लखनऊ में बॉन्डेड डॉक्टरों का जोरदार प्रदर्शन:पुलिस बस के आगे डटकर खड़ी हुई प्रदर्शनकारी डॉक्टर , समान वेतन कि लंबे समय से कर रहे हैं मांग
लखनऊ में मंगलवार को बॉन्डेड डॉक्टरों ने गांधी प्रतिमा पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी डॉक्टर को जब हिरासत में लिया जा रहा था इस दौरान दिल्ली जैसा नजारा देखने को मिला। जब प्रदर्शनकारियों को ले जा रही बस के सामने महिला डॉक्टर डट के खड़ी हो गई उत्तर प्रदेश के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों से साल 2018, 2019 और 2020 बैच के बॉन्डेड MBBS डॉक्टरों ने वेतन असमानता के खिलाफ विरोध किया। डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि समान डिग्री, समान बॉन्ड और समान सेवा दायित्व होने के बावजूद उन्हें अलग-अलग वेतन दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से वेतन में समानता लागू करने और लंबित एरियर का भुगतान करने की मांग की। 50 से 55 हजार मिल रहा है वेतन डॉक्टरों के मुताबिक बॉन्ड सेवा के तहत उन्हें दो वर्ष की अनिवार्य सेवा या 10 लाख रुपए के बॉन्ड की बाध्यता के तहत ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के CHC, PHC समेत अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं देनी पड़ती हैं। इसके बदले उन्हें करीब 50 से 55 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। डिप्टी सीएम पर वादा पूरा न करने का आरोप वहीं, डॉक्टरों का दावा है कि इसी MBBS डिग्री, समान बॉन्ड, काउंसलिंग और प्रक्रिया के तहत सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में बॉन्ड सेवा कर रहे डॉक्टरों को करीब 1.10 लाख रुपए प्रतिमाह तक पारिश्रमिक मिल रहा है। डॉक्टरों ने इसे वेतन में गंभीर असमानता बताते हुए समान वेतनमान लागू करने की मांग की। उन्होंने बताया कि किसी गांधी प्रतिमा पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने आकर मुलाकात किया था। 24 घंटे के भीतर मांगे पूरी होने और शासनादेश जारी करने का वादा किया था मगर अभी तक नहीं हुआ। यह बहुत अफसोस की बात है कि डिप्टी सीएम अपना वादा भूल गए।
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