भारतीय रेल पर गर्व, सरकार से बड़ी अपील: वांगचुक

सोनम वांगचुक ने दिल्ली से श्रीनगर तक वंदे भारत रेलगाड़ी में यात्रा के बाद भारतीय रेल और चिनाब रेल पुल की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें इस उपलब्धि पर गर्व है। उन्होंने परीक्षा सुधार संबंधी पहल का स्वागत किया और केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने तथा छात्रों के साथ किए गए वादों को निभाकर युवाओं के बीच विश्वास का माहौल बनाने की अपील की।

भारतीय रेल पर गर्व, सरकार से बड़ी अपील: वांगचुक

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 30 जुलाई 2026

प्रसिद्ध शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भारतीय रेल की आधुनिक उपलब्धियों की खुलकर सराहना करते हुए कहा है कि उन्हें भारतीय रेल पर गर्व है। उन्होंने विशेष रूप से दिल्ली से श्रीनगर तक संचालित वंदे भारत रेलगाड़ी और चिनाब रेल पुल का उल्लेख करते हुए इसे देश की बड़ी उपलब्धि बताया। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने और छात्रों के साथ किए गए वादों को पूरी तरह निभाने की अपील भी की है।वांगचुक ने अपने आधिकारिक सामाजिक माध्यम पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में कहा कि देश के विकास से जुड़ी ऐसी परियोजनाएं हर भारतीय के लिए गर्व का विषय हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल आधारभूत संरचना ही नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को लेकर भी सरकार को उसी गंभीरता से काम करना चाहिए। उनका कहना है कि यदि शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी तो देश का भविष्य भी अधिक सशक्त बनेगा।


भारतीय रेल की उपलब्धियों की खुलकर की सराहना

सोनम वांगचुक ने बताया कि वह दिल्ली से श्रीनगर तक वंदे भारत रेलगाड़ी में पहली बार यात्रा कर रहे थे। इस यात्रा के दौरान उन्होंने विश्व के सबसे ऊंचे रेल पुल चिनाब पुल को करीब से देखने का अवसर प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके लिए अत्यंत यादगार रहा और इस उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व होना चाहिए।उन्होंने कहा कि भारतीय रेल लगातार आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ रही है और देश के दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर ढंग से जोड़ रही है। ऐसी परियोजनाएं न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाती हैं बल्कि देश की प्रगति और तकनीकी क्षमता का भी परिचय देती हैं। वांगचुक ने कहा कि इस प्रकार के विकास कार्यों से देश की वैश्विक पहचान मजबूत होती है।


शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की जताई उम्मीद

सोनम वांगचुक ने संसद में परीक्षा सुधार से जुड़े विधेयक लाए जाने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह एक सकारात्मक शुरुआत है, लेकिन सुधार केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहने चाहिए। देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था को समय की आवश्यकता के अनुसार बदलने की जरूरत है ताकि विद्यार्थियों को बेहतर और व्यावहारिक शिक्षा मिल सके।उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास कराना नहीं बल्कि युवाओं को जीवन के लिए तैयार करना होना चाहिए। यदि शिक्षा प्रणाली में व्यापक परिवर्तन किए जाते हैं तो इससे देश के करोड़ों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा और भारत ज्ञान आधारित राष्ट्र बनने की दिशा में और तेज़ी से आगे बढ़ सकेगा।


सरकार से छात्रों के साथ किए गए वादे निभाने की अपील

वांगचुक ने कहा कि पहले उनके साथ और बाद में छात्र संगठनों के साथ जो सहमति बनी थी, उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि आंदोलन में शामिल छात्रों के विरुद्ध किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई न की जाए और उनके विरुद्ध दर्ज मामलों को आगे न बढ़ाया जाए।उन्होंने कहा कि सरकार और युवाओं के बीच विश्वास का वातावरण बनाना बेहद आवश्यक है। यदि छात्र यह महसूस करेंगे कि उनकी बात सुनी जा रही है और उनके अधिकार सुरक्षित हैं, तो वे राष्ट्र निर्माण में अधिक सकारात्मक भूमिका निभाएंगे। लोकतंत्र में संवाद और विश्वास दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।


युवाओं से मिलकर मजबूत भारत बनाने का आह्वान

सोनम वांगचुक ने कहा कि देश के युवाओं में अपार ऊर्जा और क्षमता है। सरकार को चाहिए कि वह छात्रों और युवाओं के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखे ताकि उनके मन में विश्वास कायम रहे। उन्होंने कहा कि जब सरकार और युवा मिलकर काम करेंगे तभी भारत एक मजबूत और विकसित राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ सकेगा।उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं और शिक्षा, नवाचार तथा सामाजिक जिम्मेदारियों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। उनका मानना है कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है और उन्हें सही दिशा देना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।


धरना समाप्त कर अब लौट रहे हैं लद्दाख

सोनम वांगचुक हाल ही में छात्रों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के समर्थन में आयोजित आंदोलन में शामिल हुए थे। उन्होंने लंबे समय तक अनशन भी किया था, जिसके बाद सरकार के साथ बातचीत और कुछ मांगों पर सहमति बनने के पश्चात उन्होंने अपना आंदोलन समाप्त किया। अब वह अपने गृह क्षेत्र लद्दाख लौट रहे हैं।उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं बल्कि संवाद के माध्यम से समाधान निकालना था। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सरकार जनता और युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुनेगी और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप निर्णय लेगी।


महत्वपूर्ण बिंदु

  • सोनम वांगचुक ने भारतीय रेल और चिनाब रेल पुल की खुलकर सराहना की।

  • दिल्ली से श्रीनगर तक वंदे भारत रेलगाड़ी की यात्रा को यादगार बताया।

  • परीक्षा सुधार संबंधी पहल का स्वागत किया।

  • पूरे शिक्षा तंत्र में व्यापक सुधार की आवश्यकता बताई।

  • छात्रों पर कार्रवाई न करने के पुराने आश्वासनों को निभाने की अपील की।

  • सरकार से युवाओं के बीच विश्वास का वातावरण बनाने का आग्रह किया।

  • हालिया आंदोलन समाप्त कर लद्दाख लौटने की जानकारी दी।