानी बरती गई और ऊंची सीढ़ियों तथा अन्य उपकरणों की मदद ली गई।दमकल विभाग के अधिकारियों ने आसपास के पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया ताकि कोई भी व्यक्ति खतरे वाले क्षेत्र में प्रवेश न कर सके। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की। आग पर काफी हद तक नियंत्रण मिलने के बाद भी दमकल कर्मी काफी देर तक शीतलन कार्य करते रहे, ताकि दोबारा आग भड़कने की कोई संभावना न रहे।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लिया घटनास्थल का जायजा
घटना की जानकारी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक स्वयं मौके पर पहुंचे और दमकल तथा प्रशासनिक अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। उन्होंने बताया कि दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई के कारण आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही की जाएगी।उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आग लगने के कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के सभी प्रमुख सरकारी भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
भारी नुकसान की आशंका, विस्तृत जांच शुरू
जवाहर भवन कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि आग लगने से चौथी मंजिल स्थित कैंटीन के साथ-साथ आसपास के कार्यालयों में रखे फर्नीचर, विद्युत उपकरण, अभिलेख और अन्य सामग्री को भी भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि किसी कर्मचारी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन संपत्ति के नुकसान का सही आकलन जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाएगी कि आग वास्तव में किस कारण से लगी और भवन में मौजूद अग्नि सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह कार्य कर रही थी या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि प्रारंभिक स्तर पर आग बुझाने के लिए उपलब्ध संसाधन पर्याप्त थे या उनमें कोई कमी थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।