जलभराव के बाद घरों में आ रहा गंदा पानी:मकड़ीखेड़ा समेत कई इलाकों में समस्या, लोग बोले सांसद-विधायक नकारा
कानपुर के मकड़ीखेड़ा, गुप्ता कॉलोनी, सरस्वती बिहार और बालाजीपुरम में बारिश का पानी अब सिर्फ सड़कों पर नहीं बल्कि ग्राउंड वाटर को प्रदूषित कर रहा है। डेढ़ महीने से जलभराव की मार झेल रहे इन इलाकों में सबसे बड़ा संकट पीने के पानी का खड़ा हो गया है। घरों में लगे सबमर्सिबल पंप से गंदा और बदबूदार पानी निकल रहा है। पानी इतना खराब है कि लोग उसे पीने की बात तो दूर, इस्तेमाल करने से भी बच रहे हैं। मजबूरी में बाहर से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं। देखें तस्वीरें… क्षेत्र में पाइप लाइन नहीं क्षेत्र में जलकल की पाइपलाइन नहीं है। अधिकांश घरों की पानी की जरूरत बोरिंग और सबमर्सिबल से पूरी होती है। लोगों का कहना है कि बारिश के बाद आसपास का पानी जमीन में जाने से बोरिंग का पानी भी दूषित हो गया है। एक तरफ घरों के बाहर जलभराव है तो दूसरी तरफ नलों में साफ पानी नहीं आ रहा। यानी बारिश का पानी भी मुसीबत और जमीन का पानी भी। कोई नेता देखने तक नहीं आया लंबे समय से समस्या झेल रहे लोगों में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी गुस्सा है। प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा, सांसद, विधायक सब नकारा हैं। कोई नेता यहां देखने तक नहीं आया। पार्षद का तो पता ही नहीं है। वह लाइट तक ठीक नहीं करा पाता तो पानी की समस्या क्या दूर करेगा।” लोगों का कहना है कि चुनाव के समय दिखाई देने वाले जनप्रतिनिधि अब जलभराव और दूषित पानी के बीच नजर नहीं आ रहे हैं। डेढ़ महीने से पानी की समस्या, दूसरे घरों से भर रहे पानी बालाजीपुरम निवासी देवेश तिवारी ने बताया कि करीब डेढ़ महीने से पानी की समस्या बनी हुई है। घर में आने वाला पानी पीने लायक नहीं है। ऐसे में दूसरे लोगों के घरों से पानी लेकर काम चलाना पड़ रहा है। मकड़ीखेड़ा निवासी रामकेवल यादव ने बताया कि जलभराव के साथ बोरिंग का पानी भी गंदा आ रहा है। बाहर से पानी लाकर इस्तेमाल करना पड़ रहा है। घर के बाहर पानी, नल में बदबूदार पानी रामकुमार ने बताया कि उनके घर के बाहर अभी तक बरसात का पानी जमा है। सबमर्सिबल से आने वाला पानी बेहद गंदा और बदबूदार है। इससे बीमारी फैलने का डर बना हुआ है। इलाके के कई खाली प्लॉट भी पानी से लबालब हैं। सड़क पर जमा पानी के बीच से ही लोगों को आवागमन करना पड़ रहा है। पानी में सांप, मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा जलभराव के कारण मक्खी-मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। गीता देवी ने बताया कि पानी में अक्सर सांप दिखाई देते हैं। इससे बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को घर से बाहर निकलने में डर लगता है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से जमा पानी अब बीमारी के साथ जहरीले जीवों का भी खतरा बढ़ा रहा है। कब मिलेगा साफ पानी और जलभराव से निजात इलाके के लोगों की परेशानी दोहरी है। घरों के बाहर जलभराव खत्म नहीं हो रहा और बोरिंग से साफ पानी नहीं मिल रहा। जलकल की लाइन नहीं होने से लोग पूरी तरह सबमर्सिबल पर निर्भर हैं। ऐसे में दूषित भूजल ने संकट और बढ़ा दिया है। लोगों ने मांग की है कि पहले जलभराव हटाया जाए, बोरिंग के पानी की जांच कराई जाए और पीने के लिए तत्काल साफ पानी उपलब्ध कराया जाए।
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