रूस-यूक्रेन युद्ध में 4 भारतीयों की मौत!
यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए एक व्यापारिक जहाज पर हुए मिसाइल हमले में चार भारतीय नागरिकों की मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया। भारत के विदेश मंत्रालय ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। भारतीय दूतावास प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों की सहायता में जुटा हुआ है।
दि राइजिंग न्यूज़ | यूक्रेन | 21 जुलाई 2026
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच एक दुखद घटना सामने आई है। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले एक व्यापारिक जहाज पर मिसाइल हमला हुआ, जिसमें चार भारतीय नागरिकों सहित कुल दस लोगों की मृत्यु हो गई। इस घटना ने भारत समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायल भारतीय नागरिक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।विदेश मंत्रालय के अनुसार जहाज पर कुल सत्रह चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक शामिल थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार चार भारतीय नागरिकों की मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उपचाराधीन है। भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहकर आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रहा है।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा
विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि उन्नीस जुलाई की शाम ओडेसा बंदरगाह से रवाना होते समय एमवी गोल्डन लियो नामक व्यापारिक जहाज पर हमला हुआ। मंत्रालय ने कहा कि इस प्रकार निर्दोष नागरिक चालक दल को निशाना बनाना अत्यंत निंदनीय है और अंतरराष्ट्रीय मानवीय सिद्धांतों के विरुद्ध है।मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ऐसे किसी भी हमले की कड़ी निंदा करता है जिसमें व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा और नागरिकों के जीवन को खतरे में डाला जाता है। भारत ने सभी पक्षों से समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नागरिकों की रक्षा करने की अपील की है।
यूक्रेन ने लगाया रूस पर हमला करने का आरोप
यूक्रेन के अधिकारियों का दावा है कि व्यापारिक जहाज पर क्रूज मिसाइल से हमला किया गया। उनके अनुसार जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्री गलियारे से गुजर रहा था और उस पर विभिन्न देशों के नागरिक सवार थे। यूक्रेन ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है।यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने कहा कि यह एक सामान्य व्यापारिक जहाज था, जिसका उपयोग खाद्य आपूर्ति से जुड़े समुद्री मार्ग के लिए किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले वैश्विक व्यापार और मानवीय प्रयासों को भी प्रभावित करते हैं।
भारत ने रूस का नाम लिए बिना जताया विरोध
विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में किसी देश का प्रत्यक्ष नाम नहीं लिया। हालांकि भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना, निर्दोष चालक दल के सदस्यों की जान जोखिम में डालना तथा समुद्री व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा पहुंचाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।भारत ने दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। मंत्रालय ने कहा कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में भी नागरिकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
भारतीय दूतावास लगातार कर रहा सहायता
विदेश मंत्रालय के अनुसार यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। दूतावास स्थानीय प्रशासन और अस्पतालों के संपर्क में रहकर घायल भारतीय नागरिक को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। साथ ही मृतकों के पार्थिव शरीर और आवश्यक औपचारिकताओं को लेकर भी कार्रवाई जारी है।सरकार ने मृतकों के परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित परिवारों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा गया है और उन्हें सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।