शामली में मुख्यमंत्री योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला

उत्तर प्रदेश के शामली में आयोजित विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल मोहम्मद अली जिन्ना की विचारधारा का समर्थन करते हैं। मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, पारदर्शी भर्ती, कांवड़ यात्रा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं।

शामली में मुख्यमंत्री योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला

दि राइजिंग न्यूज़ | शामली | 17 जुलाई 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को शामली जिले में पाँच सौ इक्यासी करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली उन्यासी विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने विकास कार्यों की चर्चा करने के साथ-साथ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल आज भी मोहम्मद अली जिन्ना की विचारधारा को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं और देश तथा समाज को विभाजित करने वाली राजनीति में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब ऐसी राजनीति को पूरी तरह पहचान चुकी है और विकास, सुरक्षा तथा सुशासन की राह पर आगे बढ़ रही है।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक जिले और प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है और विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में शामिल हो चुका है और प्रदेश की छवि निवेश, रोजगार तथा आधारभूत ढांचे के विकास के कारण लगातार मजबूत हो रही है।


कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का नाम लेते हुए कहा कि इन दलों की राजनीति हमेशा तुष्टिकरण और समाज को बांटने वाली रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल आज भी मोहम्मद अली जिन्ना की विचारधारा के उपासक बने हुए हैं और देशहित से ऊपर वोट बैंक की राजनीति को महत्व देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता अब इस प्रकार की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी क्योंकि लोगों ने विकास और सुशासन का अंतर स्वयं देखा है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब ऐसी सरकार चाहती है जो सुरक्षा, विकास और रोजगार को प्राथमिकता दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब जाति, धर्म और क्षेत्र के आधार पर भेदभाव करने की राजनीति का स्थान विकास की राजनीति ने ले लिया है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार प्रत्येक नागरिक के हित में समान रूप से कार्य कर रही है।


शामली की बदली तस्वीर का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक शामली जिले की पहचान अपराध, भय और असुरक्षा के कारण होती थी। उस समय व्यापारी, किसान और आम नागरिक भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर थे। कई परिवारों ने पलायन किया, जबकि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं बनी रहती थीं। उन्होंने कहा कि अपराधियों का इतना आतंक था कि लोग खुलकर अपनी बात तक नहीं रख पाते थे।उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार बनने के बाद अपराधियों और माफिया के विरुद्ध लगातार कठोर कार्रवाई की गई, जिसके कारण शामली की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यह जिला विकास, निवेश और बेहतर कानून-व्यवस्था का उदाहरण बन चुका है। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र के विकास को नई गति मिली है।


अपराध और माफिया के खिलाफ सरकार की नीति पर बोले मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष दो हजार पंद्रह में हुई एक चर्चित हत्या की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी और यह संकल्प लिया था कि प्रदेश में अपराधियों और माफिया के लिए कोई स्थान नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद अपराधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया गया और कानून का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की गई।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब अपराधियों को स्पष्ट संदेश मिल चुका है कि कानून तोड़ने वालों के लिए केवल जेल या कठोर दंड का रास्ता ही बचा है। उन्होंने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और आम नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी। उनके अनुसार, इसी नीति के कारण प्रदेश में अपराध की घटनाओं में कमी आई है और लोगों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है।


सरकारी नौकरियों को लेकर विपक्ष पर लगाए आरोप

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता का अभाव था। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया पर कुछ विशेष लोगों का प्रभाव रहता था, जिसके कारण योग्य और मेहनती युवाओं को अवसर नहीं मिल पाता था। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ।उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया है। अब सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल रहा है और चयन केवल योग्यता के आधार पर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार नई भर्तियां निकाल रही है तथा भविष्य में भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी।


धार्मिक आयोजनों और आस्था पर भी रखी अपनी बात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज कुछ राजनीतिक दल धार्मिक आस्था की बात करते हैं, लेकिन उनके शासनकाल में धार्मिक आयोजनों और शोभायात्राओं पर अनेक प्रकार की पाबंदियां लगाई जाती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले रामभक्तों के साथ अन्याय किया जाता था और धार्मिक कार्यक्रमों को अनुमति देने में भी भेदभाव किया जाता था।उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सभी धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी व्यवस्था करती है। प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त न किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी धर्मों का सम्मान करते हुए कानून के अनुसार कार्य करती है।


कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं से की विशेष अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कांवड़ यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु यात्रा के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं कर रही है। मार्गों की साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।उन्होंने सभी कांवड़ संघों और श्रद्धालुओं से अनुशासन बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि धार्मिक यात्रा की मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार की अराजकता या हुड़दंग धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने समाज से भी अपील की कि ऐसे तत्वों को बढ़ावा न दिया जाए जो धार्मिक आयोजनों की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते हैं।