कॉलेज में 100 से ज्यादा छात्र-छात्राओं का धरना:कानपुर मेडिकल में प्राचार्य पर मारपीट का आरोप, प्रशासन ने बताया रैगिंग का मामला
कानपुर में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में बुधवार को उस वक्त हंगामा शुरू हो गया, जब करीब 100 से ज्यादा मेडिकल छात्र-छात्राएं अपना सामान लेकर कॉलेज के मुख्य गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। छात्र-छात्राओं ने प्राचार्य डॉ. अम्बरीश गुप्ता के खिलाफ नारेबाजी की और कॉलेज से बाहर निकलने वाली गाड़ियों को रोक दिया। छात्र-छात्राओं का आरोप है कि बुधवार सुबह करीब 10 बजे प्राचार्य ने सभी को एक कमरे में मीटिंग के लिए बुलाया था। आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद प्राचार्य ने छात्रों के साथ मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने और वहां से निकलने की कोशिश करने पर गार्डों से पिटवाने और पुलिस बुलाकर गिरफ्तार कराने की धमकी भी दी गई। छात्रों का कहना है कि इसी व्यवहार से नाराज होकर उन्होंने ये फैसला लिया और अपना सामान, किताबें व कपड़े लेकर मुख्य गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहा। छात्र-छात्राओं ने कॉलेज से निकलने वाली गाड़ियों को भी रोक दिया। उन्हें आशंका थी कि कहीं प्राचार्य गाड़ी में बैठकर बाहर न निकल जाएं। उधर, तेज धूप में बैठे छात्र-छात्राएं छाता और अपने डॉक्टर कोट की मदद से धूप से बचने की कोशिश करते नजर आए। धरने के करीब तीन घंटे बाद भी छात्र-छात्राएं अपनी मांगों पर अड़े रहे। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से उन्हें समझाने और धरना समाप्त कराने का प्रयास किया गया, लेकिन छात्र मानने को तैयार नहीं हुए। फिलहाल, प्राचार्य पर लगाए गए आरोपों को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है कॉलेज प्रशासन की माने तो पूरा मामला रैगिंग से जुड़ा है कॉलेज प्रशासन का कहना कि इन छात्रों ने अपने जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग की जिसपर प्राचार्य द्वारा समझाया गया था। लेकिन उसके बाद भी सुधार नहीं हुआ जिसके बाद प्राचार्य अम्बरीश गुप्ता में छात्रों को 10 दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया और घर जाने के लिए कह दिया जिसके बाद छात्र धरने पर बैठ गए उनके समर्थन में छात्राएं भी आ गईं
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