यूपी में बड़ा फेरबदल, लखनऊ-प्रयागराज के कमिश्नर बदले
उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों का तबादला करते हुए लखनऊ और प्रयागराज समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई नियुक्तियां की हैं। सरकार का उद्देश्य कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाना तथा प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाना बताया जा रहा है।
दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 28 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की पुलिस व्यवस्था में व्यापक बदलाव करते हुए भारतीय पुलिस सेवा के 15 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती के आदेश जारी कर दिए हैं। इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार का कहना है कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों, कानून व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशासनिक कार्यों में अधिक प्रभावशीलता लाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को वर्ष 2026 के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक माना जा रहा है।
राजधानी लखनऊ की कमान अब तरुण गाबा के हाथों में
प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब तक पुलिस आयुक्त के रूप में कार्य कर रहे अमरेन्द्र कुमार सेंगर को नई जिम्मेदारी देते हुए खुफिया विभाग और सुरक्षा विभाग की अतिरिक्त कमान सौंपी गई है। वहीं वरिष्ठ अधिकारी तरुण गाबा को लखनऊ का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है।लखनऊ प्रदेश का राजनीतिक और प्रशासनिक केंद्र माना जाता है। यहां मुख्यमंत्री कार्यालय, विधानसभा, राजभवन और कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान मौजूद हैं। ऐसे में राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था हमेशा सरकार की प्राथमिकता रहती है। नए पुलिस आयुक्त के सामने अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, संगठित अपराध पर कार्रवाई और संवेदनशील आयोजनों की सुरक्षा जैसी कई बड़ी चुनौतियां होंगी। आगामी महीनों में होने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों को देखते हुए यह नियुक्ति बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। सरकार नए नेतृत्व के माध्यम से राजधानी की पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना चाहती है।
प्रयागराज में पीयूष मोर्डिया को मिली बड़ी जिम्मेदारी
सरकार ने प्रयागराज पुलिस आयुक्तालय में भी बड़ा बदलाव करते हुए पीयूष मोर्डिया को नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया है। इससे पहले वे वाराणसी क्षेत्र में अपर पुलिस महानिदेशक के रूप में कार्यरत थे और कानून व्यवस्था के मामलों में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।प्रयागराज धार्मिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक दृष्टि से प्रदेश का बेहद महत्वपूर्ण शहर है। यहां वर्षभर धार्मिक आयोजन, प्रतियोगी परीक्षाएं और विभिन्न सरकारी कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। ऐसे में शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन को हमेशा सतर्क रहना पड़ता है।महाकुंभ और अन्य बड़े आयोजनों के अनुभव को देखते हुए प्रशासन को उम्मीद है कि नए पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी तथा अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।
गोरखपुर और वाराणसी में भी बदली गई कमान
गोरखपुर क्षेत्र में कार्यरत वरिष्ठ अधिकारी अशोक जैन को नई जिम्मेदारी देते हुए अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग का प्रमुख बनाया गया है। वहीं राम कुमार को गोरखपुर क्षेत्र का नया अपर पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है।गोरखपुर पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रमुख प्रशासनिक और राजनीतिक केंद्र माना जाता है। नेपाल सीमा से निकटता और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के कारण यहां पुलिस प्रशासन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। नए अधिकारी के सामने कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी होगी।दूसरी ओर वाराणसी क्षेत्र की कमान नवीन अरोरा को सौंपी गई है। वाराणसी देश और दुनिया के सबसे प्रमुख धार्मिक नगरों में गिना जाता है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी लगातार बनी रहती है।
कई महत्वपूर्ण विभागों में भी हुए बदलाव
राज्य सरकार ने केवल क्षेत्रीय पुलिस इकाइयों में ही नहीं बल्कि कई महत्वपूर्ण विभागों में भी नए अधिकारियों की नियुक्ति की है। भगवान श्रीवास्तव को तकनीकी सेवाओं का अपर पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। आधुनिक तकनीक आधारित पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।आनंद सुरेश राव कुलकर्णी को गृह विभाग में सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गृह विभाग राज्य की सुरक्षा और प्रशासनिक नीतियों का प्रमुख केंद्र होता है, इसलिए यह नियुक्ति भी विशेष महत्व रखती है।मोहित गुप्ता को भ्रष्टाचार निरोधक संगठन में नई जिम्मेदारी दी गई है। वहीं विनोद कुमार सिंह को विशेष जांच इकाई की कमान सौंपी गई है। सरकार का उद्देश्य विभिन्न जांच एजेंसियों की कार्यक्षमता को और अधिक प्रभावी बनाना बताया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
राज्य सरकार का मानना है कि बदलते समय में कानून व्यवस्था की चुनौतियां भी तेजी से बदल रही हैं। संगठित अपराध, साइबर अपराध, आर्थिक अपराध और संवेदनशील सामाजिक मामलों से निपटने के लिए अनुभवी अधिकारियों की आवश्यकता होती है। इसी कारण प्रशासनिक स्तर पर व्यापक फेरबदल किया गया है।सरकार का दावा है कि नए अधिकारियों के अनुभव और कार्यशैली का लाभ प्रदेश को मिलेगा। इससे अपराध नियंत्रण, खुफिया तंत्र की मजबूती और जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
जनता और प्रशासन की निगाहें नए अधिकारियों पर
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हुए इस बड़े फेरबदल के बाद अब जनता और प्रशासन दोनों की निगाहें नए अधिकारियों के कार्यकाल पर टिकी रहेंगी। लोगों को उम्मीद है कि नई नियुक्तियों से पुलिस व्यवस्था अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनेगी। अधिकारी अपने अनुभव और प्रशासनिक क्षमता का प्रभावी उपयोग करते हैं तो प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति और बेहतर हो सकती है। साथ ही अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गति भी तेज होने की संभावना है।
आने वाले महीनों में दिखेगा असर
प्रशासनिक फेरबदल का वास्तविक प्रभाव आने वाले महीनों में दिखाई देगा। नई जिम्मेदारियां संभालने वाले अधिकारियों के सामने कानून व्यवस्था को मजबूत करने, अपराध पर नियंत्रण पाने और जनता का विश्वास बढ़ाने जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां रहेंगी।फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार के इस बड़े फैसले ने प्रशासनिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। माना जा रहा है कि यह बदलाव केवल पदस्थापन नहीं बल्कि राज्य की सुरक्षा और प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा है, जिसका असर आने वाले समय में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।