जीवित बुजुर्ग को कागजों में मृत दिखाया, पेंशन रोकी:पीलीभीत में ग्राम विकास अधिकारी निलंबित, लापरवाही से बंद हुई थी वृद्धावस्था पेंशन
पीलीभीत जिले में सरकारी कामकाज में लापरवाही का मामला सामने आया है। मरौरी विकास खंड की ग्राम पंचायत पुरवा भूड़ा में पेंशन सत्यापन के दौरान एक जीवित बुजुर्ग को सरकारी दस्तावेजों में मृत दर्शा दिया गया। इसके बाद उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से किए जाने के बाद जांच हुई, जिसमें बुजुर्ग के जीवित होने की पुष्टि हुई। लापरवाही के आरोप में जिलाधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया है। गांव के बीरबल पुत्र दुलीराम वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी हैं। उन्होंने जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी आलोक कुमार को शिकायत देकर बताया कि उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्शाकर पेंशन रोक दी गई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने मामले की जांच के निर्देश दिए। सत्यापन में ग्राम विकास अधिकारी ने बताया था मृत डीएम के निर्देश पर हुई जांच में सामने आया कि ग्राम विकास अधिकारी पवन पटेल ने पंचायत सहायक और प्रधान पुत्र से मिली जानकारी के आधार पर बीरबल को मृत दर्शाया था। इसी आधार पर पेंशन संबंधी रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया, जिसके बाद उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई। दोबारा जांच में जीवित मिले बीरबल, पेंशन बहाल मामला सामने आने के बाद ग्राम पंचायत स्तर पर दोबारा सत्यापन कराया गया। इसमें बीरबल के जीवित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद उनकी रुकी हुई वृद्धावस्था पेंशन दोबारा शुरू करा दी गई। पेंशन बहाल होने से बुजुर्ग को राहत मिली। लापरवाही पर ग्राम विकास अधिकारी निलंबित जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि सरकारी कार्य में लापरवाही बरतने के कारण ग्राम विकास अधिकारी पवन पटेल को निलंबित किया गया है। प्रशासन की जांच में बीरबल के जीवित होने की पुष्टि के बाद पेंशन भी बहाल करा दी गई है।
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