कमरे में बंद कर पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप:11 दिन बाद महिला की मौत, बच्चे बचाने की पिता से गुहार लगाते रहे
जालौन में 24 सितंबर को आग से गंभीर रूप से झुलसी रामश्री (31) की 11 दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि महिला को कमरे में बंद कर पेट्रोल डालकर आग लगाई गई थी। गंभीर हालत में उसका उरई, झांसी और कानपुर के अस्पतालों में इलाज चला। सोमवार दोपहर कानपुर से सैफई ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। सैफई पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामला आटा थाना क्षेत्र के परासन गांव के मजरा मोहरदेवी का है। घर से धुआं उठने पर पहुंचे थे आसपास के लोग हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के पडुई गांव निवासी सत्यनारायण ने बताया कि उनकी बहन रामश्री की शादी परासन गांव के मजरा मोहरदेवी निवासी अजय के साथ हुई थी। 24 सितंबर की रात घर से अचानक धुआं उठता देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कमरे के अंदर रामश्री गंभीर रूप से झुलसी मिली। लोगों ने उसे बाहर निकाला और मेडिकल कॉलेज उरई पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे झांसी रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे कानपुर ले गए, जहां कई दिनों तक उसका इलाज चला। होश आने पर वीडियो में बताई आपबीती परिजनों के मुताबिक, इलाज के दौरान होश में आने पर रामश्री ने घटना को लेकर एक वीडियो बनाया। इसमें उसने आरोप लगाया कि उसे कमरे में बंद कर पेट्रोल डालकर आग लगाई गई। रामश्री के मुताबिक, घटना के दौरान उसके बच्चे बाहर से अपनी मां को बचाने के लिए पिता से गुहार लगाते रहे। महिला का यह वीडियो सामने आने के बाद मायके पक्ष ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। सैफई ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम कानपुर में इलाज के दौरान हालत बिगड़ने पर रामश्री को सैफई ले जाया जा रहा था। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। सैफई पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही मायके पक्ष में कोहराम मच गया। आटा थाना प्रभारी निरीक्षक अभिलाष मिश्रा ने बताया कि अभी तक परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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