योगी सरकार का शिक्षकों को डबल तोहफा!
उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के एक लाख अट्ठाईस हजार से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक नगदरहित चिकित्सा सुविधा योजना शुरू की है। इसके तहत पाँच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार और करोड़ों रुपये तक का बीमा सुरक्षा कवच मिलेगा।
दि राइजिंग न्यूज़ | आगरा | 27 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा के खंदारी परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिक्षक नगदरहित चिकित्सा सुविधा योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पंजाब नेशनल बैंक के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए। सरकार का कहना है कि इस पहल से शिक्षकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य तथा आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिलेगा।
एक लाख अट्ठाईस हजार से अधिक शिक्षक और कर्मचारी होंगे लाभान्वित
इस योजना के माध्यम से प्रदेश के विश्वविद्यालयों, सहायता प्राप्त महाविद्यालयों तथा स्ववित्तपोषित संस्थानों में कार्यरत एक लाख अट्ठाईस हजार से अधिक शिक्षक और कर्मचारी सीधे लाभ प्राप्त करेंगे। उनके आश्रित परिवारों को भी इस सुविधा के दायरे में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षक समाज की भावी पीढ़ी का निर्माण करते हैं, इसलिए उनका स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का उद्देश्य शिक्षकों को चिंता मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है।
प्रत्येक पात्र परिवार को मिलेगा पाँच लाख रुपये तक का नगदरहित उपचार
मुख्यमंत्री शिक्षक नगदरहित चिकित्सा सुविधा योजना के अंतर्गत पात्र शिक्षकों और उनके परिवारों को सूचीबद्ध सरकारी तथा निजी चिकित्सालयों में प्रतिवर्ष पाँच लाख रुपये तक का नगदरहित उपचार मिलेगा। योजना का लाभ परिचय पत्र जारी होने के पहले दिन से ही उपलब्ध होगा। रोगी के भर्ती होने से लेकर दवा, शल्य चिकित्सा, उपचार और अस्पताल से छुट्टी मिलने तक का पूरा व्यय सरकार वहन करेगी। इससे गंभीर बीमारियों के उपचार में आर्थिक कठिनाई नहीं आएगी।
अनेक गंभीर रोगों का भी कराया जाएगा उपचार
सरकार ने बताया कि इस योजना का संचालन संबंधित स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से किया जाएगा और उपचार निर्धारित सरकारी दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। योजना में उन्नीस सौ से अधिक प्रकार की बीमारियों का उपचार शामिल किया गया है। इनमें कैंसर, हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी, मस्तिष्क संबंधी शल्य चिकित्सा सहित अनेक जटिल रोगों का उपचार भी सम्मिलित रहेगा। इससे प्रदेश के शिक्षकों और कर्मचारियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा प्राप्त होगी।
करोड़ों रुपये तक का बीमा सुरक्षा कवच भी मिलेगा
स्वास्थ्य सुविधा के साथ शिक्षकों और कर्मचारियों को व्यापक बीमा सुरक्षा भी प्रदान की जाएगी। पंजाब नेशनल बैंक के साथ हुए समझौते के अनुसार डेढ़ करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, तीन करोड़ रुपये तक का हवाई दुर्घटना बीमा, बारह लाख रुपये का जीवन बीमा तथा साठ हजार रुपये तक की चिकित्सालय नकद सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि यह व्यवस्था परिवारों को आर्थिक संकट से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
लाभार्थियों ने सरकार के निर्णय का किया स्वागत
योजना का लाभ मिलने पर शिक्षकों और कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि अब गंभीर बीमारी की स्थिति में उपचार के लिए ऋण लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। कई शिक्षकों ने इसे लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने वाला निर्णय बताया। उनका मानना है कि स्वास्थ्य और बीमा सुरक्षा मिलने से परिवारों का भविष्य अधिक सुरक्षित होगा और मानसिक तनाव भी कम होगा।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
प्रदेश सरकार का कहना है कि यह योजना केवल चिकित्सा सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षकों के सामाजिक और आर्थिक संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम है। सरकार का विश्वास है कि जब शिक्षक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से मुक्त रहेंगे तो वे पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ विद्यार्थियों के भविष्य के निर्माण में योगदान देंगे। इसी उद्देश्य से सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए शिक्षकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।