मिर्जापुर में पुलिस बनी बुजुर्गों-दिव्यांग भक्तों का सहारा:विंध्याचल में श्रद्धालुओं को हाथ थामकर करा रहे दर्शन
आमतौर पर कानून-व्यवस्था संभालने और अपराधियों पर सख्ती दिखाने वाली पुलिस का एक मानवीय चेहरा शारदीय नवरात्र विंध्याचल मेले में देखने को मिल रहा है। हाथों में लाठी लेकर भीड़ को नियंत्रित करने वाले पुलिसकर्मी यहां बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं का सहारा बन रहे हैं। कोई वृद्ध का हाथ थामकर उन्हें आगे बढ़ा रहा है तो कोई असहाय श्रद्धालु को भीड़ से निकालकर दर्शन के लिए रास्ता दे रहा है। मां के दरबार में पहुंचने की चाह रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए खाकी की यह मदद राहत और भरोसे का कारण बन रही है। विंध्याचल में शुक्रवार को शारदीय नवरात्र मेले के षष्ठी पर्व पर मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही। मां विंध्यवासिनी धाम के साथ मां कालीखोह और मां अष्टभुजा मंदिर में भी देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचे। भीड़ के बीच वृद्ध, दिव्यांग और असहाय लोगों के लिए मंदिर तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी उनकी मदद करते नजर आए। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में तैनात पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कराते हुए विनम्रता के साथ दर्शन करा रहे हैं। बुजुर्गों और दिव्यांगों को विशेष प्राथमिकता देते हुए उन्हें सहारा दिया जा रहा है, ताकि उन्हें धक्का-मुक्की और अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी अतिरिक्त तैनाती की गई है। वे महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों की सहायता कर रही हैं। पुलिसकर्मियों का प्रयास है कि आस्था के इस पर्व पर किसी श्रद्धालु को केवल शारीरिक असमर्थता या अधिक भीड़ के कारण दर्शन में कठिनाई न हो। नवरात्र मेले में पुलिस की जिम्मेदारी केवल भीड़ नियंत्रित करने तक सीमित नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ जरूरतमंद श्रद्धालुओं की मदद करना भी उसकी ड्यूटी का हिस्सा है। बुजुर्गों का हाथ थामती और दिव्यांगों को रास्ता दिखाती खाकी यह संदेश दे रही है कि वर्दी की पहचान सिर्फ सख्ती नहीं, बल्कि सेवा और संवेदनशीलता भी है। मां के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को सहयोग देकर पुलिसकर्मी सुरक्षा के साथ मानवीयता की मिसाल पेश कर रहे हैं।
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