लखनऊ के रामोत्सव में भक्ति और पराक्रम की कथा जीवंत:शबरी से भेंट, हनुमान-सुग्रीव मुलाकात और बाली वध का मंचन
लखनऊ के ऐशबाग रामलीला मैदान में शनिवार को रामोत्सव 2026 में भक्ति, मित्रता और पराक्रम की कथा मंच पर जीवंत हुई। सीता की खोज से शुरू हुए मंचन में राम-लक्ष्मण की शबरी से भेंट, हनुमान-सुग्रीव से मुलाकात और बाली वध का प्रसंग दर्शाया गया। सीता की तलाश में राम और लक्ष्मण शबरी के आश्रम पहुंचे। शबरी ऋषि मतंग से ज्ञान प्राप्त कर वर्षों से राम की प्रतीक्षा कर रही थीं। राम को सामने देखकर उनकी भक्ति उमड़ पड़ी। उन्होंने प्रेम से बेर खिलाए। राम ने भी उनके प्रेम को स्वीकार करते हुए बेर खाए। शबरी ने राम को सुग्रीव और हनुमान से मिलने का सुझाव दिया। इसके बाद राम आगे बढ़े। उनकी मुलाकात हनुमान से हुई। हनुमान उन्हें सुग्रीव के पास लेकर पहुंचे। राम ने सुग्रीव को अपना मित्र बनाया सुग्रीव ने राम को बताया कि उनके भाई बाली ने उन्हें राज्य और पत्नी से बेदखल कर दिया है। वह ऋष्यमूक पर्वत पर शरण लेकर रह रहे थे। राम ने सुग्रीव को अपना मित्र बनाया और उनकी सहायता का भरोसा दिया। इसके बाद बाली वध का प्रसंग मंच पर आया। राम के हाथों बाली का वध हुआ। मृत्यु शैया पर बाली ने अपने पुत्र अंगद को राम की शरण में रहने की सीख दी। स्थानीय कलाकारों की नृत्य प्रस्तुतियों ने बांधा समां रामलीला से पहले स्थानीय कलाकारों ने विभिन्न नृत्य प्रस्तुत किए। रंगारंग कार्यक्रम ने दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। ऐशबाग रामलीला समिति के अध्यक्ष हरिशचन्द्र अग्रवाल ने बताया कि रविवार को अशोक वाटिका में सीता-रावण संवाद से लंका दहन तक की कथा का मंचन होगा। मंच पर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार दृश्य भी लगातार दिखाए जाएंगे।
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