मेरठ के अजंता हॉस्पिटल में गर्भवती की मौत:तोड़फोड़-हंगामा, परिजन बोले- ऑपरेशन में नस कटी;11 यूनिट ब्लड के बाद भी जान नहीं बची
मेरठ के गढ़ रोड स्थित अजंता हॉस्पिटल में गर्भवती महिला की मौत के बाद मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान नस कटने से महिला का खून बहना बंद नहीं हुआ। उसे बचाने के लिए 11 यूनिट ब्लड और प्लाज्मा की व्यवस्था कराई गई, लेकिन जान नहीं बच सकी। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद मेडिकल नौचंदी लिसाड़ी गेट पुलिस मौके पर पहुची अधिकारियों के आश्वासन के आश्वासन पर परिजन शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने को राजी हुए। पति ने दो डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ के खिलाफ तहरीर दी है। डिलीवरी के लिए कराया था भर्ती मुंडाली थाना क्षेत्र के मुरलीपुर निवासी बृजनंदन किशोर गांव में मेडिकल स्टोर चलाते हैं। उनकी शादी करीब पांच साल पहले रोहटा क्षेत्र के लखवाया गांव निवासी राधा से हुई थी। दंपती के एक बेटा और एक बेटी हैं। राधा गर्भवती थीं। परिजनों के मुताबिक, 12 अक्टूबर को सुबह करीब 10:30 बजे उन्हें गढ़ रोड स्थित अजंता मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन से डिलीवरी कराने की सलाह दी। परिवार की सहमति के बाद उपचार शुरू किया गया। ब्लड-प्लाज्मा की व्यवस्था कराई, हालत बिगड़ती रही पति की ओर से दी गई शिकायत के मुताबिक, 13 अक्टूबर की सुबह करीब 10 बजे अस्पताल की तरफ से ब्लड और प्लाज्मा की व्यवस्था करने को कहा गया। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार राधा की हालत जानने की कोशिश की, लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। परिवार का दावा है कि ऑपरेशन के दौरान नस कटने से लगातार खून बहता रहा। महिला की हालत बिगड़ने पर 11 यूनिट ब्लड और प्लाज्मा की व्यवस्था कराई गई, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। हालांकि उसने ऑपरेशन के दौरान एक बच्ची को जन्म दिया जो की स्वस्थ है सीपीआर देते मिला स्टाफ, कुछ देर बाद मौत की सूचना शिकायत के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब दो बजे परिजन राधा को देखने पहुंचे तो अस्पताल का स्टाफ उसे सीपीआर दे रहा था। कुछ देर बाद डॉक्टरों ने महिला की मौत की जानकारी दी। यह सुनते ही परिजन भड़क गए। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। गुस्साए लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ भी की।
तीन थानों की फोर्स पहुंची, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन सूचना पर मेडिकल थाना पुलिस पहुंची। हालात को देखते हुए नौचंदी और लिसाड़ी गेट थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया। परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे और शव उठाने से इनकार कर दिया। करीब तीन घंटे बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर वे शांत हुए। पति ने डॉक्टर गुरुचरण, डॉ. हिमांशु और अस्पताल स्टाफ के खिलाफ तहरीर दी है। सीओ सिविल लाइन दीक्षा भोरिया का कहना है कि महिला के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर जांच की जाएगी। सीओ ने बताया, जांच की जा रही है सीओ सिविल लाइन दीक्षा भोरिया ने बयान जारी कर बताया कि, मेडिकल क्षेत्र में स्थित अजंता हॉस्पिटल में एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए विरोध जताया था। परिवार ने पुलिस को तहरीर भी दी है। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है
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