जज ने सजा से पहले मनुस्मृति-आत्रेय संहिता के श्लोक पढ़े:मेरठ सांपकांड में कहा- दोनों ने आत्माओं के टुकड़े किए, 131 पन्नों का जजमेंट

Oct 16, 2026 - 18:09
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जज ने सजा से पहले मनुस्मृति-आत्रेय संहिता के श्लोक पढ़े:मेरठ सांपकांड में कहा- दोनों ने आत्माओं के टुकड़े किए, 131 पन्नों का जजमेंट
पति की हत्या कर सांप से डसवाने वाली रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाने से पहले कोर्ट में अदालत में दो प्राचीन श्लोकों के अर्थ पढ़े गए। एक श्लोक मनुस्मृति का है, जिसमें दंड के भय को समाज में व्यवस्था बनाए रखने का आधार बताया गया है। दूसरा आत्रेय संहिता का है, जिसमें न्याय व्यवस्था के 5 गुण बताए गए हैं। एडीजे-12 जयवीर सिंह नागर की अदालत ने इन श्लोकों को 131 पन्नों के फैसले में भी शामिल किया। फैसले में अपराध की गंभीरता, पति-पत्नी के रिश्ते में विश्वास और हत्या को छिपाने के लिए रची गई साजिश का जिक्र किया गया। अदालत ने रविता और अमरदीप को मृत्युदंड सुनाया। पढ़िए वो दोनों श्लोक, जिनसे सुनवाई की शुरुआत हुई मनुस्मृति- अध्याय-7 (राजधर्म) 22 वां श्लोक- सर्वो दण्डजितो लोको दुर्लभो हि शुचिर्नरः। दण्डस्य हि भयात् सर्वं जगद् भोगाय कल्पते। अर्थ- दण्ड के भय से ही यह सम्पूर्ण जगत नियंत्रण में रहता है, यदि दण्ड न हो तो दुष्ट व्यक्ति सज्जनों को खा जाएंगे। आत्रेय संहिता का श्लोक-26 दुष्टस्य दण्डः सुजनस्य पूजा न्यायेन कोशस्य च सम्प्रवृद्धिः। अपक्षपातोऽर्थिषु राष्ट्ररक्षा पञ्चैव यज्ञाः कथिता नृपाणामः॥ अर्थ- दुष्टों को दंड देना, सज्जन पुरुषों का सम्मान करना, न्यायपूर्वक नीति से राज्य के सम्मान में वृद्धि करना, न्याय मांगने आए लोगों के साथ बिना किसी पक्षपात के निष्पक्ष व्यवहार करना और अपने राष्ट्र की रक्षा करना– ये ही न्याय व्यवस्था के पांच मुख्य गुण माने गए हैं। मृतक अमित की मां बोली-आत्मा को शांति मिल गई 131 पन्नों के फैसले में दूसरे मामलों का भी जिक्र किया अदालत के फैसले में मेरठ के दामिनी-अतुल पंवार और इल्मा-तालिब मामलों का भी उल्लेख किया गया। दामिनी और अतुल पंवार का मामला भी पति की हत्या को सांप के डसने से हुई मौत दिखाने की साजिश से जुड़ा था। ये घटना जुलाई 2026 में हस्तिनापुर क्षेत्र की है। पुलिस के मुताबिक, दामिनी ने अपने प्रेमी तुषार उर्फ निक्की और दो सपेरों के साथ मिलकर अतुल की हत्या की योजना बनाई थी। इल्मा और तालिब का मामला पति की हत्या को हार्ट अटैक से हुई मौत बताकर छिपाने के आरोप से जुड़ा है। तालिब की पत्नी इल्मा पर उसके प्रेमी अमन के साथ मिलकर हत्या करने का आरोप लगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई की। 28 सितंबर 2026 को तालिब की मौत हुई थी। नीला ड्रम केस के पीड़ित पक्ष भी पहुंचे नीला ड्रम केस में मृतक सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी और भाई बबलू भी कोर्ट पहुंचे। रेनू देवी ने कहा कि हम मृतक के परिवार के साथ हैं और उन्हें सपोर्ट करने आए हैं। जैसे हमारे वाले मामले में मुस्कान को फांसी की सजा मिली है, ठीक उसी तरह इस केस में भी आरोपी (रविता) को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। बबलू ने कहा कि जैसे हमारा केस था, वैसे ही यह रविता वाला केस है। रविता ने जिसको मारा है, हम उसके परिवार को सपोर्ट करने आए हैं। जैसे हमारे केस में मुस्कान ने पूरी प्लानिंग करके हत्या की थी, वैसे ही रविता ने भी प्लानिंग करके मारा है। इसलिए हम चाहते हैं कि उसे भी फांसी की सजा हो।

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