एलपीजी गैस धोखाधड़ी का नया जाल: ओटीपी और डीएसी के नाम पर लोगों को ठग रहे साइबर अपराधी

देशभर में एलपीजी गैस उपभोक्ताओं को निशाना बनाकर साइबर ठग ओटीपी और डिलीवरी प्रमाणीकरण अंक के जरिए धोखाधड़ी कर रहे हैं। जालसाज गैस एजेंसी कर्मचारी बनकर लोगों को गैस कनेक्शन बंद होने का डर दिखाते हैं और निजी जानकारी हासिल कर लेते हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने ग्राहकों को सतर्क रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी साझा न करने की सलाह दी है।

एलपीजी गैस धोखाधड़ी का नया जाल: ओटीपी और डीएसी के नाम पर लोगों को ठग रहे साइबर अपराधी

दि राइजिंग न्यूज डेस्क |  15 मई 2026 

गैस कनेक्शन बंद होने के डर से लोगों को बनाया जा रहा निशाना

देशभर में एलपीजी गैस उपभोक्ताओं को निशाना बनाकर नया साइबर धोखाधड़ी गिरोह सक्रिय हो गया है। जालसाज खुद को गैस एजेंसी का कर्मचारी या डिलीवरी प्रतिनिधि बताकर लोगों को फोन और संदेश भेज रहे हैं।इन ठगों द्वारा ग्राहकों को डराया जा रहा है कि अगर उन्होंने तुरंत जानकारी साझा नहीं की तो उनका गैस कनेक्शन बंद कर दिया जाएगा। इसी डर का फायदा उठाकर लोगों से ओटीपी और डिलीवरी प्रमाणीकरण अंक मांगे जा रहे हैं।तेल कंपनियों ने स्पष्ट कहा है कि ग्राहक किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी बिल्कुल साझा न करें। थोड़ी सी लापरवाही लोगों के बैंक खाते और निजी जानकारी दोनों को खतरे में डाल सकती है।

कैसे काम कर रहे हैं साइबर ठग

साइबर अपराधी सबसे पहले ग्राहकों को नकली संदेश भेजते हैं, जो बिल्कुल असली गैस कंपनी के संदेश जैसे दिखाई देते हैं। इन संदेशों में लिखा होता है कि गैस बुकिंग सत्यापित करनी है या फिर केवाईसी अपडेट नहीं होने पर कनेक्शन बंद हो सकता है।इसके बाद ठग ग्राहक को फोन करते हैं और खुद को गैस एजेंसी अधिकारी बताते हैं। बातचीत के दौरान वे ग्राहक पर दबाव बनाते हैं और जल्दी जानकारी देने के लिए डर का माहौल तैयार करते हैं।जैसे ही ग्राहक ओटीपी या डीएसी साझा करता है, उसी समय साइबर अपराधी उसके खाते या निजी विवरण तक पहुंच बना लेते हैं। कई मामलों में लोगों के बैंक खातों से पैसे भी गायब हो चुके हैं।

तेल कंपनियों ने जारी की सख्त चेतावनी

सरकारी तेल कंपनियों ने ग्राहकों को इस बढ़ते धोखाधड़ी नेटवर्क से सावधान रहने की सलाह दी है। कंपनियों ने कहा है कि उनके कर्मचारी कभी भी फोन, संदेश या किसी लिंक के जरिए ओटीपी नहीं मांगते हैं।हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने साफ कहा है कि आधिकारिक संदेश केवल निर्धारित नाम से ही भेजे जाते हैं और उनमें मौजूद ओटीपी का उपयोग सिर्फ गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय किया जाता है।इसी तरह इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम ने भी ग्राहकों से अपील की है कि डिलीवरी प्रमाणीकरण अंक केवल उसी समय साझा करें जब गैस सिलेंडर आपके घर तक पहुंच जाए।

अनजान संदेश और लिंक से रहें सावधान

साइबर ठग अब व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से भी लोगों को फर्जी लिंक भेज रहे हैं। इन लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल की निजी जानकारी चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है।कई लोग जल्दबाजी या डर में आकर इन संदेशों पर भरोसा कर लेते हैं, जिससे वे ठगी का शिकार बन जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी पूरी जांच जरूर करनी चाहिए।अगर कोई व्यक्ति खुद को गैस एजेंसी अधिकारी बताकर बैंक जानकारी, आधार संख्या या ओटीपी मांगता है, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए।

सिर्फ आधिकारिक माध्यमों का करें उपयोग

तेल कंपनियों ने गैस उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि सिलेंडर बुकिंग और जानकारी अपडेट करने के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों का ही इस्तेमाल करें।ग्राहकों को केवल अधिकृत मोबाइल अनुप्रयोग और आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करना चाहिए। इससे धोखाधड़ी की संभावना काफी कम हो जाती है।इसके अलावा समय-समय पर गैस एजेंसी से सीधे संपर्क करके जानकारी की पुष्टि करना भी जरूरी बताया गया है।

ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

यदि किसी व्यक्ति ने गलती से ओटीपी साझा कर दिया है या उसके साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी हो गई है, तो उसे तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी अधिक रहेगी।साथ ही नजदीकी पुलिस थाने और बैंक को तुरंत सूचना देना भी जरूरी है ताकि खाते को सुरक्षित किया जा सके और आगे होने वाले नुकसान को रोका जा सके।

लोगों को जागरूक रहने की जरूरत

बढ़ते साइबर अपराधों के बीच अब लोगों को डिजिटल सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। छोटी सी गलती बड़ी आर्थिक परेशानी में बदल सकती है। जागरूकता ही इस तरह की धोखाधड़ी से बचने का सबसे बड़ा हथियार है। इसलिए हर व्यक्ति को यह समझना होगा कि कोई भी सरकारी या निजी संस्था फोन पर गोपनीय जानकारी नहीं मांगती।सावधानी और सतर्कता अपनाकर ही लोग इस नए एलपीजी गैस धोखाधड़ी जाल से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।