मोदी मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल? दो मंत्रियों को राज्यसभा टिकट नहीं

भाजपा ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए आठ उम्मीदवारों की घोषणा की है, लेकिन केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को इसमें जगह नहीं मिली। दोनों का राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद मोदी मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा की जिम्मेदारियों में बदलाव की चर्चा भी सामने आई है, हालांकि इन मामलों पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

Oct 05, 2026 - 17:40
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मोदी मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल? दो मंत्रियों को राज्यसभा टिकट नहीं

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 5 अक्टूबर 2026

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। इस सूची में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा का नाम शामिल नहीं है। दोनों नेताओं का वर्तमान राज्यसभा कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होने वाला है। उम्मीदवारों की सूची सामने आने के बाद मोदी मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को टिकट नहीं

भारतीय जनता पार्टी की ओर से उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए जारी आठ नामों में हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को जगह नहीं मिली है। हरदीप सिंह पुरी का वर्तमान राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। वहीं बीएल वर्मा का कार्यकाल भी इसी तारीख को पूरा होने वाला है। दोनों नेताओं को दोबारा राज्यसभा नहीं भेजे जाने के कारण अब उनके केंद्रीय मंत्री पद को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

हरदीप सिंह पुरी का राजनीतिक सफर

हरदीप सिंह पुरी को पहली बार जनवरी 2018 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजा गया था। उस समय मनोहर पर्रिकर के इस्तीफे के बाद राज्यसभा की सीट खाली हुई थी। इसके बाद 26 नवंबर 2020 को उन्हें दोबारा उत्तर प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा भेजा गया। बाद में उन्हें केंद्र सरकार में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली और वर्ष 2024 में उन्हें पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय सौंपा गया।

मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा क्यों तेज हुई

केंद्रीय मंत्रियों के राज्यसभा कार्यकाल और मंत्री पद के बीच सीधा संबंध होने के कारण मौजूदा घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नियम के अनुसार केंद्रीय मंत्री को संसद के किसी एक सदन का सदस्य होना आवश्यक है। ऐसे में यदि किसी मंत्री का कार्यकाल समाप्त हो जाए और उसे दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा जाए, तो उसके मंत्री पद पर बने रहने को लेकर संवैधानिक स्थिति बदल सकती है। इसी वजह से हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को टिकट नहीं मिलने के बाद मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चाएं तेज हुई हैं।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

इससे पहले जून में रवनीत सिंह बिट्टू को राज्यसभा का टिकट नहीं दिया गया था। वहीं कार्यकाल समाप्त होने के बाद जॉर्ज कुरियन ने इस्तीफा दे दिया था। दोनों केंद्रीय मंत्रियों का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हुआ था। इन घटनाओं के बाद से ही केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव को लेकर राजनीतिक अटकलों का दौर चल रहा है।

इन मंत्रियों की जिम्मेदारी भी बदल सकती है

मोदी सरकार में ऐसे दो मंत्री भी हैं जिन्हें हाल में संबंधित राज्यों में भाजपा संगठन की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें पंकज चौधरी उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हैं, जबकि हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया है। भाजपा के एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत को देखते हुए यह संभावना भी जताई जा रही है कि दोनों नेताओं से केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी वापस ली जा सकती है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

आगे क्या हो सकता है

राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि अभी तक सरकार या भाजपा की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा के संबंध में आगे क्या निर्णय लिया जाएगा। इसी तरह पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा की केंद्रीय जिम्मेदारियों को लेकर भी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल सामने आई जानकारियों को राजनीतिक अटकलों के रूप में ही देखा जा रहा है।

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