झांसी में नमामि गंगे पम्प ऑपरेटर का प्रदर्शन:बोले-चार साल में पांच हजार रुपए घटा दिया गया वेतन, अब दी जा रही नौकरी से निकालने की धमकी
झांसी में नमामि गंगे योजना के तहत काम करने वाले पंप ऑपरेटरों ने मंगलवार को वेतन में कटौती और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। ऑपरेटरों का कहना है कि चार साल पहले उन्हें 13,500 रुपए महीने के वेतन पर नौकरी पर रखा गया था, लेकिन वेतन बढ़ाने के बजाय लगातार कम किया जा रहा है। अब उन्हें केवल 8 हजार रुपए वेतन देने की बात कही जा रही है। ऑपरेटरों ने कॉन्ट्रैक्टर पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए न्यूनतम मजदूरी दिलाने की मांग की। उनका यह भी आरोप है कि अधिकारियों से शिकायत करने झांसी आ रहे उनके एक साथी को रास्ते में रोककर डराया-धमकाया गया और मारपीट की गई। मंगलवार को बड़ी संख्या में पंप ऑपरेटर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। ऑपरेटरों का कहना था कि उन्हें चार साल पहले नमामि गंगे योजना के तहत पंप संचालन के काम के लिए लक्ष्य कंपनी ने 13,500 रुपए महीने के वेतन पर रखा था। उस समय कॉन्ट्रैक्टर ने भरोसा दिया था कि हर साल उनके वेतन में बढ़ोतरी की जाएगी। इसके विपरीत, कुछ समय बाद उनका वेतन बढ़ने के बजाय कम होने लगा। हर बार कम होता गया वेतन पंप ऑपरेटर वीपी सिंह ने बताया कि शुरुआती दो साल तक कंपनी उनके खाते में 13,500 रुपए वेतन भेजती रही। इसके बाद वेतन घटाकर 12 हजार रुपए कर दिया गया। फिर इसे 10 हजार रुपए कर दिया गया और अब 8 हजार रुपए ही देने की बात कही जा रही है। उनका कहना है कि चार साल तक काम करने के बाद भी उनकी आय बढ़ने के बजाय लगातार घट रही है। ऑपरेटरों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद उन्हें उम्मीद जगी थी कि उनका वेतन कम से कम 20 हजार रुपए तक हो सकता है। लेकिन उनकी मौजूदा स्थिति यह है कि उन्हें 8 हजार रुपए वेतन देने की बात कही जा रही है। इससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। 12 घंटे ड्यूटी, सुविधाएं भी नहीं प्रदर्शन कर रहे ऑपरेटरों का आरोप है कि उनसे 12 घंटे तक ड्यूटी कराई जाती है, लेकिन काम के हिसाब से वेतन नहीं दिया जा रहा। उन्हें जरूरी सुविधाएं और सुरक्षा भी नहीं मिल रही हैं। जब वे कॉन्ट्रैक्टर से वेतन बढ़ाने की बात करते हैं तो नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। ऑपरेटरों ने मांग की कि उन्हें न्यूनतम मजदूरी के अनुसार वेतन दिया जाए और काम के दौरान जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। पुलिस ने खत्म कराया धरना जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ऑपरेटरों से बातचीत की। इस दौरान ऑपरेटरों ने आरोप लगाया कि जब वे अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों से शिकायत करने झांसी आ रहे थे, तभी कंपनी से जुड़े लोगों ने उनके एक साथी को रास्ते में रोककर डराया-धमकाया। उन्होंने साथी के साथ मारपीट किए जाने का आरोप भी लगाया। पुलिस ने ऑपरेटरों को संबंधित घटनास्थल पर जाकर शिकायत करने की सलाह दी। इसके बाद धरना समाप्त करा दिया गया।
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