महिला मोर्चा में भाजपा का चौंकाने वाला दांव:अलीगढ़ में शिक्षाविद् डॉ. आरती मित्तल को महानगर महिला मोर्चा की कमान, पिता-दादा रहे संघ और भाजपा में सक्रिय
56 साल की उम्र में पीएचडी, प्ले स्कूल से सीबीएसई के कक्षा 12 तक के स्कूल का सफर और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे प्रयोगों से पहचान बनाने वालीं डॉ. आरती मित्तल अब भाजपा की राजनीति में नई जिम्मेदारी संभालेंगी। पार्टी के प्रदेश संगठन ने रविवार को उन्हें अलीगढ़ महानगर महिला मोर्चा का अध्यक्ष घोषित किया। यह नियुक्ति इसलिए चर्चा में है, क्योंकि आरती की पहचान अब तक मुख्य रूप से शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता की रही है। हालांकि, भाजपा से उनका पारिवारिक नाता पुराना है। उनके पिता और दादा संघ व भाजपा में सक्रिय रहे हैं।
भाजपा ने इससे पहले जिला महिला मोर्चा अध्यक्षों की सूची जारी की थी, जिसमें अलीगढ़ जिले की जिम्मेदारी सरिता माहेश्वरी को सौंपी गई थी। उस समय महानगर अध्यक्ष का नाम घोषित नहीं हुआ था। रविवार को प्रदेश संगठन ने आरती मित्तल के नाम पर मुहर लगाकर इस पद पर नियुक्ति कर दी। संगठन में उनकी तैनाती को शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता के साथ पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
परिवार की विरासत, अब खुद संभालेंगी संगठन
डॉ. आरती मित्तल ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से संघ और भाजपा से जुड़ा रहा है। उनके पिता और दादा दोनों संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे। वह भी भाजपा की समर्थक रही हैं और समय-समय पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी करती रही हैं। अब संगठन ने औपचारिक जिम्मेदारी सौंपी है तो वह इसे पूरी निष्ठा से निभाएंगी। आरती के मुताबिक, प्रदेश में पिछले दस वर्षों के दौरान विकास, महिला उत्थान और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए कामों से वह प्रभावित हैं। महिला मोर्चा के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को पार्टी से जोड़ना और सरकार व संगठन के कार्यों को उन तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
शिक्षा से पर्यावरण तक बनाई पहचान
आरती मित्तल ने वर्ष 2000 में मदर्स टच प्ले स्कूल की शुरुआत की थी। लगातार प्रयासों से यह संस्थान सीबीएसई से संबद्ध कक्षा 12 तक के मदर्स टच सीनियर सेकेंडरी स्कूल के रूप में विकसित हुआ। शिक्षा के साथ उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को भी अपने काम का हिस्सा बनाया। स्कूल में जीरो वेस्ट की पहल, कंपोस्टिंग और करीब चार हजार प्लास्टिक बोतलों से गार्ड रूम तैयार कराने जैसे प्रयोग किए। इन प्रयासों के चलते उन्हें नगर निगम के स्वच्छ भारत मिशन का ब्रांड एंबेसडर भी बनाया गया।
सीखने की ललक ऐसी रही कि 56 वर्ष की उम्र में पर्यावरण शिक्षा में पीएचडी पूरी की। लेखन और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता रही है। गीत-भजन लिखने के साथ उन्होंने पर्यावरण, भारतीय परंपरा और जीवन मूल्यों से जुड़े विषयों पर पुस्तकें लिखीं।
अब उनके सामने शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में बनी पहचान को संगठनात्मक जिम्मेदारी में बदलने की चुनौती है। महिला मोर्चा के जरिए महिलाओं के बीच भाजपा की पहुंच बढ़ाना और उन्हें संगठन से जोड़ना उनके नए कार्यकाल की अहम कसौटी होगी।
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